24 घंटे में बीजेपी छोड़ने पर बोले शेखर सुमन, कहा- राजनीति मेरे स्वभाव के अनुरूप नहीं थी
शेखर सुमन बीजेपी छोड़ने पर बोले: “24 घंटे में समझ गया था कि राजनीति मेरे लिए नहीं है”
शेखर सुमन बीजेपी छोड़ने पर बोले और अपने जीवन के एक चर्चित राजनीतिक फैसले को लेकर खुलकर बात की। अभिनेता, टीवी होस्ट और मनोरंजन जगत की चर्चित हस्ती शेखर सुमन ने वर्षों पहले भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में शामिल होने और महज 24 घंटे के भीतर उससे दूरी बनाने के फैसले के पीछे की वजह बताई है।
अपने नए शो ‘शेखर टुनाइट’ के लॉन्च कार्यक्रम के दौरान शेखर सुमन ने कहा कि उस समय उनके जीवन में ऐसे हालात बन गए थे, जिनकी वजह से उन्हें लगा कि वे चारों तरफ से घिर गए हैं। मानसिक और भावनात्मक दबाव के बीच उन्होंने राजनीति में कदम रखने का फैसला किया और बीजेपी का दामन थाम लिया। हालांकि, पार्टी में शामिल होने के तुरंत बाद उन्हें महसूस हो गया कि राजनीति उनके व्यक्तित्व और सोच के अनुकूल नहीं है।
दबाव में लिया था राजनीति में आने का फैसला
शेखर सुमन ने बातचीत के दौरान स्वीकार किया कि उनका राजनीति में प्रवेश किसी लंबे राजनीतिक लक्ष्य या महत्वाकांक्षा का हिस्सा नहीं था। उन्होंने कहा कि उस दौर में निजी और पेशेवर जीवन में कई चुनौतियां थीं, जिसके चलते उन्होंने राजनीति को एक नए विकल्प के रूप में देखा।
उनके अनुसार, परिस्थितियां ऐसी थीं कि उन्हें लगा कि शायद राजनीतिक मंच उनके लिए नई दिशा साबित हो सकता है। लेकिन कुछ ही समय बाद उन्हें एहसास हो गया कि यह रास्ता उनकी प्रकृति और रुचि से मेल नहीं खाता।
“जहां मन न लगे, वहां बने रहने का मतलब नहीं”
शेखर सुमन ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को केवल दिखावे या दबाव में किसी संस्था, संगठन या पद पर नहीं बने रहना चाहिए। यदि किसी जगह मन नहीं लगता और व्यक्ति खुद को सहज महसूस नहीं करता, तो वहां से सम्मानजनक तरीके से अलग हो जाना बेहतर होता है।
उन्होंने कहा कि बीजेपी में शामिल होने के बाद उन्हें बहुत जल्दी यह महसूस हो गया कि राजनीति का माहौल उनके लिए उपयुक्त नहीं है। ऐसे में उन्होंने पार्टी में बने रहने के बजाय खुद को उस रास्ते से अलग करना उचित समझा।
अटल बिहारी वाजपेयी से संबंधों का किया जिक्र
बातचीत के दौरान शेखर सुमन ने भारत के पूर्व प्रधानमंत्री Atal Bihari Vajpayee के साथ अपने संबंधों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी के साथ उनके अच्छे संबंध रहे हैं और वे उनके व्यक्तित्व तथा नेतृत्व क्षमता का सम्मान करते हैं।
शेखर ने बताया कि वाजपेयी की लोकप्रियता और व्यक्तित्व से वे हमेशा प्रभावित रहे हैं। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी नेता के प्रति सम्मान और सक्रिय राजनीति में बने रहना दोनों अलग-अलग बातें हैं।
मनोरंजन जगत में बनाई अलग पहचान
शेखर सुमन लंबे समय से भारतीय मनोरंजन जगत का जाना-पहचाना चेहरा रहे हैं। अभिनय, एंकरिंग, कॉमेडी और टॉक शो के जरिए उन्होंने दर्शकों के बीच खास पहचान बनाई है। ‘मूवर्स एंड शेकर्स’ जैसे लोकप्रिय शो से लेकर फिल्मों और टीवी धारावाहिकों तक, उन्होंने कई क्षेत्रों में सफलता हासिल की है।
इसी वजह से उनका राजनीति में प्रवेश उस समय चर्चा का विषय बना था। लेकिन पार्टी में शामिल होने के कुछ ही समय बाद उससे अलग होने का फैसला भी उतना ही सुर्खियों में रहा।
फिर चर्चा में आया पुराना राजनीतिक सफर
शेखर सुमन के इस ताजा बयान के बाद उनका पुराना राजनीतिक सफर एक बार फिर चर्चा में आ गया है। सोशल मीडिया पर भी लोग उनके उस फैसले को याद कर रहे हैं, जब उन्होंने राजनीति में कदम रखा था और फिर बहुत कम समय में उससे दूरी बना ली थी।
विश्लेषकों का मानना है कि मनोरंजन जगत की कई हस्तियां राजनीति में आती हैं, लेकिन हर किसी के लिए राजनीतिक जीवन सहज नहीं होता। शेखर सुमन का अनुभव भी इसी बात का उदाहरण माना जा रहा है।

