Lalbaugcha Raja Visarjan में देरी, Low Tide के कारण रुकी बप्पा की विदाई; High Tide का इंतजार

Lalbaugcha Raja Visarjan में देरी, Low Tide के कारण रुकी बप्पा की विदाई; High Tide का इंतजार

मुंबई में गणेश विसर्जन का उत्सव पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। इसी बीच लाखों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े लालबाग के राजा की विदाई यात्रा अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच गई है। हालांकि, समुद्र में Low Tide के कारण लालबाग के राजा के विसर्जन में देरी हो रही है। करीब 20 घंटे का सफर तय करने के बाद शनिवार सुबह 8 बजकर 30 मिनट पर लालबाग के राजा की झांकी गिरगांव चौपाटी पहुंची। अब प्रशासन और गणेश मंडल के सदस्य समुद्र में High Tide का इंतजार कर रहे हैं।

Low Tide के कारण रुकी विसर्जन प्रक्रिया

लालबाग के राजा की विशाल प्रतिमा को सुरक्षित तरीके से समुद्र में विसर्जित करने के लिए पर्याप्त जलस्तर जरूरी है। शनिवार सुबह 5 बजकर 22 मिनट पर समुद्र में Low Tide आई थी। उस समय समुद्र में पानी का स्तर करीब 0.97 मीटर दर्ज किया गया। पानी का स्तर कम होने के कारण प्रतिमा को तराफे पर चढ़ाकर गहरे समुद्र तक ले जाना मुश्किल है। इसी वजह से फिलहाल विसर्जन की प्रक्रिया रोक दी गई है।

लालबाग के राजा की प्रतिमा काफी विशाल होने के कारण प्रशासन और मंडल के सदस्य समुद्र की स्थिति को ध्यान में रखते हुए हर कदम सावधानी से उठा रहे हैं। प्रतिमा को गहरे समुद्र तक ले जाने के लिए समुद्र में पर्याप्त पानी होना जरूरी है। यही वजह है कि High Tide का इंतजार किया जा रहा है।

High Tide के बाद शुरू हो सकती है प्रक्रिया

मौसम विभाग की जानकारी के मुताबिक शनिवार सुबह करीब 11 बजे समुद्र में High Tide आने की संभावना है। इसके बाद लालबाग के राजा की प्रतिमा को तराफे पर चढ़ाने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। ऐसे में दोपहर करीब 12 बजे से 1 बजे के बीच वास्तविक विसर्जन होने की संभावना जताई जा रही है।

इस दौरान गिरगांव चौपाटी पर अन्य बड़ी गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन जारी है। वहीं लालबाग के राजा के अंतिम दर्शन और विसर्जन को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु चौपाटी पर मौजूद हैं। भक्तों की नजर अब बप्पा की अंतिम विदाई पर टिकी हुई है।

गिरगांव चौपाटी पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

लालबाग के राजा की विदाई यात्रा मुंबई के गणेशोत्सव का सबसे प्रमुख आकर्षण मानी जाती है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु बप्पा के अंतिम दर्शन के लिए गिरगांव चौपाटी पहुंच रहे हैं। यात्रा के दौरान जगह-जगह भक्तों की भीड़ देखने को मिली।

गिरगांव चौपाटी पहुंचने के बाद अब प्रतिमा के सुरक्षित विसर्जन की जिम्मेदारी प्रशासन और गणेश मंडल के सदस्यों पर है। समुद्र में पानी का स्तर बढ़ने के बाद ही प्रतिमा को तराफे के जरिए आगे ले जाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

पिछले साल भी हुई थी विसर्जन में देरी

लालबाग के राजा के विसर्जन में समुद्र की स्थिति के कारण देरी होना कोई नई बात नहीं है। पिछले साल यानी 2025 में भी विसर्जन प्रक्रिया में काफी समय लगा था। 2025 में लालबाग के राजा की विसर्जन यात्रा सुबह करीब 7 बजकर 30 मिनट पर गिरगांव चौपाटी पहुंची थी।

इसके बाद समुद्र की स्थिति को देखते हुए विसर्जन प्रक्रिया में बदलाव करना पड़ा था। रिपोर्ट के मुताबिक करीब 33 से 34 घंटे बाद लालबाग के राजा का विसर्जन पूरा हो सका था। इस साल भी प्रशासन समुद्र की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है, ताकि प्रतिमा का विसर्जन सुरक्षित तरीके से किया जा सके।

भक्तों को बप्पा की अंतिम विदाई का इंतजार

लालबाग के राजा के विसर्जन को लेकर श्रद्धालुओं में उत्सुकता बनी हुई है। समुद्र में High Tide आने के बाद प्रतिमा को गहरे पानी में ले जाने की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। प्रशासन और मंडल के सदस्य जलस्तर, समुद्र की स्थिति और सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार नजर रख रहे हैं।

लाखों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े लालबाग के राजा की विदाई यात्रा अब अपने अंतिम चरण में है। Low Tide के कारण कुछ समय के लिए विसर्जन रुका हुआ है, लेकिन High Tide के बाद प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद है। भक्त बेसब्री से उस पल का इंतजार कर रहे हैं, जब गणपति बप्पा मोरया के जयकारों के बीच लालबाग के राजा को अंतिम विदाई दी जाएगी।

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