Alisha Chinai QSQT Audition: आमिर खान की हीरोइन बनते-बनते रह गईं अलीशा
Alisha Chinai QSQT Audition: आमिर खान की हीरोइन बनते-बनते रह गईं अलीशा
Alisha Chinai QSQT Audition: आमिर खान की हीरोइन बनते-बनते रह गईं अलीशा
‘कयामत से कयामत तक’ के लिए दिया था ऑडिशन, आमिर खान संग की थी डायलॉग रिहर्सल; फाइनल ऑडिशन से खुद पीछे हटने का आज भी है अफसोस
आमिर खान की हीरोइन बनना चाहती थीं अलीशा चिनॉय
Alisha Chinai QSQT Audition: बॉलीवुड की मशहूर सिंगर अलीशा चिनॉय ने अपने करियर से जुड़ा एक ऐसा किस्सा साझा किया है, जिसने फिल्म इंडस्ट्री के एक पुराने दिलचस्प राज को सामने ला दिया है। अलीशा ने बताया कि वह कभी आमिर खान की फिल्म ‘कयामत से कयामत तक’ (QSQT) में उनकी हीरोइन बनना चाहती थीं। इतना ही नहीं, उन्होंने फिल्म के लिए ऑडिशन भी दिया था और आमिर खान के साथ डायलॉग्स की रिहर्सल तक की थी।
हालांकि, कहानी उस वक्त बदल गई जब अलीशा ने फिल्म के फाइनल ऑडिशन में शामिल होने से इनकार कर दिया। उनका कहना है कि ऑडिशन के दौरान उन्हें फिल्मी अभिनय का तरीका काफी बनावटी लगा और उन्हें महसूस हुआ कि वह अभिनेत्री के तौर पर सहज नहीं रह पाएंगी। इसी वजह से उन्होंने एक्टिंग को छोड़कर अपना पूरा ध्यान सिंगिंग करियर पर लगाने का फैसला किया।
एक्टिंग में भी करियर बनाना चाहती थीं अलीशा
अलीशा चिनॉय अपनी आवाज और पॉप म्यूजिक के लिए जानी जाती हैं। लेकिन एक समय ऐसा भी था जब वह सिंगिंग के साथ-साथ फिल्मों में अभिनय करने का सपना देख रही थीं।
एक पॉडकास्ट में अपने पुराने दिनों को याद करते हुए अलीशा ने बताया कि उन्हें ‘कयामत से कयामत तक’ में आमिर खान के अपोजिट काम करने का मौका मिल सकता था। फिल्म के लिए उन्होंने ऑडिशन दिया और आमिर के साथ कुछ सीन्स और डायलॉग्स की रिहर्सल भी की।
उस समय अलीशा को लगा था कि शायद एक्टिंग उनके करियर का दूसरा रास्ता बन सकती है। लेकिन ऑडिशन की प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ ही उनका नजरिया बदलने लगा।
आमिर खान के साथ की थी रिहर्सल
अलीशा के खुलासे का सबसे दिलचस्प हिस्सा यह है कि उन्होंने फिल्म के लिए सिर्फ शुरुआती स्तर का ऑडिशन नहीं दिया था, बल्कि आमिर खान के साथ डायलॉग्स की रिहर्सल भी की थी।
इस दौरान उन्होंने एक्टिंग की प्रक्रिया को करीब से महसूस किया। लेकिन उन्हें लगा कि कैमरे के सामने जिस तरह से अभिनय करना पड़ रहा था, उसमें वह स्वाभाविक नहीं रह पा रही थीं।
अलीशा के मुताबिक, उन्हें लगा कि वह अभिनय करते हुए खुद जैसी सहज नहीं रह पाएंगी। इसी अनुभव के बाद उन्होंने फाइनल ऑडिशन में हिस्सा नहीं लेने का फैसला किया।
जूही चावला भी दे रही थीं ऑडिशन
अलीशा ने यह भी बताया कि उस समय फिल्म की हीरोइन के रोल के लिए जूही चावला भी ऑडिशन दे रही थीं। बाद में यही भूमिका जूही चावला को मिली और ‘कयामत से कयामत तक’ उनके करियर की बेहद महत्वपूर्ण फिल्मों में शामिल हो गई।
फिल्म में आमिर खान और जूही चावला की जोड़ी दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय हुई। फिल्म की सफलता ने दोनों कलाकारों को हिंदी सिनेमा में अलग पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अलीशा का कहना है कि उस समय फाइनल ऑडिशन से पीछे हटना उनका अपना फैसला था, लेकिन बाद में उन्होंने महसूस किया कि शायद उन्होंने एक बड़ा मौका गंवा दिया।
