Sushant Singh Rajput Post-Mortem: श्वेता के नए दावे से फिर उठे सवाल, बोलीं- अच्छे लोगों को बहुत दर्द से गुजरना पड़ता है

Sushant Singh Rajput Post-Mortem: श्वेता के नए दावे से फिर उठे सवाल, बोलीं- अच्छे लोगों को बहुत दर्द से गुजरना पड़ता है

सुशांत सिंह राजपूत की बहन श्वेता सिंह कीर्ति ने एक वीडियो में पोस्टमार्टम से जुड़ी नई बातें साझा करने का दावा किया है। उन्होंने कहा कि उन्हें हाल ही में भाई के पोस्टमार्टम करने वाले व्यक्ति से कुछ ऐसी जानकारी मिली, जिसने उन्हें अंदर तक झकझोर दिया। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

सुशांत सिंह राजपूत की मौत को छह साल से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन अभिनेता से जुड़ा मामला आज भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। अब उनकी बहन श्वेता सिंह कीर्ति के एक नए वीडियो के बाद यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। श्वेता ने अपने भाई के पोस्टमार्टम से जुड़ी कुछ ऐसी बातें बताने का दावा किया है, जिन्हें जानकर वह भावुक हो गईं।

श्वेता ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में कहा कि उन्हें हाल ही में उस व्यक्ति से कुछ जानकारी मिली, जिसने सुशांत का पोस्टमार्टम किया था। उनके अनुसार, पोस्टमार्टम से जुड़ी बातचीत में सुशांत के शरीर पर चोटों और कथित रूप से किसी हथियार के इस्तेमाल की बात सामने आई। श्वेता ने पैर टूटने, आंखों पर चोट और काफी बल प्रयोग किए जाने का भी दावा किया।

हालांकि, यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि ये बातें श्वेता सिंह कीर्ति द्वारा किए गए दावे हैं। उपलब्ध रिपोर्टों में इन नए दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इन्हें स्थापित पोस्टमार्टम तथ्य के रूप में पेश करना सही नहीं होगा।

‘अच्छे लोगों को बहुत दर्द से गुजरना पड़ता है’

इन दावों को साझा करते हुए श्वेता ने सिर्फ अपने भाई के लिए दुख ही नहीं जताया, बल्कि लोगों से नफरत और बदले की भावना से दूर रहने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि वह अपने जीवन को प्रेम, विश्वास, अच्छाई और ईश्वर के प्रति समर्पित रखना चाहती हैं।

श्वेता के मुताबिक, किसी अपने के साथ कुछ गलत होने की कल्पना करना भी बेहद मुश्किल होता है। उन्होंने माना कि ऐसी स्थिति में किसी को माफ करना आसान नहीं होता। लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि वह अपने दिल को नफरत, बदले और नाराजगी से भरना नहीं चाहतीं।

उन्होंने लोगों से ईश्वर और अच्छाई पर विश्वास बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि दुनिया में अन्याय मौजूद है और अच्छे लोगों को भी बहुत दर्द से गुजरना पड़ सकता है। उनके अनुसार, यह दर्द व्यक्ति के जीवन में बदलाव और आत्मिक परिवर्तन का रास्ता बन सकता है।

पोस्टमार्टम को लेकर क्या था पुराना रिकॉर्ड?

सुशांत सिंह राजपूत 14 जून 2020 को मुंबई स्थित अपने आवास पर मृत पाए गए थे। उस समय उनकी मौत को आत्महत्या के रूप में रिपोर्ट किया गया था और बाद में उनकी मौत की परिस्थितियों को लेकर कई तरह की जांच और सार्वजनिक चर्चाएं हुईं।

2020 में सामने आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बारे में प्रकाशित रिपोर्टों में कहा गया था कि शरीर पर संघर्ष के निशान या बाहरी चोट नहीं मिली थी और नाखून भी साफ थे। एक रिपोर्ट के अनुसार, शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट तीन डॉक्टरों ने तैयार की थी, जबकि अंतिम रिपोर्ट पर पांच डॉक्टरों ने हस्ताक्षर किए थे।

यही वजह है कि श्वेता द्वारा अब बताए गए नए दावे पुराने सार्वजनिक रिकॉर्ड से अलग दिखाई देते हैं। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह कहना संभव नहीं है कि श्वेता को मिली नई जानकारी किस दस्तावेज, किस व्यक्ति या किस आधिकारिक रिकॉर्ड पर आधारित है।

श्वेता ने न्याय की लड़ाई को लेकर भी कही बड़ी बात

श्वेता ने अपने वीडियो में यह भी स्पष्ट किया कि प्रेम और सकारात्मकता की बात करने का मतलब न्याय की मांग छोड़ना नहीं है। उन्होंने कहा कि वह न्याय के लिए आवाज उठाने के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन उनका मानना है कि न्याय की लड़ाई नफरत या बदले की भावना से नहीं बल्कि प्रेम और सही भावना के साथ लड़ी जानी चाहिए।

उनका यह संदेश ऐसे समय आया है जब सुशांत सिंह राजपूत के मामले को लेकर सोशल मीडिया पर एक बार फिर चर्चाएं तेज हो गई हैं। उनके समर्थक लंबे समय से अभिनेता की मौत से जुड़े सवालों पर अपनी प्रतिक्रियाएं देते रहे हैं।

क्यों फिर चर्चा में आया सुशांत का मामला?

सुशांत की मौत के बाद उनकी बहन और परिवार के अन्य सदस्यों ने लगातार उनसे जुड़े सवाल उठाए और न्याय की मांग की। अभिनेता के निधन ने देशभर में उनके प्रशंसकों को गहरा सदमा दिया था।

अब श्वेता के ताजा वीडियो ने पोस्टमार्टम और मौत से जुड़ी पुरानी चर्चाओं को फिर सामने ला दिया है। लेकिन इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यही है कि नए दावों और आधिकारिक रूप से स्थापित तथ्यों के बीच अंतर रखा जाए।

श्वेता ने अपने संदेश का अंत लोगों से नकारात्मकता को अपने ऊपर हावी न होने देने और प्रेम के जरिए उपचार की बात कहते हुए किया। उनका कहना था कि वह प्रेम, ईश्वर और अच्छाई के साथ खड़ी हैं।

सुशांत सिंह राजपूत की मौत से जुड़े पुराने रिकॉर्ड और श्वेता द्वारा अब साझा किए गए दावों में अंतर होने के कारण आगे यदि कोई आधिकारिक दस्तावेज, जांच या संबंधित अधिकारी की पुष्टि सामने आती है, तो उससे इस दावे की स्थिति ज्यादा स्पष्ट हो सकती है। फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर इसे श्वेता सिंह कीर्ति का नया दावा ही माना जाना चाहिए, न कि प्रमाणित पोस्टमार्टम निष्कर्ष।

 

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