अमेरिका-ईरान शांति समझौते की तैयारी तेज, ट्रंप बोले- ईरान नहीं बनाएगा परमाणु हथियार
अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया है कि ईरान ने भविष्य में कभी भी परमाणु हथियार नहीं बनाने पर सहमति दे दी है। साथ ही उन्होंने उन खबरों को भी खारिज कर दिया जिनमें कहा जा रहा था कि समझौते के बदले अमेरिका ईरान को 300 मिलियन डॉलर देगा।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कहा कि ईरान का परमाणु हथियार न बनाने का वादा इस समझौते का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका द्वारा ईरान को 300 मिलियन डॉलर देने की खबरें पूरी तरह “फेक न्यूज” हैं।
रिपोर्टों के अनुसार अमेरिका और ईरान के बीच एक डिजिटल समझौता ज्ञापन (MOU) पर पहले ही सहमति बन चुकी है और दोनों देशों के प्रतिनिधियों द्वारा डिजिटल हस्ताक्षर भी किए जा चुके हैं। अब 19 जून को स्विट्जरलैंड के Geneva में औपचारिक हस्ताक्षर समारोह आयोजित होने की संभावना है।
समझौते के मसौदे में ईरान की विदेशों में फ्रीज की गई संपत्तियों को चरणबद्ध तरीके से जारी करने, कुछ आर्थिक प्रतिबंधों में राहत देने और आर्थिक पुनर्निर्माण के लिए वित्तीय सहायता की संभावनाएं शामिल बताई जा रही हैं। हालांकि अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि किसी भी आर्थिक लाभ या प्रतिबंध राहत से पहले ईरान को अपनी सभी प्रतिबद्धताओं को सत्यापित तरीके से पूरा करना होगा।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance ने कहा है कि समझौते का पूरा पाठ जल्द सार्वजनिक किया जाएगा। उन्होंने दोहराया कि जब तक ईरान अपनी जिम्मेदारियों को पूरा नहीं करता, तब तक उसे कोई आर्थिक लाभ नहीं मिलेगा। साथ ही परमाणु निरीक्षण, समृद्ध यूरेनियम के भंडार और निगरानी व्यवस्था जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर आगे की वार्ताओं में चर्चा होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि 19 जून के बाद शुरू होने वाली तकनीकी वार्ताएं इस समझौते के भविष्य को तय करेंगी। फिलहाल यह समझौता मध्य पूर्व में तनाव कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, लेकिन इसके कई प्रावधानों पर अभी अंतिम सहमति बनना बाकी है।