फाइनल ऑडिशन से पीछे हटने पर आमिर हुए थे नाराज
अलीशा के मुताबिक, फाइनल ऑडिशन में शामिल नहीं होने के उनके फैसले से आमिर खान नाराज हुए थे। उस समय शायद उन्हें यह अंदाजा नहीं था कि यह फिल्म आगे चलकर हिंदी सिनेमा की यादगार फिल्मों में शामिल होने वाली है।
अलीशा ने बताया कि बाद में उन्हें भी महसूस हुआ कि उन्हें कम से कम फाइनल ऑडिशन तो देना चाहिए था। भले ही उन्हें फिल्म में भूमिका मिलती या नहीं, लेकिन उस मौके को पूरी तरह आजमाने का अनुभव अलग होता।
यही वजह है कि आज भी जब वह उस दौर को याद करती हैं, तो उन्हें लगता है कि फाइनल ऑडिशन में शामिल नहीं होना उनके करियर के बड़े मिस्ड अपॉर्चुनिटीज में से एक था।
आमिर से सिर्फ एक बार हुई मुलाकात
अलीशा ने यह भी बताया कि उस घटना के बाद उनकी आमिर खान से केवल एक बार मुलाकात हुई। उन्होंने उस मुलाकात को याद करते हुए बताया कि दोनों ने एक-दूसरे को देखा और मुस्कुराए।
यह छोटा-सा पल अलीशा के लिए खास इसलिए रहा क्योंकि इसके पीछे ‘कयामत से कयामत तक’ से जुड़ी उनकी पुरानी याद थी। एक ऐसी फिल्म जिसमें वह खुद अभिनेत्री के रूप में नजर आ सकती थीं, लेकिन उन्होंने फाइनल ऑडिशन में हिस्सा न लेने का फैसला किया था।
‘कयामत से कयामत तक’ ने बदली थी आमिर-जूही की राह
‘कयामत से कयामत तक’ 1988 में रिलीज हुई थी और फिल्म में आमिर खान तथा जूही चावला मुख्य भूमिकाओं में थे। फिल्म की कहानी, संगीत और दोनों कलाकारों की जोड़ी दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय हुई।
आज पीछे मुड़कर देखने पर अलीशा का यह खुलासा इसलिए दिलचस्प है क्योंकि जिस भूमिका के लिए उन्होंने शुरुआती दौर में ऑडिशन दिया था, वही भूमिका बाद में जूही चावला के करियर का अहम हिस्सा बनी।
अगर अलीशा फाइनल ऑडिशन में शामिल होतीं तो कहानी शायद अलग होती, लेकिन यह केवल एक संभावित परिस्थिति है। खुद अलीशा ने इसे अपने करियर के एक ऐसे मौके के रूप में याद किया है जिसे उन्होंने उस समय अपनी सहजता और एक्टिंग को लेकर बनी धारणा के कारण छोड़ दिया था।
सिंगिंग में बनाया बड़ा करियर
फिल्मों में अभिनेत्री बनने का रास्ता छोड़ने के बाद अलीशा चिनॉय ने सिंगिंग को अपना मुख्य करियर बनाया। उन्होंने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में कई लोकप्रिय गाने गाए और अपनी अलग पहचान बनाई।
इस तरह एक्टिंग में करियर बनाने का सपना पूरा नहीं हुआ, लेकिन संगीत की दुनिया में अलीशा ने अपनी मजबूत जगह बनाई। आज भी उनका नाम भारतीय पॉप और फिल्म संगीत से जुड़े चर्चित कलाकारों में लिया जाता है।
उनका यह पुराना किस्सा यह भी दिखाता है कि फिल्म इंडस्ट्री में करियर के दौरान कई बार कलाकारों के सामने ऐसे फैसले आते हैं, जिनका महत्व उन्हें कई साल बाद समझ में आता है।
अलीशा के लिए ‘कयामत से कयामत तक’ का ऑडिशन भी ऐसा ही एक अनुभव रहा। उन्होंने फाइनल ऑडिशन से खुद को अलग करने का फैसला किया था, लेकिन बाद में उन्हें लगा कि शायद उन्हें उस मौके को पूरी तरह आजमाना चाहिए था।

