भरत तिवारी एनकाउंटर के 16 दिन बाद बिहार में फिर पुलिस एनकाउंटर, सीतामढ़ी में मोस्ट वांटेड फैकन कुमार के पैर में लगी गोली
बिहार एनकाउंटर की कार्रवाई एक बार फिर सुर्खियों में है। भोजपुर जिले में भरत तिवारी एनकाउंटर के लगभग 16 दिन बाद राज्य में पुलिस और अपराधियों के बीच एक और मुठभेड़ हुई है। इस बार सीतामढ़ी जिले के रीगा थाना क्षेत्र में पुलिस ने मोस्ट वांटेड अपराधी फैकन कुमार को जवाबी कार्रवाई के दौरान गोली मारकर घायल कर दिया। गोली उसके पैर में लगी, जिसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस कार्रवाई के दौरान फैकन कुमार समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के अनुसार फैकन कुमार हाल ही में हुए एक सीएसपी (Customer Service Point) संचालक से लूटकांड का मुख्य आरोपी है। गुरुवार को हुई इस लूट की घटना के बाद से पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी हुई थी। जांच के दौरान पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि फैकन अपने कुछ साथियों के साथ रीगा थाना क्षेत्र में मौजूद है। सूचना के आधार पर पुलिस ने तत्काल इलाके की घेराबंदी कर कार्रवाई शुरू की।
पुलिस पर फायरिंग के बाद हुई जवाबी कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक जैसे ही सुरक्षा बलों ने इलाके को घेरा, फैकन कुमार और उसके साथ मौजूद अपराधियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने पहले आरोपियों को आत्मसमर्पण करने का मौका दिया, लेकिन लगातार हो रही गोलीबारी के बाद जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी।
इसी दौरान पुलिस की गोली फैकन कुमार के पैर में लगी, जिससे वह घायल होकर गिर पड़ा। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज चल रहा है। मुठभेड़ के दौरान फैकन के तीन अन्य साथियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
मौके से हथियार और लूटी गई बाइक बरामद
पुलिस की तलाशी में घटनास्थल से कई आपत्तिजनक सामान बरामद किए गए। अधिकारियों के अनुसार आरोपियों के पास से एक देसी पिस्टल, दो देसी कट्टे, दो जिंदा कारतूस और हाल ही में लूटी गई एक मोटरसाइकिल बरामद हुई है। बरामद हथियारों और अन्य सामान को जब्त कर पुलिस ने आगे की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस का कहना है कि बरामद बाइक उसी लूटकांड से जुड़ी बताई जा रही है, जिसकी जांच चल रही थी। हथियारों की फॉरेंसिक जांच भी कराई जाएगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि उनका इस्तेमाल अन्य आपराधिक घटनाओं में हुआ है या नहीं।
पहले से कई मामलों में वांछित है फैकन कुमार
जानकारी के अनुसार फैकन कुमार पर पहले से ही लूट, डकैती और अन्य गंभीर आपराधिक मामलों के कई केस दर्ज हैं। विशेष रूप से परसौनी थाना क्षेत्र में उसके खिलाफ कई मामले लंबित बताए जा रहे हैं। पुलिस रिकॉर्ड में उसका नाम लंबे समय से सक्रिय अपराधियों की सूची में शामिल है।
अधिकारियों का कहना है कि फैकन की गिरफ्तारी से हाल के दिनों में हुई कई आपराधिक घटनाओं के खुलासे की उम्मीद है। उससे पूछताछ कर उसके गिरोह के अन्य सदस्यों और नेटवर्क के बारे में भी जानकारी जुटाई जाएगी।
भरत तिवारी एनकाउंटर के बाद पहली बड़ी मुठभेड़
इस घटना को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि 17 जून को भोजपुर जिले के बिलौटी गांव में भरत तिवारी के एनकाउंटर के बाद बिहार में यह पहली बड़ी पुलिस मुठभेड़ है। भरत तिवारी एनकाउंटर को लेकर उस समय काफी विवाद हुआ था। स्थानीय लोगों ने इसे फर्जी एनकाउंटर बताते हुए विरोध प्रदर्शन किया था।
मामला राजनीतिक स्तर तक पहुंच गया था और कई पुलिसकर्मियों के खिलाफ केस भी दर्ज किए गए थे। इसके बाद कुछ समय तक राज्य में किसी भी बड़े अपराधी के साथ पुलिस मुठभेड़ की खबर सामने नहीं आई थी। ऐसे में लगभग 16 दिन बाद सीतामढ़ी में हुई यह कार्रवाई फिर से चर्चा का विषय बन गई है।
पुलिस ने जांच की प्रक्रिया तेज की
फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि लूटकांड और अन्य आपराधिक मामलों से जुड़े कई अहम सुराग मिलने की संभावना है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि गिरफ्तार अपराधियों का संबंध किसी बड़े आपराधिक गिरोह से तो नहीं है।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि पूरे मामले की कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच जारी है और सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। घायल आरोपी का इलाज पुलिस निगरानी में कराया जा रहा है, जबकि अन्य गिरफ्तार आरोपियों से लगातार पूछताछ हो रही है।

