Asian Games 2026: भारत के 768 सदस्यीय दल को मिली मंजूरी, नीरज चोपड़ा नहीं होंगे टीम का हिस्सा
Asian Games 2026: भारत के 768 सदस्यीय दल को मिली मंजूरी, नीरज चोपड़ा नहीं होंगे टीम का हिस्सा
नई दिल्ली। जापान के आइची-नागोया में 19 सितंबर से शुरू होने वाले 20वें एशियाई खेलों को लेकर भारत की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। खेल मंत्रालय ने एशियाई खेलों के लिए भारत के अंतिम दल को मंजूरी दे दी है। इस बार भारत की ओर से कुल 768 सदस्यीय दल प्रतियोगिता में हिस्सा लेगा। इसमें 503 खिलाड़ी और 246 टीम अधिकारी एवं सहयोगी स्टाफ शामिल हैं। एशियाई खेलों का आयोजन 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक किया जाएगा।
खेल मंत्रालय की ओर से जारी अंतिम सूची में खिलाड़ियों की संख्या पहले के मुकाबले बढ़ाई गई है। इससे पहले मंत्रालय ने 492 खिलाड़ियों के नामों को मंजूरी दी थी। बाद में मुख्य रूप से एथलेटिक्स दल में कुछ और खिलाड़ियों को शामिल किया गया, जिसके बाद खिलाड़ियों की कुल संख्या बढ़कर 503 हो गई। भारतीय दल में 19 प्रमुख अधिकारी भी शामिल हैं।
दल की जिम्मेदारी सहदेव यादव को दी गई है, जो दल प्रमुख के रूप में भारतीय टीम का नेतृत्व करेंगे। वहीं डॉ. दिनशॉ पारदीवाला को मुख्य चिकित्सा अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। भारतीय दल इस बार कुल 36 खेलों में अपनी चुनौती पेश करेगा और कई खेलों में भारत से पदक की उम्मीद की जा रही है।
एथलेटिक्स में बड़ा दल, नीरज चोपड़ा बाहर
भारतीय दल में एथलेटिक्स सबसे बड़े समूहों में से एक है। एथलेटिक्स दल में कुल 79 खिलाड़ियों को शामिल किया गया है, जबकि इनके साथ 31 सहयोगी स्टाफ को मंजूरी दी गई है। इस टीम में 20 कोच भी शामिल हैं। एथलेटिक्स दल की कमान राष्ट्रीय कोच पी. राधाकृष्णन के हाथों में होगी।
हालांकि भारतीय एथलेटिक्स के लिए एक बड़ा झटका यह है कि स्टार भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा एशियाई खेलों में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। चोट के कारण उनका नाम भारतीय दल में शामिल नहीं किया गया है। नीरज चोपड़ा की गैरमौजूदगी से भाला फेंक स्पर्धा में भारत की चुनौती पर असर पड़ सकता है।
नीरज लंबे समय से भारत के सबसे बड़े ट्रैक एंड फील्ड सितारों में शामिल रहे हैं। ऐसे में एशियाई खेलों में उनकी कमी भारतीय खेल प्रशंसकों को जरूर महसूस होगी।
क्रिकेट टीमों की अगुवाई करेंगे वीवीएस लक्ष्मण
एशियाई खेलों में भारत की पुरुष और महिला क्रिकेट टीमें भी हिस्सा लेंगी। दोनों टीमों के लिए कुल 20 सहयोगी स्टाफ को मंजूरी दी गई है। इनकी अगुवाई पूर्व भारतीय क्रिकेटर और राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी से जुड़े रहे वीवीएस लक्ष्मण करेंगे।
क्रिकेट के एशियाई खेलों में शामिल होने से भारतीय प्रशंसकों की दिलचस्पी भी काफी बढ़ी है। दोनों भारतीय टीमों से मजबूत प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।
