नेपाल में फिर बाढ़ का खतरा, तिब्बत सीमा पर झील ओवरफ्लो होने से अलर्ट

नेपाल में फिर बाढ़ का खतरा, तिब्बत सीमा पर झील ओवरफ्लो होने से अलर्ट

नेपाल में भीषण बाढ़ और तबाही के बाद स्थिति अभी सामान्य भी नहीं हुई है कि एक बार फिर नए खतरे ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। नेपाल-तिब्बत सीमा के पास बनी एक barrier lake के ओवरफ्लो होने के बाद निचले इलाकों में दोबारा बाढ़ आने का खतरा पैदा हो गया है। अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर ऊंचे तथा सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।

इससे पहले बुधवार को हिमालयी क्षेत्र में ग्लेशियर और मलबे के अचानक खिसकने के बाद आई भीषण बाढ़ ने नेपाल और तिब्बत के कई इलाकों में भारी तबाही मचाई थी। शुक्रवार तक नेपाल में मौत का आंकड़ा 469 तक पहुंच गया, जबकि नेपाल और तिब्बत को मिलाकर 1,468 लोग अभी भी लापता बताए गए हैं।

तिब्बत सीमा पर फिर बढ़ा पानी का खतरा

नई चिंता उस barrier lake को लेकर है, जो बाढ़ के दौरान भारी मलबे और चट्टानों के जमा होने से बनी। अधिकारियों के अनुसार झील में पानी लगातार बढ़ रहा था और बाद में इसके किनारों से पानी बहने की सूचना सामने आई।

Reuters के अनुसार, नेपाल के रासुवा जिले में बनी झील ने अपना किनारा पार करना शुरू कर दिया है। इसके कारण पहले से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पानी का स्तर और बढ़ने की आशंका पैदा हुई है। प्रशासन ने लोगों को नदी और निचले इलाकों से दूर रहने तथा सुरक्षित ऊंचे स्थानों की ओर जाने की सलाह दी है।

बचाव अभियान पर भी पड़ा असर

नई बाढ़ के खतरे का असर राहत और बचाव अभियान पर भी पड़ा है। तिब्बत में चीनी बचाव दलों को कुछ समय के लिए अभियान रोकने और सुरक्षित दूरी पर जाने के निर्देश दिए गए। इसका कारण यह आशंका है कि झील के पानी का दबाव बढ़ने से अचानक पानी और मलबे का तेज बहाव नीचे की ओर आ सकता है।

ऐसे समय में बचाव दलों के लिए प्रभावित इलाकों में जाना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है। कई जगह सड़कें और पुल पहले ही क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। मलबे और तेज बहाव के कारण कुछ क्षेत्रों तक पहुंचना मुश्किल बना हुआ है।

नेपाल में 469 लोगों की मौत

बुधवार को आई भीषण बाढ़ ने नेपाल के कई जिलों को प्रभावित किया। नेपाल पुलिस के अनुसार शुक्रवार तक देश में 469 लोगों की मौत की पुष्टि हुई थी। वहीं नेपाल में 910 लोग लापता बताए गए थे। तिब्बत में भी सैकड़ों लोग लापता हैं, जिससे दोनों तरफ लापता लोगों की संख्या 1,468 तक पहुंच गई।

बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में रासुवा सहित कई जिले शामिल हैं। नदियों में अचानक बढ़े पानी और मलबे के तेज बहाव ने घरों, सड़कों, पुलों और दूसरी जरूरी सुविधाओं को नुकसान पहुंचाया है।

लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा

नए खतरे के बीच स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बलों को अलर्ट पर रखा गया है। प्रभावित इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।

लोगों से कहा गया है कि वे नदी के किनारे, निचले इलाकों और कमजोर पुलों से दूरी बनाए रखें। प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील भी की गई है।

आपात स्थिति को देखते हुए लोगों को जरूरी दस्तावेज, दवाइयां, पानी, भोजन और अन्य आवश्यक सामान अपने साथ रखने की सलाह दी जा रही है।

कुछ ही घंटों में बढ़ सकता है खतरा

Barrier lake से आने वाले पानी को लेकर सबसे बड़ी चिंता इसकी रफ्तार और मात्रा को लेकर है। पहाड़ी इलाकों में पानी का बहाव अचानक तेज हो सकता है। यही वजह है कि प्रशासन संभावित खतरे वाले क्षेत्रों में पहले से लोगों को सुरक्षित करने की कोशिश कर रहा है।

विशेषज्ञों और अधिकारियों की चिंता इसलिए भी बढ़ी है क्योंकि जिस इलाके में यह झील बनी है, वहां पहले ही भारी तबाही हो चुकी है। अगर पानी अचानक बड़ी मात्रा में नीचे की ओर आता है तो इससे पहले से क्षतिग्रस्त इलाकों में दूसरी बाढ़ की स्थिति पैदा हो सकती है।

चीन ने अस्थायी रूप से रोका बचाव अभियान

तिब्बत की तरफ भी बचाव अभियान को खतरे के कारण अस्थायी रूप से रोका गया। रिपोर्टों के अनुसार बचाव दलों और वाहनों को पीछे हटने के निर्देश दिए गए, ताकि अचानक पानी आने की स्थिति में बचावकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

नेपाल में भी बचाव दल लगातार प्रभावित लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। हेलीकॉप्टरों और सुरक्षा बलों की मदद से फंसे लोगों को निकालने का अभियान जारी है।

भारत के नागरिक भी लापता

नेपाल और तिब्बत में आए इस प्राकृतिक संकट का असर भारत समेत कई देशों के नागरिकों पर भी पड़ा है। भारत सरकार नेपाल में मौजूद अपने नागरिकों का पता लगाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। रिपोर्टों के मुताबिक 290 भारतीय नागरिकों से अभी संपर्क नहीं हो पाया है

नेपाल का यह इलाका विदेशी पर्यटकों और तीर्थयात्रियों के बीच भी काफी लोकप्रिय है। इसी कारण बाढ़ के बाद कई देशों के नागरिकों के लापता होने की जानकारी सामने आई है।

लोगों से सतर्क रहने की अपील

फिलहाल नेपाल और तिब्बत सीमा पर हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। एक तरफ पहले से हुई तबाही के बाद राहत और बचाव अभियान चल रहा है, तो दूसरी तरफ barrier lake के ओवरफ्लो होने से नई बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है।

अधिकारियों ने लोगों से नदी के किनारे जाने से बचने, सुरक्षित ऊंचे स्थानों पर रहने और आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील की है। राहत और बचाव दल भी संभावित नए खतरे को देखते हुए अपनी तैयारियां कर रहे हैं।

नेपाल में आई यह आपदा एक बार फिर बताती है कि पहाड़ी क्षेत्रों में अचानक आने वाली बाढ़ और भूस्खलन कितने खतरनाक हो सकते हैं। फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा, लापता लोगों की तलाश और प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना है।

नए अलर्ट के बीच प्रशासन की अपील साफ है—सतर्क रहें, सुरक्षित रहें और किसी भी आधिकारिक चेतावनी को नजरअंदाज न करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *