राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में बड़ा खुलासा! CCTV में कैद हुईं 70 संदिग्ध घटनाएं
Ayodhya News: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए और चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। विशेष जांच दल (SIT) की जांच में दावा किया गया है कि आरोपी बेहद सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम देते थे। जांच के दौरान मिले CCTV फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। अधिकारियों का मानना है कि चोरी की पूरी प्रक्रिया पहले से तय योजना के अनुसार संचालित की जाती थी।
Ayodhya News के अनुसार, जांच में सामने आया है कि ड्यूटी पर जाने से पहले आरोपी आपस में फोन पर बातचीत कर पूरी रणनीति तैयार करते थे। कथित तौर पर यह तय किया जाता था कि दानपात्र से नकदी कौन निकालेगा, उसे कौन अपने कपड़ों में छिपाएगा और CCTV कैमरे के सामने कौन खड़ा रहेगा, ताकि कैमरे का व्यू बाधित हो जाए और पूरी घटना स्पष्ट रूप से रिकॉर्ड न हो सके।
SIT की जांच में मंदिर परिसर के CCTV फुटेज का विस्तृत विश्लेषण किया गया। प्रारंभिक जांच में लगभग 70 संदिग्ध घटनाएं सामने आने का दावा किया गया है। जांच एजेंसियों के अनुसार, कई फुटेज में कुछ आरोपी दानपात्र से निकाली गई नकदी को व्यवस्थित करते और अवसर मिलते ही उसे अपने कपड़ों में छिपाते हुए दिखाई देते हैं। वहीं कुछ अन्य लोग कैमरे के सामने खड़े होकर दृश्य को बाधित करने की कोशिश करते नजर आते हैं।
जांच अधिकारियों का मानना है कि कथित तौर पर चोरी के बाद प्राप्त रकम का आपस में बंटवारा भी किया जाता था। हालांकि इस संबंध में पुलिस अभी सभी पहलुओं की जांच कर रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। मामले की जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा।
इस मामले में गिरफ्तार किए गए सभी आठ आरोपियों की न्यायिक हिरासत समाप्त होने वाली है। पुलिस उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश करेगी। वहीं कुछ आरोपियों से पूछताछ अभी बाकी है। जांच एजेंसियां उनसे घटना की पूरी साजिश, पैसों के कथित बंटवारे और अन्य संभावित सहयोगियों के संबंध में जानकारी जुटाने का प्रयास करेंगी।
जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि क्या आरोपियों की CCTV कंट्रोल रूम तक किसी प्रकार की पहुंच थी। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कहीं किसी फुटेज के साथ छेड़छाड़ या उसे हटाने की कोशिश तो नहीं की गई। इस संबंध में डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि धार्मिक स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं के दान की सुरक्षा के लिए अत्याधुनिक निगरानी प्रणाली और बहु-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था आवश्यक है। यदि जांच में किसी प्रकार की सुरक्षा चूक सामने आती है, तो भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए अतिरिक्त कदम उठाए जा सकते हैं।
फिलहाल पुलिस और SIT सभी तकनीकी एवं दस्तावेजी साक्ष्यों की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पूरे मामले पर प्रशासन की नजर बनी हुई है और जांच एजेंसियां हर पहलू की गहन पड़ताल कर रही हैं।

