रांची की मानसी कुमारी को राष्ट्रीय सम्मान, टैली MSME ऑनर्स 2026 के ‘वंडर वूमन अवॉर्ड’ से नवाजी गईं
मानसी कुमारी वंडर वूमन अवॉर्ड झारखंड के लिए गर्व का क्षण बन गया है। राजधानी रांची की युवा उद्यमी मानसी कुमारी ने राष्ट्रीय स्तर पर राज्य का नाम रोशन करते हुए प्रतिष्ठित टैली MSME ऑनर्स 2026 के ‘वंडर वूमन अवॉर्ड’ से सम्मानित होने का गौरव हासिल किया है। यह सम्मान उन्हें महिला उद्यमिता, नवाचार, नेतृत्व और सामाजिक बदलाव के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया। इस उपलब्धि को झारखंड के स्टार्टअप इकोसिस्टम और महिला उद्यमिता के लिए एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।
रांची की रहने वाली मानसी कुमारी अपने सामाजिक स्टार्टअप ‘अंत्रिका’ के माध्यम से महिलाओं के स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की दिशा में लगातार कार्य कर रही हैं। उनका स्टार्टअप केवल एक व्यवसाय नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव का एक अभियान बन चुका है। महिलाओं के मासिक धर्म स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर जागरूकता फैलाने के साथ-साथ पर्यावरण को सुरक्षित रखने की दिशा में उनका प्रयास राष्ट्रीय स्तर पर सराहा जा रहा है।
टैली MSME ऑनर्स देशभर के उन उद्यमियों और संस्थाओं को सम्मानित करता है जिन्होंने अपने क्षेत्र में नवाचार और उत्कृष्ट कार्य करते हुए समाज पर सकारात्मक प्रभाव डाला हो। ऐसे प्रतिष्ठित मंच पर झारखंड की बेटी को सम्मान मिलना राज्य के लिए गौरव की बात है।
मानसी कुमारी द्वारा स्थापित अंत्रिका प्राकृतिक संसाधनों पर आधारित पर्यावरण-अनुकूल सैनिटरी पैड तैयार करता है। इन पैड्स के निर्माण में नीम, एलोवेरा जैसे प्राकृतिक तत्वों का उपयोग किया जाता है। इनका उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षित और स्वास्थ्यवर्धक विकल्प उपलब्ध कराना है, साथ ही प्लास्टिक से होने वाले प्रदूषण को कम करना भी है।
आज भी देश के कई हिस्सों में मासिक धर्म से जुड़े विषयों पर खुलकर चर्चा नहीं होती। कई महिलाएं और किशोरियां जागरूकता की कमी तथा महंगे उत्पादों के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करती हैं। मानसी कुमारी का स्टार्टअप इस चुनौती का समाधान देने की दिशा में काम कर रहा है। संस्था महिलाओं को न केवल पर्यावरण-अनुकूल उत्पाद उपलब्ध कराती है बल्कि उन्हें मासिक धर्म स्वास्थ्य के प्रति जागरूक भी बनाती है।
मानसी का मानना है कि महिलाओं का स्वास्थ्य केवल व्यक्तिगत नहीं बल्कि सामाजिक और आर्थिक विकास से भी जुड़ा हुआ विषय है। यदि महिलाओं को सुरक्षित और सम्मानजनक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी तो उनका आत्मविश्वास और जीवन स्तर दोनों बेहतर होंगे।
राष्ट्रीय सम्मान मिलने के बाद मानसी कुमारी ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि यह पुरस्कार केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उनकी पूरी टीम, परिवार, शिक्षकों, मार्गदर्शकों और उन सभी महिलाओं का है जिन्होंने उनके मिशन पर भरोसा जताया। उनके अनुसार यह सम्मान उन्हें और अधिक मेहनत करने तथा देशभर की महिलाओं तक बेहतर स्वास्थ्य समाधान पहुंचाने की प्रेरणा देगा।
उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य केवल एक सफल स्टार्टअप बनाना नहीं, बल्कि महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है। आने वाले समय में वह अपने उत्पादों और जागरूकता अभियान को देश के अधिक से अधिक राज्यों तक पहुंचाना चाहती हैं।
मानसी कुमारी वर्तमान में बीआईटी मेसरा से एमबीए की पढ़ाई कर रही हैं। पढ़ाई के साथ-साथ अपने स्टार्टअप का सफल संचालन करना उनकी मेहनत, समय प्रबंधन और समर्पण को दर्शाता है। शिक्षा और उद्यमिता के बीच संतुलन बनाते हुए उन्होंने यह साबित किया है कि मजबूत इच्छाशक्ति और स्पष्ट लक्ष्य के साथ बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।
यह पहली बार नहीं है जब मानसी के काम को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली हो। इससे पहले भी उनके नवाचार और सामाजिक पहल की कई मंचों पर सराहना हो चुकी है। अब टैली MSME ऑनर्स 2026 का ‘वंडर वूमन अवॉर्ड’ उनके प्रयासों को नई पहचान देने के साथ-साथ झारखंड के स्टार्टअप इकोसिस्टम को भी मजबूती प्रदान करेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की उपलब्धियां राज्य के युवाओं, खासकर महिला उद्यमियों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं। झारखंड में स्टार्टअप संस्कृति तेजी से विकसित हो रही है और मानसी जैसी युवा उद्यमियों की सफलता इस बदलाव का सकारात्मक उदाहरण है।
महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में यह सम्मान एक महत्वपूर्ण संदेश भी देता है कि यदि नवाचार को सामाजिक उद्देश्य के साथ जोड़ा जाए तो उसका प्रभाव कहीं अधिक व्यापक हो सकता है। मानसी कुमारी की सफलता यह साबित करती है कि छोटे शहरों से निकले युवा भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं और समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं।
झारखंड की इस बेटी की उपलब्धि न केवल राज्य बल्कि पूरे देश की युवा महिलाओं के लिए प्रेरणा है। उनके प्रयास आने वाले समय में स्वास्थ्य, पर्यावरण और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में नई संभावनाओं का मार्ग प्रशस्त कर सकते हैं।