शूटिंग में मनु भाकर समेत कई बड़े नाम
निशानेबाजी भारत के लिए हमेशा से एशियाई खेलों में पदक दिलाने वाला महत्वपूर्ण खेल रहा है। इस बार भी भारतीय शूटिंग टीम में कई बड़े नाम शामिल किए गए हैं।
दो बार की ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर भारतीय दल की प्रमुख खिलाड़ियों में होंगी। उनके साथ सुरুচि सिंह, एलावेनिल वलारिवन और ईशा सिंह जैसे प्रतिभाशाली निशानेबाज भी टीम में शामिल हैं। इन खिलाड़ियों से भारत को कई स्पर्धाओं में पदक की उम्मीद होगी।
भारोत्तोलन में मीराबाई चानू पर नजर
भारोत्तोलन में भारत की सबसे बड़ी उम्मीदों में मीराबाई चानू का नाम शामिल है। उनके साथ ज्ञानेश्वरी देवी भी भारतीय चुनौती पेश करेंगी। मीराबाई चानू का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार रिकॉर्ड रहा है और एशियाई खेलों में उनके प्रदर्शन पर सभी की नजर रहेगी।
बैडमिंटन में बड़े सितारों की मौजूदगी
बैडमिंटन टीम में भी भारत ने अपने कई बड़े खिलाड़ियों को शामिल किया है। टीम में ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू, स्टार पुरुष खिलाड़ी लक्ष्य सेन, आयुष शेट्टी और पुरुष युगल की मजबूत जोड़ी सात्विक साईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी जैसे नाम शामिल हैं।
सात्विक और चिराग की जोड़ी पिछले कुछ वर्षों में विश्व बैडमिंटन में भारत की सबसे मजबूत जोड़ियों में रही है। ऐसे में उनसे एशियाई खेलों में भी शानदार प्रदर्शन की उम्मीद की जाएगी।
बॉक्सिंग में भी मजबूत भारतीय चुनौती
मुक्केबाजी में भारत की ओर से लवलीना बोरगोहेन, नरेंद्र बेरवाल और जादूमणि सिंह जैसे खिलाड़ियों को टीम में जगह दी गई है। भारतीय मुक्केबाजों से भी कई पदक जीतने की उम्मीद रहेगी।
हालांकि टीम चयन के दौरान कुछ खिलाड़ियों के डोपिंग उल्लंघन से जुड़े मामलों के कारण कुछ नामों को अंतिम सूची से हटाया गया है। इसके चलते कुछ खेलों की टीम संख्या पर भी असर पड़ा है।
भारत की नजर पदकों पर
आइची-नागोया एशियाई खेलों में भारत की कोशिश पिछले आयोजनों के प्रदर्शन को और बेहतर करने की होगी। भारत कई खेलों में मजबूत खिलाड़ियों के साथ उतर रहा है। शूटिंग, एथलेटिक्स, बैडमिंटन, मुक्केबाजी, भारोत्तोलन और क्रिकेट जैसे खेलों पर खास नजर रहेगी।
503 खिलाड़ियों वाला भारतीय दल विभिन्न स्पर्धाओं में देश का प्रतिनिधित्व करेगा। नीरज चोपड़ा जैसे बड़े खिलाड़ी की अनुपस्थिति जरूर चुनौती है, लेकिन मनु भाकर, मीराबाई चानू, पीवी सिंधू, लक्ष्य सेन और सात्विक-चिराग जैसे अनुभवी खिलाड़ियों की मौजूदगी से भारतीय दल को मजबूती मिलेगी।
19 सितंबर से शुरू होने वाले इन एशियाई खेलों में भारत के खिलाड़ी पदक तालिका में अपनी स्थिति मजबूत करने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरेंगे। 4 अक्टूबर को प्रतियोगिता के समापन तक भारतीय खेल प्रशंसकों की नजर देश के प्रदर्शन और पदक जीतने वाले खिलाड़ियों पर बनी रहेगी।

