स्कूल में छेड़छाड़ से तंग आकर अभिनेत्री कयादु लोहार ने उठाया था बड़ा कदम, सालों बाद सुनाया किस्सा

कयादु लोहार छेड़छाड़ खुलासा

कयादु लोहार छेड़छाड़ खुलासा इन दिनों सोशल मीडिया और मनोरंजन जगत में चर्चा का विषय बना हुआ है। साउथ फिल्म इंडस्ट्री की लोकप्रिय अभिनेत्री कयादु लोहार ने अपने स्कूल के दिनों का एक ऐसा अनुभव साझा किया है, जिसने कई लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। अभिनेत्री ने बताया कि जब वह दसवीं कक्षा में पढ़ाई कर रही थीं, तब ट्यूशन आने-जाने के दौरान कुछ लड़के लगातार उनका पीछा करते थे और उन्हें परेशान करते थे। शुरुआत में उन्होंने इन घटनाओं को नजरअंदाज किया, लेकिन जब यह सिलसिला लंबे समय तक जारी रहा तो उन्होंने इसका विरोध करने का फैसला किया। अभिनेत्री का कहना है कि किसी भी तरह के उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाना जरूरी है, हालांकि हिंसा किसी समस्या का समाधान नहीं हो सकती।

पॉडकास्ट में साझा किया पुराना अनुभव

अपनी आगामी तमिल फिल्म ‘इधयम मुरली’ के प्रमोशन के दौरान कयादु लोहार एक पॉडकास्ट में शामिल हुईं। इसी बातचीत के दौरान उन्होंने अपने स्कूल के दिनों की इस घटना का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उस समय वह दसवीं कक्षा में पढ़ती थीं और रोज ट्यूशन के लिए जाती थीं।

अभिनेत्री के अनुसार, कुछ लड़के रोज उनका पीछा करते थे। शुरुआत में उन्होंने सोचा कि यदि वे कोई प्रतिक्रिया नहीं देंगी तो शायद यह सब अपने आप बंद हो जाएगा। हालांकि, ऐसा नहीं हुआ और लड़कों की हरकतें लगातार जारी रहीं।

जब टूट गया धैर्य

कयादु लोहार ने बताया कि कई दिनों तक परेशान होने के बाद एक दिन उनका धैर्य जवाब दे गया। इसके बाद उन्होंने गुस्से में सड़क से एक पत्थर उठाया और पीछा कर रहे एक युवक की ओर फेंक दिया।

उन्होंने बताया कि पत्थर युवक के सिर पर लगा, जिससे उसे चोट आई। अभिनेत्री ने माना कि उस समय उनका गुस्सा बहुत ज्यादा था। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि किसी को चोट पहुंचाना सही तरीका नहीं था। उनका कहना है कि आज जब वह उस घटना को याद करती हैं तो उन्हें लगता है कि हिंसा से बचना चाहिए।

युवतियों को दिया अहम संदेश

कयादु लोहार ने इस अनुभव को साझा करते हुए युवतियों के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि यदि कोई लड़की किसी भी तरह की छेड़छाड़, उत्पीड़न या गलत व्यवहार का सामना कर रही है तो उसे चुप नहीं रहना चाहिए।

इसके बजाय, परिवार, शिक्षकों या संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना जरूरी है, लेकिन ऐसा हमेशा सुरक्षित और कानूनी तरीके से किया जाना चाहिए। उनका मानना है कि समाज में जागरूकता बढ़ने से ऐसी घटनाओं में कमी लाई जा सकती है।

सोशल मीडिया पर हो रही चर्चा

अभिनेत्री का यह बयान सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसकी काफी चर्चा हो रही है। कई लोगों ने उनके साहस की सराहना की है। वहीं, कुछ लोगों ने इस बात पर भी जोर दिया कि ऐसी परिस्थितियों में कानूनी और सुरक्षित रास्ता अपनाना सबसे बेहतर विकल्प होता है।

वहीं, कई यूजर्स ने महिलाओं की सुरक्षा और स्कूल-कॉलेज के आसपास होने वाली छेड़छाड़ की घटनाओं पर चिंता भी जताई है। लोगों का कहना है कि समाज में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की जरूरत है।

कयादु लोहार का फिल्मी सफर

कयादु लोहार ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत 2021 में कन्नड़ फिल्म ‘मुगिलपेटे’ से की थी। इसके बाद उन्होंने दक्षिण भारतीय सिनेमा की कई फिल्मों में काम किया और धीरे-धीरे अपनी पहचान बनाई।

उन्हें सबसे ज्यादा लोकप्रियता 2025 में रिलीज हुई तमिल फिल्म ‘ड्रैगन’ से मिली। इस फिल्म में उनके अभिनय की काफी सराहना हुई। इसके बाद वह तमिल और तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री में लगातार सक्रिय हैं।

नई फिल्म को लेकर उत्साहित

इन दिनों कयादु लोहार अपनी नई तमिल फिल्म ‘इधयम मुरली’ के प्रमोशन में व्यस्त हैं। यह फिल्म 10 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। फिल्म की रिलीज से पहले वह कई इंटरव्यू और पॉडकास्ट में हिस्सा ले रही हैं।

इसी दौरान उन्होंने अपने जीवन से जुड़ा यह पुराना अनुभव साझा किया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कई लोग इसे महिलाओं की सुरक्षा और आत्मविश्वास से जोड़कर देख रहे हैं।

क्या सीख मिलती है?

कयादु लोहार की यह कहानी केवल एक व्यक्तिगत अनुभव नहीं है, बल्कि यह एक सामाजिक संदेश भी देती है। किसी भी तरह की छेड़छाड़ या उत्पीड़न को सामान्य मानकर चुप रहना समस्या का समाधान नहीं है। वहीं, प्रतिक्रिया भी हमेशा सोच-समझकर और कानून के दायरे में रहकर देनी चाहिए।

आज महिलाओं की सुरक्षा को लेकर जागरूकता पहले की तुलना में काफी बढ़ी है। ऐसे में यदि किसी के साथ गलत व्यवहार होता है तो उसे परिवार, पुलिस या संबंधित संस्थानों की मदद लेनी चाहिए। कुल मिलाकर, कयादु लोहार का यह बयान लोगों को यह सोचने पर मजबूर करता है कि समाज में महिलाओं के लिए सुरक्षित माहौल बनाना सभी की जिम्मेदारी है। साथ ही यह भी जरूरी है कि हर व्यक्ति कानून और सामाजिक जिम्मेदारियों का सम्मान करते हुए अन्याय के खिलाफ आवाज उठाए।

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