Diwali Special: झारखंड की इन 3 पारंपरिक मिठाइयों के बिना अधूरा है त्योहार

दिवाली का त्योहार आते ही चारों ओर रोशनी, रंग-बिरंगी सजावट, पटाखों और मिठाइयों की खुशबू छा जाती है। इस खास मौके पर हर घर में तरह-तरह के पकवान बनाए जाते हैं। लेकिन झारखंड में दिवाली का जश्न यहां की पारंपरिक मिठाइयों के बिना अधूरा माना जाता है। राज्य की समृद्ध संस्कृति और खान-पान की परंपरा में कई ऐसे व्यंजन शामिल हैं, जो पीढ़ियों से त्योहारों की मिठास बढ़ाते आ रहे हैं।

झारखंड की पारंपरिक मिठाइयों की खासियत यह है कि इनमें चावल का आटा, गुड़, दूध, नारियल और देसी घी जैसी स्थानीय सामग्रियों का इस्तेमाल किया जाता है।

1. अरसा पीठा: झारखंड की पारंपरिक मिठास

झारखंड की पारंपरिक मिठाइयों की बात हो और अरसा पीठा का नाम न आए, ऐसा हो ही नहीं सकता। अरसा पीठा राज्य के लोकप्रिय पारंपरिक पकवानों में से एक है। इसे मुख्य रूप से चावल के आटे, गुड़ और सफेद तिल की मदद से तैयार किया जाता है।

इसकी खासियत इसका स्वाद और बनावट है। बाहर से हल्का कुरकुरा और अंदर से मुलायम अरसा पीठा खाने में बेहद स्वादिष्ट होता है। त्योहारों और खास पारिवारिक अवसरों पर इसे बनाने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है।

2. दूध पीठा: दूध और चावल के आटे का अनोखा स्वाद

झारखंड की दूसरी खास पारंपरिक मिठाई है दूध पीठा। इसे चावल के आटे से छोटी-छोटी पोटलियां बनाकर तैयार किया जाता है। इनमें नारियल या खोया जैसी मीठी सामग्री भरी जा सकती है।

इसके बाद इन पोटलियों को गाढ़े और मीठे दूध में पकाया जाता है। दूध की मलाईदार मिठास और चावल के आटे की नरम बनावट इसे बेहद खास बनाती है। त्योहारों के मौके पर इसे परिवार के साथ खाना एक अलग ही अनुभव देता है।

3. मालपुआ: त्योहारों की थाली का खास पकवान

त्योहारों की मिठाइयों में मालपुआ का अपना अलग ही स्थान है। झारखंड में भी इसे खास मौकों पर बड़े चाव से बनाया जाता है। दूध, आटा, केला और अन्य सामग्री से तैयार इसका घोल देसी घी में तलकर बनाया जाता है।

तलने के बाद मालपुए को मीठी चाशनी में डुबोया जाता है, जिससे इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है। बाहर से हल्का कुरकुरा और अंदर से नरम मालपुआ बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को पसंद आता है।

इस दिवाली झारखंड के पारंपरिक स्वाद को दें जगह

दिवाली सिर्फ दीप जलाने और घर सजाने का त्योहार नहीं है, बल्कि यह अपनी संस्कृति, परंपराओं और खान-पान को याद करने का भी अवसर है। अरसा पीठा, दूध पीठा और मालपुआ जैसी पारंपरिक मिठाइयां झारखंड की खान-पान की विरासत को खास पहचान देती हैं।

इस दिवाली बाजार की मिठाइयों के साथ अपने घर में भी इन पारंपरिक पकवानों को जगह दें और परिवार के साथ झारखंड के देसी स्वाद का आनंद उठाएं।

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