केतन मर्डर केस में फिल्मी ट्विस्ट! क्या ‘हसीन दिलरुबा’ जैसी थी हत्या की साजिश?
केतन मर्डर केस में फिल्मी ट्विस्ट! क्या ‘हसीन दिलरुबा’ जैसी थी हत्या की साजिश?
Focus Keyword: Ketan Agarwal Murder Case
Ketan Agarwal Murder Case ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। महाराष्ट्र के पुणे में कारोबारी केतन अग्रवाल की मौत की जांच में रोज नए खुलासे हो रहे हैं। शुरुआत में इसे एक हादसा माना गया था, लेकिन पुलिस जांच में सामने आए तथ्यों के बाद मामला कथित हत्या की साजिश में बदल गया। इस मामले में पुलिस ने केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी को गिरफ्तार किया है। हालांकि दोनों के खिलाफ आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत में सुनवाई और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।
पुलिस के अनुसार, 18 जून को महाराष्ट्र के प्रसिद्ध लोहगढ़ किले में ट्रेकिंग के दौरान केतन अग्रवाल की खाई में गिरने से मौत हो गई थी। शुरुआती जांच में इसे दुर्घटना माना गया, लेकिन बाद में मिले सबूतों और परिस्थितियों ने जांच की दिशा बदल दी।
जांच एजेंसियों के मुताबिक सबसे अहम सुराग दोनों आरोपियों के कथित कॉल रिकॉर्ड से मिला। पुलिस का दावा है कि पिछले छह महीनों में दोनों के बीच 2,004 बार बातचीत हुई और कुल 238 घंटे तक फोन पर संपर्क रहा। कई कॉल दो से तीन घंटे तक लगातार चलीं। जांचकर्ताओं का मानना है कि इतनी लगातार बातचीत मामले की गहन जांच की मांग करती है।
पुलिस का यह भी दावा है कि घटना वाले दिन दोनों कथित तौर पर एक कैफे में मिले थे, जहां केतन को रास्ते से हटाने की योजना पर चर्चा हुई। जांच एजेंसियों को संदेह है कि ट्रेकिंग के दौरान ऐसी जगह पहले से चिन्हित की गई थी, जहां से धक्का देकर खाई में गिराया जा सकता था। हालांकि इन सभी आरोपों की पुष्टि अदालत में पेश किए जाने वाले साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
इस मामले में एक और पहलू चर्चा में है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि घटनाक्रम नेटफ्लिक्स की चर्चित फिल्म ‘हसीन दिलरुबा’ के कथानक से मिलता-जुलता प्रतीत होता है। हालांकि पुलिस ने आधिकारिक रूप से यह नहीं कहा है कि आरोपियों ने किसी फिल्म से प्रेरणा ली थी। इसलिए इस पहलू को फिलहाल केवल मीडिया रिपोर्ट्स और सार्वजनिक चर्चा के रूप में ही देखा जा रहा है।
दूसरी ओर, आरोपी चेतन चौधरी के पिता ने अपने बेटे का बचाव किया है। उनका कहना है कि चेतन को झूठा फंसाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि घटना के समय उनका बेटा दूर खड़ा था और केतन के सबसे करीब सिया मौजूद थी। उन्होंने यह भी कहा कि उनका परिवार सिया गोयल को पहले से नहीं जानता था।
वहीं, केतन अग्रवाल के परिवार ने मामले की सुनवाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट में कराने की मांग की है। परिवार का आरोप है कि घटना के बाद सिया के व्यवहार में कई विरोधाभास दिखाई दिए। उनका कहना है कि उसके व्यवहार से ऐसा नहीं लगा कि वह अपने मंगेतर की अचानक हुई मौत से सदमे में थी।
पुलिस फिलहाल दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है और डिजिटल साक्ष्यों, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, घटनास्थल की फोरेंसिक रिपोर्ट तथा अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद चार्जशीट अदालत में पेश की जाएगी।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी आपराधिक मामले में अंतिम सत्य न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों, गवाहों और सुनवाई के बाद ही तय होता है। इसलिए जांच पूरी होने और अदालत का फैसला आने तक सभी आरोप केवल जांच के दायरे में माने जाएंगे।
अब इस हाई-प्रोफाइल मामले में सभी की नजर पुलिस की अगली कार्रवाई, चार्जशीट और अदालत की आगामी सुनवाई पर टिकी हुई है।

