Tamil Nadu Politics: AIADMK को बड़ा झटका! 10 और विधायक छोड़ सकते हैं पार्टी, TVK बहुमत के करीब
Tamil Nadu Politics: तमिलनाडु की राजनीति में एक बार फिर बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आने की चर्चा है। राज्य की प्रमुख विपक्षी पार्टी AIADMK के कई विधायकों के पार्टी छोड़ने की अटकलों ने सियासी हलचल तेज कर दी है। सूत्रों के अनुसार, करीब 10 विधायक 15 अगस्त से पहले अपने पद से इस्तीफा देकर मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की पार्टी तमिलगा वेत्रि कड़गम (TVK) का दामन थाम सकते हैं। यदि ऐसा होता है तो राज्य की राजनीतिक तस्वीर में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
Tamil Nadu Politics से जुड़ी चर्चाओं के बीच बताया जा रहा है कि इस पूरी रणनीति को पार्टी के भीतर ‘ऑपरेशन एल’ नाम दिया गया है। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि संभावित इस्तीफे चुनाव आयोग द्वारा उपचुनाव की घोषणा से पहले कराए जा सकते हैं। इसके पीछे उद्देश्य यह माना जा रहा है कि इस्तीफा देने वाले नेता TVK के टिकट पर दोबारा चुनाव मैदान में उतरें और नया जनादेश प्राप्त करें।
बीते कुछ समय में AIADMK के कई नेताओं और पूर्व मंत्रियों के TVK में शामिल होने की खबरें सामने आ चुकी हैं। ऐसे में यदि 10 और विधायक पार्टी छोड़ते हैं, तो यह AIADMK के लिए एक बड़ा राजनीतिक झटका माना जाएगा। साथ ही मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की पार्टी का विधानसभा में राजनीतिक प्रभाव और मजबूत हो सकता है।
234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा में फिलहाल सात सीटें खाली बताई जा रही हैं। मौजूदा राजनीतिक स्थिति में TVK के पास 107 विधायक होने की चर्चा है। यदि प्रस्तावित संख्या में विधायक पार्टी में शामिल होते हैं, तो विधानसभा में TVK बहुमत के आंकड़े के और करीब पहुंच सकती है। हालांकि संभावित इस्तीफों और दल-बदल को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावों को देखते हुए तमिलनाडु में राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। विभिन्न दल अपने संगठन को मजबूत करने और प्रभावशाली नेताओं को साथ जोड़ने की कोशिश में जुटे हैं। ऐसे में दल-बदल की चर्चाओं ने राज्य की राजनीति को और अधिक दिलचस्प बना दिया है।
दूसरी ओर AIADMK के कुछ असंतुष्ट नेताओं ने पार्टी नेतृत्व की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि संगठन में निर्णय लेने की प्रक्रिया केंद्रीकृत हो गई है और कई नेताओं की बातों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया जा रहा। हालांकि पार्टी नेतृत्व की ओर से इन आरोपों पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
विपक्षी दलों ने पूरे घटनाक्रम को लेकर भी सवाल उठाए हैं। कुछ नेताओं ने इसे ‘हॉर्स-ट्रेडिंग’ और ‘पॉलिटिकल वाशिंग मशीन’ जैसे शब्दों से जोड़ते हुए राजनीतिक नैतिकता पर प्रश्न खड़े किए हैं। उनका कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनप्रतिनिधियों के लगातार दल बदलने से मतदाताओं का भरोसा प्रभावित हो सकता है।
वहीं TVK ने इन आरोपों को खारिज किया है। पार्टी का कहना है कि यदि कोई विधायक पार्टी में शामिल होना चाहता है तो पहले उसे अपने पद से इस्तीफा देकर जनता के बीच जाना चाहिए और नया जनादेश प्राप्त करना चाहिए। पार्टी ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा बताया है।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में तमिलनाडु की राजनीति पर सभी की नजर बनी रहेगी। यदि संभावित इस्तीफे होते हैं तो विधानसभा का गणित बदल सकता है और राज्य की राजनीति में नई दिशा देखने को मिल सकती है। फिलहाल सभी की निगाहें AIADMK, TVK और चुनाव आयोग से जुड़े अगले घटनाक्रम पर टिकी हुई हैं।

