Buxar Train Crime: फर्जी Police बनकर वसूली, Nitin की हत्या का आरोप; Rohit Tiwari गिरफ्तार

Buxar Train Crime: फर्जी Police बनकर वसूली, Nitin की हत्या का आरोप; Rohit Tiwari गिरफ्तार

Buxar Train Crime: बिहार के बक्सर से ट्रेनों में यात्रियों को फर्जी पुलिसकर्मी बनकर डराने और उनसे पैसे वसूलने के आरोप में एक युवक की गिरफ्तारी का मामला सामने आया है। रेल पुलिस ने आरोपी रोहित तिवारी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी पर वैशाली निवासी 21 वर्षीय मजदूर नितिन कुमार की हत्या में शामिल होने का भी आरोप है।

मामला उस समय सामने आया जब नितिन कुमार अपने घर लौट रहा था। जानकारी के मुताबिक, नितिन 19 सितंबर को हैदराबाद-दानापुर स्पेशल ट्रेन से यात्रा कर रहा था। वह अपने परिवार के पास घर लौट रहा था, लेकिन रास्ते में उसके साथ ऐसी घटना हुई, जिसके बाद परिवार में हड़कंप मच गया।

बताया गया है कि 20 सितंबर की रात नितिन ने अपने परिजनों को फोन किया था। उसने परिवार को बताया कि कुछ लोगों ने खुद को पुलिसकर्मी बताया और उसे ट्रेन से उतार लिया है। इसके बाद कथित आरोपियों ने नितिन के परिजनों से संपर्क किया और पैसे की मांग शुरू कर दी।

परिजनों के मुताबिक, आरोपियों ने पहले 10 हजार रुपये की मांग की। इसके बाद रकम बढ़ाकर 20 हजार रुपये कर दी गई। परिवार से कथित तौर पर पैसे देने के लिए दबाव बनाया गया। हालांकि, जब मांगी गई रकम नहीं मिली तो मामला और गंभीर हो गया।

पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने नितिन को चलती ट्रेन से धक्का दे दिया। इसके बाद नितिन की मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।

फोन कॉल के बाद परिवार में मचा हड़कंप

नितिन का अपने परिवार को किया गया फोन इस पूरे मामले की अहम कड़ी माना जा रहा है। फोन पर उसने बताया था कि कुछ लोगों ने खुद को पुलिसकर्मी बताया और उसे ट्रेन से नीचे उतार लिया है। इसके बाद परिवार से पैसे की मांग किए जाने की बात सामने आई।

पहले 10 हजार रुपये और फिर 20 हजार रुपये की मांग ने परिवार की चिंता और बढ़ा दी। लेकिन कथित आरोपियों को पैसे नहीं मिलने के बाद नितिन को चलती ट्रेन से धक्का दिए जाने का आरोप है।

इस घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को आरोपी रोहित तिवारी के बारे में जानकारी मिली।

मोहनसराय इलाके से आरोपी गिरफ्तार

रेल पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मोहनसराय इलाके से रोहित तिवारी को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपी से पूछताछ की और उसकी निशानदेही पर नितिन के शव की तलाश शुरू की।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी की निशानदेही पर आरा-जगजीवन हॉल्ट के बीच रेलवे ट्रैक से नितिन का शव बरामद किया गया। शव मिलने के बाद मामले में हत्या के आरोप की जांच को और आगे बढ़ाया गया।

इस घटना ने ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। यात्रियों के साथ पुलिसकर्मी बनकर कथित तौर पर वसूली करने का आरोप सामने आने से मामला और संवेदनशील हो गया है।

पहले भी मामलों में शामिल रहा है आरोपी

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी रोहित तिवारी पहले भी कई मामलों में शामिल रहा है। पुलिस अब उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और इस घटना में उसकी भूमिका की जांच कर रही है।

जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या इस मामले में रोहित के साथ अन्य लोग भी शामिल थे। नितिन को ट्रेन से उतारने, उसके परिवार से पैसे मांगने और बाद में उसे चलती ट्रेन से धक्का देने की पूरी घटना की कड़ियों को जोड़ा जा रहा है।

परिवार से पैसे की मांग के बाद बढ़ा मामला

इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि नितिन ने खुद अपने परिवार को फोन करके बताया था कि कुछ लोगों ने खुद को पुलिसकर्मी बताया है। इसके बाद परिवार से पैसों की मांग की गई।

पहले 10 हजार रुपये और बाद में 20 हजार रुपये मांगने की बात सामने आई। जब पैसे नहीं मिले तो नितिन के साथ कथित तौर पर मारपीट या जबरदस्ती किए जाने और अंततः उसे चलती ट्रेन से धक्का दिए जाने का आरोप है।

रेल पुलिस की जांच अब इस बात पर केंद्रित है कि आरोपी ने नितिन को किस तरह ट्रेन से उतारा और घटना के दौरान उसके साथ कौन-कौन लोग मौजूद थे।

रेलवे ट्रैक से मिला शव

जांच के दौरान आरोपी की निशानदेही पर आरा-जगजीवन हॉल्ट के बीच रेलवे ट्रैक से नितिन का शव बरामद किया गया। शव बरामद होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच को आगे बढ़ाया।

21 वर्षीय नितिन मजदूरी करता था और ट्रेन से अपने घर लौट रहा था। परिवार को उम्मीद थी कि वह जल्द घर पहुंचेगा, लेकिन रास्ते में हुई इस घटना ने पूरे परिवार को सदमे में डाल दिया।

पुलिस अब गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर घटना से जुड़े बाकी पहलुओं की जानकारी जुटा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि आरोपी ने पहले इसी तरह किसी अन्य यात्री को निशाना बनाया था या नहीं।

बक्सर में सामने आया यह मामला ट्रेनों में यात्रियों को फर्जी पहचान बताकर डराने और पैसे वसूलने के आरोपों से जुड़ा है। रेल पुलिस की जांच में अब आरोपी की पूरी भूमिका और घटना में शामिल अन्य संभावित लोगों की जानकारी सामने आने का इंतजार है।

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