रांची में प्रदर्शन कर रहे अनशनकारियों की बिगड़ने लगी तबीयत, सदर अस्पताल में एक और छात्र भर्ती

Jharkhand Students Protest: रांची में छात्र आंदोलन के बीच स्वास्थ्य संकट गहराया

रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित धांधली के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन के बीच अब अनशनकारियों की सेहत चिंता का विषय बनती जा रही है। आमरण अनशन पर बैठे पलामू निवासी छात्र राहुल क्रांति की तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद उन्हें रांची सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

लगातार बारिश, उमस और खुले आसमान के नीचे चल रहे धरने के कारण कई छात्रों में वायरल फीवर, सिरदर्द, गले में खराश और डिहाइड्रेशन जैसी शिकायतें सामने आ रही हैं। इससे आंदोलन स्थल पर स्वास्थ्य संबंधी खतरे बढ़ने लगे हैं।


डॉक्टरों की जांच में वायरल फीवर की पुष्टि

शनिवार सुबह करीब 10 बजे डॉक्टरों की टीम ने राहुल क्रांति का मेडिकल चेकअप किया। जांच के दौरान उनमें वायरल फीवर की पुष्टि हुई। इसके बाद उन्हें बेहतर इलाज और निगरानी के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कर लिया गया।

अस्पताल प्रशासन के अनुसार उनका इलाज जारी है और फिलहाल उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।


सदर अस्पताल प्रशासन ने क्या कहा?

रांची सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. विमलेश सिंह ने बताया कि अस्पताल में फिलहाल राहुल क्रांति ही भर्ती हैं और चिकित्सकीय टीम उनकी लगातार निगरानी कर रही है।

उन्होंने यह भी बताया कि इससे पहले एक अन्य छात्र को अचानक बेहोश होने की स्थिति में अस्पताल लाया गया था। उसे प्राथमिक उपचार और ड्रिप (फ्ल्यूड) चढ़ाने के बाद राहत मिली। स्वास्थ्य सामान्य होने और जांच के बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।


धरना स्थल पर बढ़ा संक्रमण का खतरा

रांची में पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश और उमस भरा मौसम बना हुआ है। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में बड़ी संख्या में छात्र खुले मैदान में धरना और अनशन कर रहे हैं।

ऐसे माहौल में संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है। भीड़भाड़, गीली जमीन और लंबे समय तक खुले में रहने के कारण कई छात्रों में स्वास्थ्य समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं।

छात्रों द्वारा बताई गई प्रमुख शिकायतें:

  • सिरदर्द
  • गले में खराश और दर्द
  • कमजोरी और चक्कर आना
  • डिहाइड्रेशन
  • बुखार और शरीर दर्द

छात्र संगठनों ने उठाई मांग

छात्र संगठन आइसा (AISA) के झारखंड सचिव त्रिलोकीनाथ ने आरोप लगाया कि धरना स्थल पर बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी है। उनके अनुसार लगातार खुले में रहने और पर्याप्त चिकित्सा व्यवस्था नहीं होने के कारण प्रतियोगी छात्र मौसमी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं।

उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि:

  • तत्काल स्वास्थ्य शिविर लगाया जाए
  • डॉक्टरों और नर्सों की नियमित तैनाती हो
  • पीने के स्वच्छ पानी की व्यवस्था की जाए
  • बारिश से बचाव के लिए अस्थायी शेड लगाए जाएं

JPSC-JSSC मुद्दे पर जारी है आंदोलन

छात्र JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

हाल के दिनों में यह आंदोलन राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया है और सरकार पर छात्रों की मांगों को लेकर दबाव बढ़ता जा रहा है।


स्वास्थ्य और आंदोलन दोनों बने चुनौती

विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक चलने वाले अनशन और धरनों में स्वास्थ्य प्रबंधन बेहद जरूरी होता है। लगातार उपवास, अपर्याप्त पोषण और खराब मौसम के कारण शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो सकती है, जिससे वायरल संक्रमण और अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

प्रशासन के सामने अब दोहरी चुनौती है—एक ओर छात्रों के आंदोलन से जुड़े मुद्दों का समाधान निकालना और दूसरी ओर धरना स्थल पर मौजूद अभ्यर्थियों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना।

Jharkhand Students Protest अब केवल भर्ती परीक्षाओं से जुड़ा आंदोलन नहीं रह गया है, बल्कि यह छात्रों के स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय भी बनता जा रहा है। राहुल क्रांति की तबीयत बिगड़ने और सदर अस्पताल में भर्ती होने की घटना ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।

यदि धरना स्थल पर जल्द पर्याप्त चिकित्सा और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं, तो आंदोलन के दौरान और अधिक छात्रों की तबीयत बिगड़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल सभी की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई और छात्र आंदोलन की आगे की रणनीति पर बनी हुई है।

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