2027 विधानसभा चुनाव तय समय पर होंगे, जनगणना और कुंभ के कारण नहीं बदलेगा शेड्यूल
उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव तय समय पर ही कराए जाने की तैयारी है। जनगणना और हरिद्वार कुंभ मेले के कारण चुनाव समय से पहले कराए जाने की चर्चाओं पर फिलहाल विराम लग गया है। सूत्रों के अनुसार चुनाव आयोग निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही चुनाव कराने के पक्ष में है।
हाल के दिनों में कुछ राजनीतिक दलों और राजनीतिक हलकों में यह चर्चा तेज थी कि जनगणना के दूसरे चरण और चुनावी प्रक्रिया के बीच टकराव की संभावना को देखते हुए चुनाव पहले कराए जा सकते हैं। इससे पहले कई रिपोर्टों में उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में समय से पहले चुनाव कराए जाने की अटकलें सामने आई थीं।
देश में जनगणना का पहला चरण अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच चल रहा है, जबकि दूसरा चरण फरवरी 2027 में प्रस्तावित है। इसी दौरान जातिगत जनगणना भी कराई जानी है, जिसके लिए प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां जारी हैं।
वहीं उत्तराखंड में जनवरी से अप्रैल 2027 के बीच प्रस्तावित हरिद्वार कुंभ मेले को लेकर भी चुनाव कार्यक्रम में बदलाव की चर्चाएं चल रही थीं। हालांकि अब संकेत मिल रहे हैं कि चुनाव आयोग इन परिस्थितियों के बावजूद चुनावी प्रक्रिया को निर्धारित समयसीमा में ही पूरा करने की तैयारी कर रहा है।
पांचों राज्यों की विधानसभाओं का कार्यकाल मार्च से मई 2027 के बीच समाप्त होना है। ऐसे में चुनाव आयोग समयबद्ध तरीके से चुनाव कराने की रणनीति पर काम कर रहा है और फिलहाल चुनाव पहले कराने की संभावना नहीं दिखाई दे रही है।

