PM Modi 7.8% GDP Growth: पीएम मोदी ने 7.8% आर्थिक ग्रोथ का किया जिक्र, विपक्ष पर साधा निशाना; बोले- भारत की तरक्की से कुछ लोग परेशान

PM Modi 7.8% GDP Growth: पीएम मोदी ने 7.8% आर्थिक ग्रोथ का किया जिक्र, विपक्ष पर साधा निशाना; बोले- भारत की तरक्की से कुछ लोग परेशान

देश की राजनीति में इस वक्त अर्थव्यवस्था और विकास का मुद्दा एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) के शताब्दी समारोह में भारत की 7.8 प्रतिशत आर्थिक वृद्धि का जिक्र करते हुए विपक्ष पर तीखा निशाना साधा। पीएम मोदी ने कहा कि वैश्विक स्तर पर कई तरह की अनिश्चितताओं और मुश्किल परिस्थितियों के बीच भारत की अर्थव्यवस्था ने 7.8 प्रतिशत की रफ्तार हासिल की है, जो देश की आर्थिक मजबूती को दिखाती है।

प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत की अर्थव्यवस्था की विकास दर को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक बहस तेज है। पीएम मोदी ने SRCC के मंच से आर्थिक आंकड़ों को सरकार की उपलब्धि के तौर पर पेश किया और कहा कि देश आज जिस गति से आगे बढ़ रहा है, वह पहले के मुकाबले काफी अलग स्थिति को दर्शाता है।

7.8% GDP ग्रोथ का पीएम मोदी ने किया जिक्र

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में दर्ज 7.8 प्रतिशत वास्तविक GDP वृद्धि का उल्लेख किया। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस अवधि में निवेश में 11.9 प्रतिशत और घरेलू खपत में 7.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। सरकार ने इन आंकड़ों को भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती और बढ़ते आर्थिक भरोसे का संकेत बताया है।

पीएम मोदी ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत की यह आर्थिक वृद्धि देश की क्षमता और मजबूती को दिखाती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत अब तेज गति से आगे बढ़ रहा है और आने वाले वर्षों में देश के विकास की रफ्तार को और मजबूत किया जा सकता है।

2013 के भारत से आज की तुलना

SRCC में अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने अपने पुराने भाषण का भी जिक्र किया। उन्होंने 2013 के भारत और वर्तमान भारत की तुलना करते हुए कहा कि उस समय देश की अर्थव्यवस्था कई चुनौतियों से जूझ रही थी। पीएम मोदी ने उस दौर की आर्थिक स्थिति, महंगाई और नीतिगत चुनौतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले वर्षों में भारत ने काफी बदलाव देखा है।

उन्होंने यह भी कहा कि भारत पहले दुनिया की कमजोर अर्थव्यवस्थाओं की सूची में चर्चा का विषय था, जबकि आज देश दुनिया की तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में ‘पॉलिसी पैरालिसिस’ से ‘पॉलिसी डायनेमिज्म’ तक के बदलाव का भी उल्लेख किया।

विपक्ष पर पीएम मोदी का हमला

प्रधानमंत्री ने 7.8 प्रतिशत की GDP ग्रोथ को लेकर विपक्ष और आलोचकों पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों को देश की आर्थिक प्रगति और विकास के आंकड़े स्वीकार करने में परेशानी हो रही है। पीएम मोदी ने विपक्ष की सोच को नकारात्मक बताते हुए कहा कि देश को आगे बढ़ाने के लिए सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास जरूरी है।

पीएम मोदी का यह बयान राजनीतिक रूप से इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि GDP के आंकड़ों को लेकर पहले से ही सरकार और विपक्ष के बीच बहस चल रही है। विपक्ष की ओर से आर्थिक विकास के आंकड़ों के साथ रोजगार, महंगाई और आम लोगों की आर्थिक स्थिति जैसे मुद्दे भी उठाए जा रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी इससे पहले सरकार के आर्थिक दावों पर सवाल उठाते हुए बेरोजगारी और महंगाई का मुद्दा उठाया था।

सरकार के लिए आर्थिक आंकड़े बड़ा राजनीतिक मुद्दा

7.8 प्रतिशत की GDP ग्रोथ अब केवल आर्थिक आंकड़ा नहीं रह गई है, बल्कि यह राजनीतिक बहस का भी महत्वपूर्ण हिस्सा बनती दिखाई दे रही है। सरकार इस आंकड़े को अपनी आर्थिक नीतियों और विकास की दिशा की सफलता के तौर पर पेश कर रही है। वहीं विपक्ष आर्थिक विकास के आंकड़ों के साथ यह सवाल उठा रहा है कि इसका वास्तविक फायदा आम जनता, युवाओं और रोजगार के स्तर पर कितना पहुंच रहा है।

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक भी 7.8 प्रतिशत की वृद्धि दर ने अर्थव्यवस्था को लेकर नई बहस को जन्म दिया है। कुछ अर्थशास्त्रियों ने GDP की गणना और इसके आधार से जुड़े सवाल उठाए हैं, जबकि सरकार ने अपनी नई गणना पद्धति और आर्थिक गतिविधियों के आंकड़ों का बचाव किया है।

आगे और तेज हो सकती है राजनीतिक बहस

पीएम मोदी के SRCC संबोधन के बाद यह साफ है कि आने वाले समय में अर्थव्यवस्था, GDP ग्रोथ, रोजगार, महंगाई और विकास जैसे मुद्दे राजनीति के केंद्र में रहने वाले हैं। सरकार 7.8 प्रतिशत की वृद्धि को भारत की मजबूत आर्थिक स्थिति के प्रमाण के तौर पर पेश करेगी, जबकि विपक्ष इसके साथ आम जनता की आर्थिक स्थिति और रोजगार जैसे सवालों को जोड़कर सरकार को घेरने की कोशिश कर सकता है।

ऐसे में प्रधानमंत्री का यह बयान केवल आर्थिक उपलब्धि का जिक्र नहीं बल्कि एक राजनीतिक संदेश के तौर पर भी देखा जा रहा है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि विपक्ष इस बयान का किस तरह जवाब देता है और आने वाले दिनों में GDP ग्रोथ को लेकर राजनीतिक बहस किस दिशा में जाती है।

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