LPU Protest: हॉस्टल में छात्राओं की सुरक्षा पर उठे सवाल, हिंसक प्रदर्शन के बाद बढ़ी चिंता

LPU Protest: हॉस्टल में छात्राओं की सुरक्षा पर उठे सवाल, हिंसक प्रदर्शन के बाद बढ़ी चिंता

कथित यौन हिंसा की खबर के बाद Lovely Professional University में भड़का विरोध, पुलिस ने FIR दर्ज कर SIT बनाई; यूनिवर्सिटी ने आरोपों को बताया अफवाह

सोचिए… किसी लड़की के लिए इंसाफ की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन हो रहा हो, लेकिन उसी दौरान हॉस्टल में रहने वाली छात्राएं खुद को असुरक्षित महसूस करने लगें। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही उठता है कि आखिर किसी शैक्षणिक संस्थान में छात्रों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है?

पंजाब के फगवाड़ा स्थित Lovely Professional University यानी LPU में पिछले कुछ दिनों से चल रहा विवाद इसी सवाल को सामने ला रहा है। एक छात्रा के साथ कथित यौन हिंसा की खबरों के बाद शुरू हुआ छात्र विरोध प्रदर्शन हिंसा, तोड़फोड़, आगजनी और पुलिस के साथ झड़प तक पहुंच गया। हालांकि, कथित यौन हिंसा की घटना अभी जांच के अधीन है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ FIR दर्ज की है और मामले की जांच के लिए SIT गठित की गई है। वहीं, LPU प्रशासन ने आरोपों को झूठा, निराधार और अफवाह बताया है।

Girls Hostel-3 के पास से शुरू हुआ विरोध

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, विरोध की शुरुआत LPU के Girls Hostel-3 के आसपास हुई। छात्रों के बीच ऐसी जानकारी फैलने लगी कि हॉस्टल में रहने वाली एक छात्रा के साथ कथित तौर पर यौन हिंसा हुई है और प्रशासन ने मामले को दबाने की कोशिश की।

इसी जानकारी के बाद बड़ी संख्या में छात्र विरोध के लिए जुटने लगे। मामला धीरे-धीरे विश्वविद्यालय परिसर के दूसरे हिस्सों तक पहुंच गया और बाद में प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया।

यहां सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सोशल मीडिया और छात्रों के बीच प्रसारित दावों को अभी जांच में सत्यापित किया जाना बाकी है। पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू की है, जबकि विश्वविद्यालय ने घटना से जुड़े दावों को खारिज किया है।

पुलिस ने FIR दर्ज कर बनाई SIT

विवाद के बीच पुलिस ने छात्रों की शिकायत के आधार पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया। जांच के लिए Special Investigation Team यानी SIT बनाई गई है।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, टीम मामले से जुड़े सभी तथ्यों की जांच करेगी। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि वास्तव में क्या हुआ, शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्थिति क्या है और घटनाक्रम से जुड़े अन्य दावों में कितनी सच्चाई है।

यानी फिलहाल इस मामले में दो बातें समानांतर रूप से सामने हैं—एक तरफ पुलिस की FIR और जांच, दूसरी तरफ विश्वविद्यालय का आरोपों से इनकार।

विरोध ने लिया हिंसक रूप

शुरुआत में छात्र सुरक्षा और कथित यौन हिंसा की जांच की मांग कर रहे थे, लेकिन बाद में प्रदर्शन काफी उग्र हो गया। रिपोर्टों के मुताबिक, परिसर में तोड़फोड़ हुई, कुछ जगहों पर आगजनी की घटनाएं सामने आईं और पुलिस के साथ प्रदर्शनकारियों की झड़प हुई।

प्रदर्शन के दौरान पुलिस वाहनों पर पथराव और कुछ वाहनों में आग लगाए जाने की भी खबरें सामने आईं। छात्रों के एक समूह ने जालंधर-फगवाड़ा नेशनल हाईवे को भी ब्लॉक किया, जिससे यातायात प्रभावित हुआ।

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल को कैंपस में तैनात करना पड़ा।

क्या हॉस्टल की छात्राएं असुरक्षित थीं?

