CJP Protest Live: अभिजीत और नेहा को अज्ञात लोकेशन पर ले जाने का आरोप, सीजेपी ने कहा- वकीलों को भी मिलने की अनुमति नहीं दे रहे
Abhijeet Dipke : दीपके से संपर्क टूटा, CJP ने पूछा—’तिरंगा लेकर चलना अपराध कैसे?’
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने दावा किया है कि दिल्ली पुलिस उसके संस्थापक अभिजीत दीपके को किसी अज्ञात स्थान पर ले गई है और पार्टी का उनसे पूरी तरह संपर्क टूट चुका है. सोशल मीडिया मंच ‘X’ पर पोस्ट कर CJP ने आरोप लगाया कि दीपके को वकीलों से भी बात करने की अनुमति नहीं दी जा रही है. पार्टी ने दिल्ली पुलिस से उनका ठिकाना सार्वजनिक करने की मांग करते हुए सवाल उठाया कि अपने घर से केवल हाथ में तिरंगा लेकर निकले युवाओं के साथ आतंकियों जैसा सलूक क्यों किया जा रहा है और क्या तिरंगा थामना अपराध बन चुका है.
दिग्विजय सिंह का आरोप : ‘राजनीतिक मंशा से काम कर रहे हैं CEC ज्ञानेश कुमार’
मध्य प्रदेश में पत्रकारों से बात करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर राजनीतिक दुर्भावना और पक्षपातपूर्ण रवैये से काम करने का सीधा आरोप लगाया है. उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में भारी गड़बड़ियों की ओर इशारा करते हुए कहा कि देशभर में करीब 9 करोड़ योग्य नागरिक ऐसे हैं जिनके नाम अब तक वोटर लिस्ट में शामिल नहीं किए गए हैं, जो चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर बड़ा सवाल खड़ा करता है.
दिग्विजय सिंह ने मंदिर चढ़ावे और वोट चोरी की तुलना करते हुए धर्म के राजनीतिक इस्तेमाल को असंवैधानिक करार दिया. पश्चिम बंगाल का उदाहरण देते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि लाखों मतदाताओं के अधिकार छीने जा रहे हैं और चुनाव के बाद नाम जोड़ने का वादा नागरिकों के मौजूदा लोकतांत्रिक अधिकार की भरपाई नहीं कर सकता. कांग्रेस नेता ने कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि ज्ञानेश कुमार की जहां-जहां तैनाती रही है, वहां चुनावी और प्रशासनिक अनियमितताओं का इतिहास रहा है.
अधिकारियों की निजी जानकारी ऑनलाइन शेयर न करें’: CJP प्रदर्शन के बीच दिल्ली पुलिस की कड़ी चेतावनी
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के ‘लहरा दो तिरंगा’ प्रदर्शन के दौरान सोशल मीडिया पर पुलिसकर्मियों की निजी जानकारी साझा किए जाने को लेकर दिल्ली पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है. अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (Additional CP) राजीव रंजन ने इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर पुलिस अधिकारियों की व्यक्तिगत जानकारी शेयर करने के खिलाफ सख्त चेतावनी जारी की. इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि इस विरोध-प्रदर्शन के बीच पुलिस को व्यक्तियों की किसी विशेष सूची के संबंध में न तो कोई सूचना मिली है और न ही ऐसा कोई औपचारिक अनुरोध प्राप्त हुआ है. पुलिस ने लोगों से भ्रामक सूचनाएं न फैलाने और सुरक्षा बलों को निशाना बनाने वाली ऑनलाइन गतिविधियों से बचने की अपील की है.
दीपके-नेहा के सपोर्ट में उतरे एमके स्टालिन: बोले- जल्द हो रिहाई
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने दिल्ली में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके और आइसा (AISA) नेता नेहा बोरा की हिरासत को लेकर केंद्र सरकार पर कड़ा प्रहार किया है.
सोशल मीडिया मंच ‘X’ पर पोस्ट करते हुए स्टालिन ने दोनों नेताओं के मौजूदा ठिकाने को सार्वजनिक न किए जाने पर गंभीर सवाल उठाए. उन्होंने इसे “पूरी तरह से गैरकानूनी और घोर अमानवीय” करार देते हुए केंद्र सरकार से मांग की कि उन्हें तुरंत रिहा किया जाए और शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शनों का दमन बंद किया जाए. स्टालिन ने केंद्र को चेतावनी देते हुए कहा कि इस जनआंदोलन को पुलिसिया बल से कुचलने की कोई भी कोशिश इसे कमजोर करने के बजाय और ज्यादा मजबूत बनाएगी.
