ATM Fraud in Dhanbad: धनबाद में ATM ठगी का खुलासा, बुजुर्ग से ₹1.40 लाख की शॉपिंग; दो गिरफ्तार

ATM Fraud in Dhanbad: धनबाद में ATM ठगी का खुलासा, बुजुर्ग के कार्ड से ₹1.40 लाख की खरीदारी; दो गिरफ्तार

 

धनबाद से एटीएम और साइबर ठगी का मामला सामने आया है, जिसमें बुजुर्गों को निशाना बनाकर उनके बैंक कार्ड की जानकारी हासिल करने और ऑनलाइन खरीदारी करने का आरोप है। दी गई जानकारी के अनुसार, दिल्ली पुलिस की शाहदरा साइबर टीम ने झारखंड के धनबाद जिले के झरिया से दो युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी खुद को बैंक अधिकारी बताकर लोगों से कार्ड की जानकारी, CVV और OTP हासिल करते थे।

 

इस मामले का खुलासा तब हुआ, जब एक पीड़ित के कार्ड से 1,39,999 रुपये का Samsung Galaxy S26 Ultra फोन खरीदे जाने की शिकायत सामने आई। ऑनलाइन ऑर्डर की डिलीवरी का पता झरिया से जुड़ने के बाद पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई।

 

बुजुर्ग को बैंक अधिकारी बनकर किया फोन

 

पुलिस के अनुसार, आरोपी कथित तौर पर खुद को HDFC बैंक का अधिकारी बताते थे। वे लोगों से कहते थे कि उनके क्रेडिट कार्ड या एटीएम कार्ड का KYC अपडेट करना है। इस बहाने कार्ड से जुड़ी गोपनीय जानकारी हासिल करने की कोशिश की जाती थी।

 

बताया गया है कि वीडियो कॉल के दौरान पीड़ितों से कार्ड नंबर और CVV जैसी जानकारी साझा करवाई जाती थी। कुछ मामलों में स्क्रीन शेयरिंग चालू करवाने और OTP हासिल करने का भी आरोप है। इसके बाद कथित तौर पर ऑनलाइन खरीदारी की जाती थी।

 

बैंक ग्राहकों के लिए यह एक अहम चेतावनी है कि KYC अपडेट के नाम पर किसी अनजान व्यक्ति के साथ कार्ड की जानकारी, OTP या स्क्रीन शेयरिंग साझा नहीं करनी चाहिए।

 

₹1,39,999 के फोन की डिलीवरी से खुला मामला

 

इस मामले में पीड़ित तरनजीत सिंह ने शिकायत की थी कि उनके कार्ड से 1,39,999 रुपये का Samsung Galaxy S26 Ultra फोन खरीदा गया। ऑनलाइन ऑर्डर की डिलीवरी से संबंधित जानकारी की जांच के दौरान पता चला कि फोन की डिलीवरी झरिया, धनबाद में होनी थी।

 

इसके बाद दिल्ली पुलिस की शाहदरा साइबर टीम ने डिलीवरी के स्थान और संबंधित लोगों की जानकारी जुटाई। पुलिस ने कथित तौर पर चार दिनों तक झरिया में रहकर जांच की और डिलीवरी से जुड़े घटनाक्रम पर नजर रखी।

 

डिलीवरी के दौरान दो आरोपी गिरफ्तार

 

दी गई जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने डिलीवरी एजेंट के साथ मिलकर आरोपियों को पकड़ने की योजना बनाई। इसके तहत फोन की डिलीवरी के लिए जाल बिछाया गया। जैसे ही दोनों युवक पार्सल लेने पहुंचे, पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

 

गिरफ्तार युवकों की पहचान आफताब अंसारी, उम्र 24 वर्ष, और अब्दुल मजीद, उम्र 23 वर्ष, के रूप में बताई गई है। आफताब के B.Tech ग्रेजुएट होने की जानकारी भी दी गई है। पुलिस के मुताबिक, दोनों मूल रूप से जामताड़ा जिले के बोरवा गांव के रहने वाले हैं।

 

हालांकि, आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों का अंतिम निर्धारण कानूनी प्रक्रिया के तहत होगा।

