Moushumi Chatterjee: बॉयफ्रेंड रखो, लेकिन शादी जरूरी नहीं… मौसमी चटर्जी ने लड़कियों को दी ‘सेल्फिश’ सलाह

Moushumi Chatterjee: बॉयफ्रेंड रखो, लेकिन शादी जरूरी नहीं… मौसमी चटर्जी ने लड़कियों को दी ‘सेल्फिश’ सलाह

बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री मौसमी चटर्जी एक बार फिर अपने बेबाक अंदाज और खुलकर अपनी बात रखने की वजह से चर्चा में हैं। इस बार उन्होंने रिश्तों, प्यार और शादी को लेकर ऐसी सलाह साझा की है, जिसने सोशल मीडिया और फिल्मी गलियारों में लोगों का ध्यान खींचा है। मौसमी चटर्जी ने अपनी बेटी को सलाह देते हुए कहा कि अगर किसी लड़की का बॉयफ्रेंड है तो इसका मतलब यह जरूरी नहीं कि उसे उसी व्यक्ति से शादी भी करनी पड़े।

मौसमी चटर्जी ने यह बात जागरण फिल्म फेस्टिवल 2026 में नयनदीप रक्षित के साथ बातचीत के दौरान कही। उन्होंने अपनी बेटी मेघा मुखर्जी को दी गई सलाह का जिक्र करते हुए कहा कि रिश्ते और शादी दो अलग-अलग फैसले हैं और किसी रिश्ते में होने की वजह से शादी करना जरूरी नहीं है।

‘बॉयफ्रेंड हो सकता है, लेकिन शादी जरूरी नहीं’

मौसमी चटर्जी ने अपनी बेटी को दी सलाह के बारे में बात करते हुए कहा कि वह उससे कहती हैं कि उसका बॉयफ्रेंड हो सकता है, लेकिन जरूरी नहीं कि उसे उसी व्यक्ति से शादी करनी ही पड़े।

उनका कहना है कि आज के दौर में लड़कियों को अपने फैसले खुद लेने चाहिए और सिर्फ सामाजिक अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए कोई बड़ा फैसला नहीं लेना चाहिए। मौसमी ने महिलाओं से खुद को प्राथमिकता देने और थोड़ा ‘सेल्फिश’ तथा ‘सेल्फ-सेंटर्ड’ होने की बात भी कही।

उनकी इस बात का संदर्भ यह था कि बदलते समय के साथ रिश्तों और परिवार को लेकर सोच भी बदलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी काफी तनाव में है और कई बार दूसरों को खुश करने या कुछ साबित करने की कोशिश में खुद के लिए समय नहीं निकाल पाती।

बेटियों से उम्मीदें ज्यादा, बेटों को लेकर सोच अलग क्यों?

मौसमी चटर्जी ने बातचीत के दौरान परिवार और समाज में महिलाओं से जुड़ी पारंपरिक अपेक्षाओं पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि अक्सर बेटियों को शादी के बाद ससुराल संभालने और घर के कामकाज की जिम्मेदारी निभाने के लिए तैयार किया जाता है, जबकि बेटों को समान रूप से घरेलू जिम्मेदारियों के लिए तैयार नहीं किया जाता।

मौसमी के मुताबिक, बदलते दौर में इस सोच पर दोबारा विचार करने की जरूरत है। उनका कहना है कि आज की युवा पीढ़ी को अपने जीवन में संतुलन और व्यक्तिगत समय की भी जरूरत है।

उन्होंने यह भी कहा कि लोगों को सिर्फ दूसरों को कुछ साबित करने के लिए फैसले नहीं लेने चाहिए। जिंदगी में गलतियां होना सामान्य है, लेकिन उनसे सीखना और एक ही गलती को बार-बार न दोहराना महत्वपूर्ण है।

खुद कम उम्र में हुई थी मौसमी चटर्जी की शादी

मौसमी चटर्जी की अपनी जिंदगी का अनुभव भी इस सलाह से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कम उम्र में शादी की थी। वह फिल्मी करियर की शुरुआत के बाद काफी कम उम्र में जयंत मुखर्जी से शादी के बंधन में बंध गई थीं। जयंत मुखर्जी मशहूर गायक-संगीतकार हेमंत कुमार के बेटे हैं।

