दिल्ली में बढ़ सकता है एकनाथ शिंदे का कद! शिवसेना के 2 सांसदों को मिल सकती है मोदी कैबिनेट में जगह
केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार
केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। सूत्रों के हवाले से ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार के संभावित कैबिनेट विस्तार में शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) के दो सांसदों को केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है। चर्चाओं में सबसे प्रमुख नाम कल्याण से सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे और धाराशिव (उस्मानाबाद) से सांसद ओमराजे निम्बालकर के बताए जा रहे हैं। हालांकि, केंद्र सरकार या भाजपा की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
महाराष्ट्र की राजनीति में पिछले कुछ दिनों से तेजी से बदलते घटनाक्रम के बीच यह चर्चा और भी तेज हो गई है। हाल ही में शिवसेना (UBT) के छह सांसदों के एकनाथ शिंदे गुट के साथ आने के बाद लोकसभा में शिंदे गुट की ताकत बढ़ी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि कैबिनेट विस्तार में शिंदे गुट को अतिरिक्त प्रतिनिधित्व मिलता है तो राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में एकनाथ शिंदे की राजनीतिक स्थिति और मजबूत हो सकती है।
सूत्रों के अनुसार डॉ. श्रीकांत शिंदे का नाम सबसे मजबूत दावेदारों में शामिल माना जा रहा है। उन्हें हाल ही में चर्चा में रहे ‘ऑपरेशन टाइगर’ से जोड़कर भी देखा जा रहा है, जिसके बाद शिवसेना (UBT) के कई सांसद शिंदे गुट के साथ आए। हालांकि इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दलों की अपनी-अपनी व्याख्या है और इसे लेकर आरोप-प्रत्यारोप भी जारी हैं।
ओमराजे निम्बालकर का नाम भी संभावित मंत्रियों की सूची में लगातार चर्चा में बना हुआ है। महाराष्ट्र के राजनीतिक हलकों में यह माना जा रहा है कि यदि शिवसेना को कैबिनेट विस्तार में अतिरिक्त स्थान मिलता है तो उन्हें भी जिम्मेदारी मिल सकती है। हाल के दिनों में उनके बयानों और राजनीतिक गतिविधियों ने भी इन अटकलों को और हवा दी है।
इस बीच महाराष्ट्र सरकार के मंत्री गुलाबराव पाटिल ने भी संकेत दिए हैं कि राज्य की राजनीति में जल्द ही एक और बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिल सकता है। उन्होंने दावा किया कि भविष्य में शिवसेना (UBT) के कुछ और विधायक भी शिंदे गुट के साथ आ सकते हैं। हालांकि इस संबंध में भी अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। विभिन्न दलों के नेताओं की ओर से इन दावों पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि कैबिनेट विस्तार में शिंदे गुट के दो सांसदों को मंत्री बनाया जाता है तो इसका असर केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि महाराष्ट्र की राजनीति पर भी इसका सीधा प्रभाव पड़ेगा। इससे एकनाथ शिंदे की संगठनात्मक पकड़ मजबूत हो सकती है और एनडीए के भीतर उनकी भूमिका पहले से अधिक प्रभावशाली बन सकती है।
हालांकि यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि फिलहाल पूरा मामला अटकलों और सूत्रों पर आधारित है। केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार की तारीख, संभावित मंत्रियों के नाम या विभागों को लेकर सरकार की ओर से अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में अंतिम फैसला प्रधानमंत्री और भाजपा नेतृत्व की घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा।
फिलहाल महाराष्ट्र और दिल्ली दोनों की राजनीतिक निगाहें संभावित कैबिनेट विस्तार पर टिकी हुई हैं। यदि इन चर्चाओं पर मुहर लगती है तो यह एकनाथ शिंदे गुट के लिए बड़ी राजनीतिक उपलब्धि मानी जाएगी और राज्य की सियासत में नए समीकरण देखने को मिल सकते हैं।
महाराष्ट्र की राजनीति में पिछले कुछ दिनों से तेजी से बदलते घटनाक्रम के बीच यह चर्चा और भी तेज हो गई है। हाल ही में शिवसेना (UBT) के छह सांसदों के एकनाथ शिंदे गुट के साथ आने के बाद लोकसभा में शिंदे गुट की ताकत बढ़ी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि कैबिनेट विस्तार में शिंदे गुट को अतिरिक्त प्रतिनिधित्व मिलता है तो राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में एकनाथ शिंदे की राजनीतिक स्थिति और मजबूत हो सकती है।