 

50 से ज्यादा बुजुर्गों को निशाना बनाने का दावा

 

पुलिस का कहना है कि इस गिरोह ने 50 से अधिक बुजुर्गों को ठगी का शिकार बनाया हो सकता है। आरोपियों के पास से तीन मोबाइल फोन बरामद किए जाने की जानकारी दी गई है। पुलिस के अनुसार, इन मोबाइल फोन में WhatsApp चैट और कथित ठगी से जुड़े डिजिटल साक्ष्य मिले हैं।

 

इन डिजिटल साक्ष्यों की जांच से यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि कितने लोगों को निशाना बनाया गया, कितनी रकम की ठगी हुई और क्या इस मामले में अन्य लोग भी शामिल हैं।

 

मामले की जांच में डिजिटल लेनदेन, ऑनलाइन ऑर्डर, मोबाइल चैट और डिलीवरी से जुड़े रिकॉर्ड महत्वपूर्ण हो सकते हैं। पीड़ितों की वास्तविक संख्या और कुल वित्तीय नुकसान की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

 

अररिया के फारबिसगंज में भी ATM कार्ड बदलकर ठगी

 

इसी तरह की एक अन्य घटना बिहार के अररिया जिले के फारबिसगंज से भी सामने आने की जानकारी दी गई है। बताया गया है कि यहां एक बुजुर्ग अरुण राय एटीएम से पैसे निकालने पहुंचे थे। इसी दौरान मदद करने के बहाने तीन युवकों ने कथित तौर पर उनका कार्ड बदल दिया।

 

इसके बाद उनके खाते से 40 हजार रुपये निकाले जाने की बात सामने आई है। घटना के संबंध में सीसीटीवी फुटेज में तीन संदिग्धों के दिखाई देने की जानकारी दी गई है।

 

इस तरह की घटनाओं में ठग अक्सर एटीएम बूथ पर मदद की पेशकश करते हैं और मौका पाकर कार्ड बदल देते हैं। इसलिए किसी अनजान व्यक्ति को अपना कार्ड देना या उससे PIN दर्ज करवाने में मदद लेना जोखिम भरा हो सकता है।

 

ATM इस्तेमाल करते समय इन बातों का रखें ध्यान

 

बैंकिंग और साइबर ठगी से बचने के लिए कुछ जरूरी सावधानियां अपनाना महत्वपूर्ण है।

 

– अपना ATM या क्रेडिट कार्ड किसी अनजान व्यक्ति को न दें।

– अपना PIN, CVV और OTP किसी के साथ साझा न करें।

– KYC अपडेट के नाम पर आने वाले अनजान कॉल और वीडियो कॉल से सावधान रहें।

– किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर मोबाइल में स्क्रीन शेयरिंग चालू न करें।

– ATM से पैसे निकालते समय PIN दर्ज करते हुए कीपैड को ढकें।

– कार्ड बदलने या खाते से अनधिकृत लेनदेन का संदेह हो तो तुरंत बैंक से संपर्क कर कार्ड ब्लॉक कराएं।

– साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन या आधिकारिक साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।

 

निष्कर्ष

 

धनबाद के झरिया से दो युवकों की गिरफ्तारी का यह मामला बैंकिंग और साइबर सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने बैंक अधिकारी बनकर कार्ड की गोपनीय जानकारी हासिल की और ऑनलाइन खरीदारी की। एक फोन की डिलीवरी से जुड़े सुराग के आधार पर जांच आगे बढ़ाई गई।

 

वहीं, फारबिसगंज में बुजुर्ग का कार्ड बदलकर पैसे निकालने की घटना भी एटीएम इस्तेमाल करते समय सतर्क रहने की जरूरत बताती है। लोगों को चाहिए कि वे अपने बैंकिंग विवरण गोपनीय रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत शिकायत करें।

 

नोट: गिरफ्तारी, आरोपियों की पहचान, कथित पीड़ितों की संख्या और बरामद डिजिटल साक्ष्यों से जुड़े विवरणों को प्रकाशित करने से पहले पुलिस के आधिकारिक बयान से सत्यापित करें।

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