Meghalaya Politics: UDP के 8 विधायक BJP में शामिल, विधानसभा में 10 हुई बीजेपी की संख्या; बदला राजनीतिक समीकरण

Meghalaya Politics: UDP के 8 विधायक BJP में शामिल, विधानसभा में 10 हुई बीजेपी की संख्या; बदला राजनीतिक समीकरण

मेघालय की राजनीति में बुधवार, 23 सितंबर 2026 को बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया। राज्य की क्षेत्रीय पार्टी United Democratic Party यानी UDP के आठ मौजूदा विधायक भारतीय जनता पार्टी यानी BJP में शामिल हो गए। नई दिल्ली स्थित बीजेपी मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान इन विधायकों ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इस दौरान केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू, बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा और मेघालय बीजेपी अध्यक्ष एवं प्रदेश प्रभारी अनिल एंटनी समेत पार्टी के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

आठ विधायकों के बीजेपी में शामिल होने के बाद मेघालय विधानसभा में बीजेपी की संख्या 2 से बढ़कर 10 हो गई है। वहीं UDP की संख्या 12 से घटकर 4 विधायक रह गई है। 60 सदस्यीय मेघालय विधानसभा में इस बदलाव के बाद BJP अब नेशनल पीपुल्स पार्टी यानी NPP के बाद दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बन गई है।

BJP में शामिल हुए UDP के 8 विधायक

बीजेपी में शामिल होने वाले आठ विधायकों में लाहकमेन रिंबुई, पियुस मारवीन, किर्मेन शायला, मायर्लबॉर्न सिएम, मैथ्यू बियॉन्डस्टार कुर्बाह, ओलान सिंह सुइन, बालाजीड कुफर सिनरेम और सिनशार कुफर रॉय शामिल हैं। इन सभी ने बुधवार को दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की।

इन विधायकों के बीजेपी में जाने को लेकर पिछले कुछ दिनों से मेघालय की राजनीति में चर्चा चल रही थी। 17 सितंबर को भी रिपोर्ट सामने आई थी कि आठ UDP विधायक बीजेपी में शामिल होने वाले हैं। उस समय बीजेपी नेता एएल हेक और UDP विधायक किर्मेन शायला ने संभावित दल-बदल की जानकारी दी थी। अब इन विधायकों ने औपचारिक रूप से बीजेपी की सदस्यता ग्रहण कर ली है।

विधानसभा में बदला राजनीतिक गणित

आठ विधायकों के दल बदलने के बाद मेघालय विधानसभा की मौजूदा पार्टी स्थिति में महत्वपूर्ण बदलाव आया है। बीजेपी के पास अब 10 विधायक हो गए हैं, जबकि UDP के पास सिर्फ चार विधायक बचे हैं।

वहीं NPP के पास 33 विधायक हैं। ऐसे में BJP अब 60 सदस्यीय विधानसभा में NPP के बाद दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बन गई है। यह बदलाव राज्य की राजनीति में इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि BJP और UDP दोनों ही वर्तमान में NPP के नेतृत्व वाली Meghalaya Democratic Alliance सरकार के घटक दल हैं।

हालांकि, आठ विधायकों के बीजेपी में शामिल होने से सरकार की संरचना में तत्काल क्या बदलाव होगा, यह आगे के राजनीतिक फैसलों पर निर्भर करेगा। दोनों दलों की मौजूदा गठबंधन स्थिति को देखते हुए आने वाले दिनों में मंत्रिमंडल और गठबंधन के भीतर प्रतिनिधित्व को लेकर चर्चा हो सकती है।

विधायकों ने किन मुद्दों का किया जिक्र?

