गाजियाबाद में पोलियो वायरस की दस्तक! सीवेज जांच में VDPV-1 की पुष्टि, स्वास्थ्य विभाग ने शुरू किया घर-घर सर्वे अभियान

पूरी खबर (विस्तार से):

गाजियाबाद | 10 जून 2026

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में पोलियो वायरस से जुड़ी एक चिंताजनक खबर सामने आई है। डूंडाहेड़ा स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के पानी के नमूनों की जांच में वैक्सीन-व्युत्पन्न पोलियोवायरस (VDPV) टाइप-1 की पुष्टि हुई है। रिपोर्ट सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है और संक्रमण के संभावित खतरे को रोकने के लिए व्यापक निगरानी अभियान शुरू कर दिया गया है।

स्वास्थ्य विभाग ने जिले के 12 शहरी स्वास्थ्य केंद्रों के अंतर्गत 107 विशेष टीमों का गठन किया है। ये टीमें घर-घर जाकर 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों की स्वास्थ्य जांच कर रही हैं और यह सुनिश्चित कर रही हैं कि सभी बच्चों को पोलियो की खुराक समय पर मिले।

किन इलाकों में चल रहा विशेष अभियान?

पोलियो वायरस मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने कई संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी बढ़ा दी है। इनमें राजनगर, शास्त्रीनगर, विजय नगर, घुकना, हिंडन विहार और आसपास के अन्य इलाके शामिल हैं। इन क्षेत्रों में बच्चों की जांच के साथ-साथ लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है।

क्या है VDPV-1?

VDPV (Vaccine-Derived Poliovirus) एक ऐसा पोलियो वायरस है जो दुर्लभ परिस्थितियों में तब विकसित हो सकता है जब किसी क्षेत्र में बड़ी संख्या में बच्चों का टीकाकरण पूरा न हुआ हो। विशेषज्ञों के अनुसार, यह वायरस मुख्य रूप से उन बच्चों के लिए खतरा बन सकता है जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है या जिन्होंने पोलियो की सभी निर्धारित खुराकें नहीं ली हैं।

हालांकि, स्वास्थ्य अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल किसी बच्चे में पोलियो संक्रमण का मामला सामने नहीं आया है। वायरस केवल सीवेज नमूने में मिला है, इसलिए इसे एक चेतावनी संकेत मानते हुए एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।

स्वास्थ्य विभाग की अपील

स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों का टीकाकरण रिकॉर्ड जांचें और यदि कोई खुराक छूट गई हो तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। साथ ही साफ-सफाई बनाए रखने, शुद्ध पानी पीने और बच्चों को नियमित रूप से पोलियो ड्रॉप्स दिलाने की सलाह दी गई है।

फिलहाल स्थिति क्या है?

  • डूंडाहेड़ा STP के नमूने में VDPV-1 की पुष्टि हुई है।
  • जिले में 107 टीमें डोर-टू-डोर सर्वे कर रही हैं।
  • 0 से 5 वर्ष के बच्चों की जांच और टीकाकरण पर विशेष जोर।
  • अभी तक किसी बच्चे में पोलियो संक्रमण की पुष्टि नहीं।
  • स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और टीकाकरण पूरा कराने की अपील की है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर टीकाकरण और जागरूकता के जरिए किसी भी संभावित खतरे को रोका जा सकता है। इसलिए अभिभावकों के लिए यह बेहद जरूरी है कि वे पोलियो टीकाकरण को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही न बरतें।

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