CBSE OSM टेंडर पर सवाल उठाने वाले झारखंड के छात्र सार्थक सिद्धांत राष्ट्रीय चर्चा में

रांची/बोकारो: झारखंड के युवा छात्र सार्थक सिद्धांत इन दिनों राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बने हुए हैं। कम उम्र में तकनीकी समझ और सार्वजनिक दस्तावेजों के गहन अध्ययन के दम पर उन्होंने Central Board of Secondary Education (CBSE) की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली से जुड़े टेंडर दस्तावेजों पर कई सवाल उठाए हैं।

सार्थक की इस उपलब्धि के पीछे उनके परिवार की शैक्षणिक पृष्ठभूमि भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। उनके पिता डी.के. झा शिक्षा जगत का एक सम्मानित नाम रहे हैं, जिन्होंने वर्षों तक छात्रों का मार्गदर्शन किया। वहीं उनकी माता सरोज प्रिया ने हमेशा उनकी जिज्ञासु सोच और अध्ययन की प्रवृत्ति को प्रोत्साहित किया।

सार्थक ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा बोकारो के DAV विद्यालय से प्राप्त की, जबकि आगे की पढ़ाई रांची के प्रतिष्ठित जवाहर विद्या मंदिर से की। यह वही संस्थान है जहां से पूर्व भारतीय कप्तान Mahendra Singh Dhoni ने भी शिक्षा हासिल की थी।

हाल के महीनों में सार्थक ने CBSE की OSM प्रणाली और उससे जुड़े टेंडर दस्तावेजों का अध्ययन किया। उनका दावा है कि विभिन्न चरणों में टेंडर की कुछ पात्रता शर्तों में बदलाव किए गए, जिनकी पारदर्शिता और प्रभाव को लेकर सवाल उठाए जाने चाहिए।

सार्थक के अनुसार, शुरुआती टेंडर में वित्तीय वर्ष 2021-22 और 2022-23 के आधार पर 50 करोड़ रुपये के टर्नओवर की शर्त शामिल थी। बाद में टेंडर रद्द कर नया टेंडर जारी किया गया, जिसमें पात्रता संबंधी कुछ शर्तों में परिवर्तन देखने को मिले। उनका कहना है कि इन बदलावों के आधार और उनके संभावित प्रभाव पर स्पष्टता आवश्यक है।

सार्थक द्वारा उठाए गए इन मुद्दों ने राष्ट्रीय स्तर पर बहस को जन्म दिया है। उनके शोध और विश्लेषण को गंभीरता से लेते हुए उन्हें संसदीय स्थायी समिति के समक्ष अपनी बात रखने का अवसर भी मिला। विशेषज्ञों का मानना है कि कम उम्र में सार्वजनिक दस्तावेजों का अध्ययन कर संस्थागत प्रक्रियाओं पर सवाल उठाना युवाओं में बढ़ती लोकतांत्रिक जागरूकता का संकेत है।

झारखंड के लिए यह गर्व का विषय माना जा रहा है कि राज्य का एक युवा छात्र राष्ट्रीय विमर्श का हिस्सा बना हुआ है। सार्थक सिद्धांत की कहानी यह दर्शाती है कि तथ्य आधारित अध्ययन और दृढ़ संकल्प के बल पर युवा भी महत्वपूर्ण मुद्दों को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचा सकते हैं।

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