खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं होंगे बेटे मोजतबा? सुरक्षा कारणों का किया गया दावा

Mojtaba Khamenei को लेकर एक बड़ा दावा सामने आया है। आयतुल्ला हकीम इलाही ने कहा है कि ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में उनके बेटे मोजतबा खामेनेई के सार्वजनिक रूप से शामिल होने की संभावना बेहद कम है। उन्होंने इसकी वजह मौजूदा सुरक्षा हालात को बताया और कहा कि सुरक्षा एजेंसियां उनकी सुरक्षा की पूरी गारंटी नहीं दे पा रही हैं। हालांकि, इस संबंध में ईरानी सरकार या सुरक्षा एजेंसियों की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से तेहरान रवाना होने से पहले मीडिया से बातचीत में आयतुल्ला हकीम इलाही ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में मोजतबा खामेनेई का सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल होना सुरक्षा की दृष्टि से उचित नहीं माना जा रहा है। उनके अनुसार, अंतिम संस्कार में शामिल न होने का निर्णय पूरी तरह सुरक्षा एजेंसियों की सलाह पर आधारित बताया जा रहा है।

सुरक्षा एजेंसियों ने जताई चिंता

इलाही ने दावा किया कि हाल ही में उनकी ईरान यात्रा के दौरान उनकी मुलाकात ऐसे लोगों से हुई थी, जिन्होंने मोजतबा खामेनेई से मुलाकात की थी। उनके मुताबिक, मोजतबा खामेनेई स्वयं लोगों के बीच जाकर शोक व्यक्त करने वालों से मिलना चाहते हैं, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों ने फिलहाल इसकी अनुमति नहीं दी है।

इलाही के अनुसार सुरक्षा अधिकारियों का मानना है कि मौजूदा हालात में सार्वजनिक रूप से सामने आने पर उनकी सुरक्षा को गंभीर खतरा हो सकता है। इसी कारण उनकी सार्वजनिक मौजूदगी को सीमित रखने का फैसला लिया गया है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

ईरान में कई दिनों तक चलेगा शोक कार्यक्रम

आयतुल्ला हकीम इलाही ने कहा कि अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन के बाद ईरान में कई दिनों तक राजकीय अंतिम संस्कार और शोक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इन कार्यक्रमों के माध्यम से इस्लामिक गणराज्य के प्रति जनता की भावनाओं और समर्थन को प्रदर्शित किया जाएगा।

अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार भी तेहरान और अन्य शहरों में कई चरणों में अंतिम संस्कार और श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है।

Mojtaba Khamenei को लेकर दावा किया गया है कि सुरक्षा कारणों से वह अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में सार्वजनिक रूप से शामिल नहीं होंगे। हालांकि इस संबंध में ईरानी अधिकारियों की आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।

पूरे देश में शोक का माहौल

इलाही ने दावा किया कि अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन के बाद पूरे ईरान में शोक का माहौल है। उनके अनुसार बड़ी संख्या में लोग उन्हें देश के सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक मानते हैं और उनका मानना है कि उनकी कमी को भर पाना आसान नहीं होगा।

उन्होंने कहा कि समर्थकों के लिए यह केवल एक राजनीतिक नेता का निधन नहीं बल्कि प्रेरणा के प्रमुख स्रोत का खो जाना है। यही वजह है कि देशभर से लोग अंतिम श्रद्धांजलि देने के लिए तेहरान पहुंच रहे हैं।

विदेशों से भी पहुंच रहे प्रतिनिधि

इलाही के अनुसार ईरान के विभिन्न प्रांतों के अलावा कई देशों से भी लोग अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए तेहरान पहुंच रहे हैं। समाचार एजेंसियों के मुताबिक भारत, चीन सहित कई देशों ने भी अपने प्रतिनिधि अंतिम संस्कार में भेजने की घोषणा की है।

आधिकारिक पुष्टि का इंतजार

फिलहाल मोजतबा खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होने या न होने को लेकर ईरानी प्रशासन की ओर से कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है। ऐसे में आयतुल्ला हकीम इलाही के बयान को आधिकारिक पुष्टि के रूप में नहीं देखा जा सकता। आने वाले दिनों में ईरानी अधिकारियों की ओर से स्थिति स्पष्ट होने की संभावना है।

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