मौसमी ने पहले भी अपनी कम उम्र में हुई शादी और मातृत्व के अनुभवों के बारे में बात की है। ऐसे में अब जब वह अपनी बेटी को रिश्ते और शादी के फैसले को लेकर सोच-समझकर आगे बढ़ने की सलाह देती हैं, तो उनकी बात उनके अपने जीवन के अनुभवों से भी जुड़ी हुई नजर आती है।

70 साल की उम्र में भी बेबाक अंदाज

मौसमी चटर्जी ने बातचीत में अपनी उम्र और जिंदगी के अनुभवों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वह 70 साल की हो चुकी हैं और अब मानती हैं कि इंसान को वही करना चाहिए जो उसे पसंद है, लेकिन किसी भी चीज को हद से आगे नहीं ले जाना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि अगर जिंदगी में कोई गलती हो जाए तो उससे सीखना चाहिए और उसे दोहराना नहीं चाहिए। उनका मानना है कि इंसान गलतियों से सीखकर अपनी जिंदगी को बेहतर तरीके से आगे बढ़ा सकता है।

‘दूसरों को कुछ साबित करने के लिए मत जियो’

मौसमी चटर्जी की सलाह का एक बड़ा हिस्सा इस बात पर केंद्रित था कि महिलाओं को दूसरों की अपेक्षाओं के हिसाब से अपनी जिंदगी नहीं जीनी चाहिए। उन्होंने युवाओं को यह संदेश दिया कि सिर्फ यह सोचकर कोई फैसला न लें कि लोग उनके बारे में क्या कहेंगे।

उन्होंने अपनी बातचीत में यह भी कहा कि आज के दौर में बदलाव आ चुका है और लोगों को अपने जीवन को अपनी पसंद और जरूरतों के हिसाब से समझने की कोशिश करनी चाहिए। उनके मुताबिक, खुद के बारे में सोचना हमेशा स्वार्थी होना नहीं है।

अमिताभ बच्चन के साथ भी किया काम

मौसमी चटर्जी ने हिंदी सिनेमा में कई बड़े कलाकारों के साथ काम किया है। 1970 के दशक में वह हिंदी फिल्मों की चर्चित अभिनेत्रियों में शामिल थीं। उनके करियर में अनुराग, रोटी कपड़ा और मकान, बेनाम, स्वर्ग नरक, मंजिल, अंगूर और स्वयंवर जैसी फिल्में शामिल हैं। उन्होंने अमिताभ बच्चन, राजेश खन्ना, धर्मेंद्र, जितेंद्र, विनोद खन्ना और संजीव कुमार जैसे बड़े कलाकारों के साथ भी काम किया।

अमिताभ बच्चन के साथ पर्दे पर उनकी जोड़ी को भी दर्शकों ने पसंद किया था। हालांकि मौसमी चटर्जी की पहचान सिर्फ किसी एक अभिनेता के साथ उनकी ऑन-स्क्रीन जोड़ी तक सीमित नहीं रही, बल्कि उन्होंने बंगाली और हिंदी दोनों सिनेमा में लंबा करियर बनाया।

मौसमी चटर्जी की सलाह पर चर्चा

मौसमी चटर्जी के बयान के सामने आने के बाद उनकी सलाह को लेकर सोशल मीडिया पर भी चर्चा हो रही है। उनकी बात का मुख्य संदेश यह है कि प्यार और शादी को एक ही फैसला मानने के बजाय दोनों को अलग-अलग नजरिए से देखा जा सकता है।

उनकी सलाह में व्यक्तिगत पसंद, आत्मनिर्भरता और अपने फैसलों की जिम्मेदारी लेने पर जोर दिखाई देता है। वहीं शादी जैसे बड़े फैसले को लेकर उन्होंने जल्दबाजी से बचने और अपनी जिंदगी को समझने की बात कही है।

मौसमी चटर्जी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब युवा पीढ़ी रिश्तों, करियर और शादी को लेकर पारंपरिक सोच से अलग अपने विकल्पों पर खुलकर बात कर रही है। यही वजह है कि उनका यह बयान सामने आते ही चर्चा का विषय बन गया।

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