बीजेपी में शामिल होने वाले विधायकों की ओर से राज्य से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर केंद्र से समर्थन मिलने की बात कही गई है।

UDP विधायक से बीजेपी में शामिल हुए लाहकमेन रिंबुई ने कहा कि यह फैसला अचानक नहीं हुआ है। उनके अनुसार, पार्टी नेतृत्व के साथ लंबे समय से बातचीत चल रही थी और मेघालय से जुड़े कुछ मुद्दों पर केंद्र की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलने के बाद उन्होंने बीजेपी में शामिल होने का फैसला किया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिन मुद्दों का उल्लेख किया गया उनमें खासी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करना, मेघालय रेजिडेंट्स सेफ्टी एंड सिक्योरिटी एक्ट यानी MRSSA को लागू करना और राज्य में कोयला खनन से जुड़े नियमों को सरल बनाना शामिल हैं।

इन मुद्दों को लेकर विधायकों ने केंद्र के साथ बातचीत और समर्थन का हवाला दिया है। हालांकि, इन मांगों पर आगे क्या कदम उठाए जाएंगे, यह संबंधित सरकारी और संवैधानिक प्रक्रियाओं पर निर्भर करेगा।

किरेन रिजिजू ने क्या कहा?

आठों विधायकों के बीजेपी में शामिल होने के मौके पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू भी मौजूद रहे। उन्होंने इस घटनाक्रम को उत्तर-पूर्व और देश की राजनीति से जुड़ा महत्वपूर्ण घटनाक्रम बताया।

रिजिजू ने कहा कि विधायकों ने उत्तर-पूर्व और मेघालय में विकास को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के कामकाज को देखते हुए बीजेपी में शामिल होने का फैसला किया है। बीजेपी की ओर से इस घटनाक्रम को पार्टी के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक विस्तार के तौर पर पेश किया गया।

वहीं बीजेपी सांसद और पूर्वोत्तर के पार्टी समन्वयक संबित पात्रा ने बताया कि पार्टी और इन विधायकों के बीच पहले से बातचीत चल रही थी। इसके बाद बुधवार को दिल्ली में औपचारिक रूप से सदस्यता ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

2028 विधानसभा चुनाव से पहले बढ़ी राजनीतिक हलचल

मेघालय में अगला विधानसभा चुनाव 2028 में होना है। ऐसे में आठ विधायकों का एक साथ बीजेपी में शामिल होना राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।

बीजेपी के पास अब 10 विधायक हैं, जिससे विधानसभा में उसका प्रतिनिधित्व पहले की तुलना में काफी बढ़ गया है। वहीं UDP के पास अब सिर्फ चार विधायक रह गए हैं। आने वाले समय में यह बदलाव दोनों दलों की संगठनात्मक रणनीति और चुनावी तैयारियों पर भी असर डाल सकता है।

यह घटनाक्रम इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि बीजेपी और UDP दोनों ही NPP के नेतृत्व वाली सरकार का हिस्सा हैं। ऐसे में बीजेपी की विधानसभा में बढ़ी संख्या के बाद गठबंधन के भीतर राजनीतिक समीकरण किस तरह आगे बढ़ते हैं, इस पर नजर रहेगी।

मेघालय की राजनीति में नया अध्याय

UDP के आठ विधायकों का बीजेपी में शामिल होना मेघालय की राजनीति में एक बड़ा दल-बदल है। इससे एक तरफ बीजेपी की विधानसभा में संख्या बढ़ी है, वहीं UDP को अपने 12 विधायकों में से आठ खोने पड़े हैं।

फिलहाल बीजेपी के पास 10, UDP के पास 4 और NPP के पास 33 विधायक हैं। इस बदलाव के बाद बीजेपी विधानसभा में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बन गई है। हालांकि, सरकार के कामकाज और गठबंधन की संरचना पर इसका वास्तविक असर आगे होने वाले राजनीतिक फैसलों से ही स्पष्ट होगा।

23 सितंबर 2026 का यह घटनाक्रम मेघालय की राजनीति में आने वाले महीनों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि बीजेपी में शामिल हुए विधायक अपनी नई पार्टी के साथ किस तरह काम करते हैं और NPP के नेतृत्व वाले गठबंधन में आगे राजनीतिक समीकरण किस दिशा में जाते हैं।

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