JPSC Student Protest: विधानसभा घेराव के दौरान बढ़ा टकराव

JPSC Student Protest: विधानसभा घेराव के दौरान बढ़ा टकराव

रांची में JPSC और JSSC परीक्षा विवाद को लेकर छात्रों का आंदोलन अब और उग्र होता दिखाई दे रहा है। विधानसभा घेराव के लिए आगे बढ़ रहे छात्र सातवें और आखिरी बैरिकेड तक पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए लाठीचार्ज किया और वाटर कैनन से पानी की तेज बौछार की।

पुलिस की कार्रवाई के बाद प्रदर्शन स्थल पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई और दोनों पक्षों के बीच टकराव की तस्वीरें सामने आने लगीं।


वाटर कैनन के बावजूद पीछे नहीं हटे छात्र

विधानसभा की ओर बढ़ रहे छात्रों को रोकने के लिए पुलिस ने लगातार वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। पानी की तेज बौछार के बावजूद कई छात्र पीछे हटने के बजाय मौके पर डटे रहे

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुछ छात्र पानी की बौछार के बीच नारेबाजी और डांस करते नजर आए। छात्रों ने पुलिस से कहा — ‘और चलाओ, और चलाओ’। इस घटनाक्रम ने कुछ देर के लिए प्रदर्शन स्थल का माहौल अलग बना दिया, लेकिन तनाव पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ।


बैरिकेडिंग तक पहुंचने पर हुई कार्रवाई

छात्रों ने अंतिम बैरिकेड तक पहुंचकर उसे पार करने की कोशिश की। पुलिस का कहना है कि विधानसभा क्षेत्र की सुरक्षा को देखते हुए प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकना जरूरी था।

जब छात्र पीछे नहीं हटे, तब पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए लाठीचार्ज किया। इसके बाद मौके पर अफरातफरी का माहौल बन गया और कई छात्र इधर-उधर भागते दिखाई दिए।


लाठीचार्ज के बाद पुलिस पर फेंकी गईं बोतलें

पुलिस कार्रवाई के बाद स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो गई। अधिकारियों के अनुसार कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की ओर बोतलें फेंकीं। इसके बाद सुरक्षा बलों ने अतिरिक्त सतर्कता बरती और प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने की कोशिश जारी रखी।

मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल, रैपिड एक्शन टीम और प्रशासनिक अधिकारी तैनात किए गए हैं।


क्यों हो रहा है यह आंदोलन?

छात्र लंबे समय से JPSC, JSSC और अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितता, पेपर लीक और भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। उनकी प्रमुख मांगों में शामिल हैं:

  • भर्ती परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच
  • कथित पेपर लीक मामलों की कार्रवाई
  • दोषियों के खिलाफ सख्त कदम
  • पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया
  • कुछ छात्र संगठनों द्वारा CBI जांच की मांग

हाल के दिनों में छात्र संगठनों और सरकार के बीच बातचीत भी हुई थी, लेकिन कई मुद्दों पर अभी सहमति नहीं बन सकी है।


रांची में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी

विधानसभा घेराव को देखते हुए प्रशासन ने पहले से ही सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे।

प्रमुख इंतजाम:

  • कई स्तर की बैरिकेडिंग
  • भारी पुलिस बल की तैनाती
  • वाटर कैनन और दंगा नियंत्रण वाहन
  • संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त निगरानी
  • विधानसभा मार्ग पर यातायात नियंत्रण

अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और कानून व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है।


राजनीतिक माहौल भी गरमाया

JPSC-JSSC विवाद अब केवल छात्र आंदोलन तक सीमित नहीं रहा है। विपक्षी दलों ने भी सरकार पर भर्ती प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं। विधानसभा सत्र के दौरान इस मुद्दे पर पहले ही हंगामा और विरोध प्रदर्शन देखने को मिल चुका है।

ऐसे में सड़क पर चल रहा यह आंदोलन राजनीतिक दबाव को भी बढ़ा सकता है।


आगे क्या हो सकता है?

फिलहाल प्रशासन प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने और स्थिति सामान्य बनाए रखने की कोशिश में जुटा है। छात्र संगठनों ने संकेत दिया है कि यदि उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन और तेज किया जा सकता है।

सरकार की ओर से अभी तक इस ताजा टकराव पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

JPSC Student Protest रांची में अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। विधानसभा घेराव के दौरान छात्रों का आखिरी बैरिकेड तक पहुंचना, पुलिस का लाठीचार्ज और वाटर कैनन का इस्तेमाल, तथा बाद में बोतल फेंके जाने की घटनाओं ने स्थिति को गंभीर बना दिया है।

हालांकि छात्र अब भी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और प्रशासन कानून व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश कर रहा है। आने वाले दिनों में सरकार और छात्र संगठनों के बीच होने वाली बातचीत यह तय करेगी कि यह आंदोलन शांतिपूर्ण समाधान की ओर बढ़ता है या टकराव और बढ़ सकता है।

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