यही इस पूरे मामले का सबसे संवेदनशील पहलू है। सोशल मीडिया पर कई तरह के वीडियो और दावे सामने आए, जिनमें हॉस्टल की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए गए। लेकिन हर दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

पुलिस ने यह भी कहा कि हॉस्टल में गड़बड़ी से संबंधित कुछ बातें अफवाह थीं और सभी हॉस्टलों की जांच की गई। पुलिस अधिकारियों ने छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की बात कही।

वहीं, LPU ने भी छात्रों की सुरक्षा को लेकर कदम उठाए हैं। विश्वविद्यालय ने 28 सितंबर से 10 दिनों के लिए नियमित कक्षाएं स्थगित कर दी हैं और मिड-टर्म परीक्षाओं को अगले आदेश तक टाल दिया है। छात्रों को घर जाने या हॉस्टल में रहने का विकल्प दिया गया है और कैंपस में अनावश्यक आवाजाही से बचने की सलाह दी गई है।

यूनिवर्सिटी ने आरोपों को बताया अफवाह

LPU प्रशासन ने कथित यौन हिंसा की खबरों को खारिज किया है। विश्वविद्यालय की ओर से कहा गया कि सोशल मीडिया पर गलत और निराधार दावे फैलाए जा रहे हैं।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की कि वे केवल आधिकारिक माध्यमों से मिलने वाली जानकारी पर भरोसा करें। LPU की ओर से यह भी कहा गया कि कैंपस में हुई अशांति में बाहरी लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

इस बीच, कुछ छात्रों ने विश्वविद्यालय की ओर से जारी किए गए एक वीडियो पर भी सवाल उठाए हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, वीडियो में दिखाई देने वाली कुछ छात्राओं ने बाद में दावा किया कि उनके बयान को एडिट किया गया था। इस दावे की भी स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।

अब सबसे जरूरी है निष्पक्ष जांच

ऐसे मामलों में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही होता है कि अगर किसी छात्रा ने यौन हिंसा की शिकायत की है, तो उसकी शिकायत को गंभीरता से लिया जाए और उसकी सुरक्षा तथा निजता सुनिश्चित की जाए।

साथ ही, किसी आरोप को जांच पूरी होने से पहले अंतिम सच मान लेना भी उचित नहीं है। इस मामले में पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और SIT बनाई गई है। इसलिए जांच के निष्कर्ष आने तक आरोप और तथ्य के बीच अंतर बनाए रखना जरूरी है।

अगर किसी छात्रा या छात्र को किसी गंभीर घटना की जानकारी मिलती है, तो उसे सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने के बजाय भरोसेमंद अभिभावक, विश्वविद्यालय के जिम्मेदार अधिकारी या पुलिस तक जानकारी पहुंचाने में मदद करनी चाहिए। किसी संभावित पीड़ित को दोष देना, उसकी पहचान सार्वजनिक करना या बिना पुष्टि के संवेदनशील वीडियो शेयर करना स्थिति को और गंभीर बना सकता है।

सवाल सिर्फ एक घटना का नहीं, Campus Safety का भी

LPU विवाद ने एक व्यापक सवाल जरूर खड़ा किया है—कॉलेज और यूनिवर्सिटी जैसे संस्थानों में छात्रों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त व्यवस्था कितनी प्रभावी है?

हॉस्टल में सुरक्षा व्यवस्था, शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया, वार्डन और प्रशासन की जवाबदेही, CCTV और प्रवेश नियंत्रण जैसे कई पहलू ऐसे हैं जिन पर किसी भी शैक्षणिक संस्थान को लगातार ध्यान देना पड़ता है।

लेकिन LPU मामले में इन व्यवस्थाओं को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने से पहले निकालना उचित नहीं होगा। फिलहाल पुलिस जांच जारी है और विश्वविद्यालय ने भी कैंपस में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने की बात कही है।

इस पूरे घटनाक्रम में सबसे महत्वपूर्ण बात यही है कि अगर कोई छात्रा शिकायत लेकर सामने आती है तो उसकी बात को गंभीरता से सुना जाए, उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और निष्पक्ष जांच हो। साथ ही, जांच पूरी होने से पहले सोशल मीडिया पर फैल रहे अपुष्ट दावों को तथ्य के रूप में पेश करने से बचना भी उतना ही जरूरी है।

LPU में फिलहाल कक्षाएं स्थगित हैं, परीक्षाएं टाल दी गई हैं और कैंपस में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। अब पुलिस की SIT जांच और आगे सामने आने वाले आधिकारिक तथ्यों से यह स्पष्ट होगा कि कथित घटना में वास्तव में क्या हुआ था।

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