Bangla Sahib Controversy: बंगला साहिब गुरुद्वारे में पुलिस के प्रवेश पर विवाद, DCP ने दी सफाई
Bangla Sahib Controversy: बंगला साहिब गुरुद्वारे में पुलिस के प्रवेश पर विवाद, DCP ने दी सफाई
दिल्ली के गुरुद्वारा बंगला साहिब में पुलिसकर्मियों के प्रवेश को लेकर विवाद सामने आया है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों के जूते पहनकर गुरुद्वारे के रास्ते से गुजरने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसके बाद विपक्षी नेताओं ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। वहीं, दिल्ली पुलिस ने सफाई देते हुए कहा कि जवान उस आम रास्ते से गुजर रहे थे, जिसका इस्तेमाल श्रद्धालु जूते उतारने वाली जगह तक पहुंचने के लिए करते हैं।
क्या है पूरा मामला?
दिल्ली में शनिवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर CJP की ओर से प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के दौरान जंतर-मंतर पर प्रस्तावित सभा की अनुमति नहीं मिलने के बाद पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। इस दौरान दो हजार से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की बात सामने आई।
इसी बीच कुछ प्रदर्शनकारियों के गुरुद्वारा बंगला साहिब में शरण लेने और पुलिसकर्मियों के जूते पहनकर परिसर के रास्ते से गुजरने का वीडियो सामने आया। वीडियो वायरल होने के बाद धार्मिक स्थल में पुलिस की मौजूदगी और उसकी कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बहस शुरू हो गई।
विपक्षी नेताओं ने उठाए सवाल
आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। पंजाब के नेता अमन अरोड़ा ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी जूते पहनकर और लाठियां लेकर गुरुद्वारे में पहुंचे।
तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने भी पुलिस की कार्रवाई की आलोचना की। वहीं, पंजाब कांग्रेस के नेता सुखपाल सिंह खैरा ने निशान साहिब को शरण का प्रतीक बताते हुए आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों को गुरुद्वारे में शरण लेने से रोका गया।
इन बयानों के बाद मामला राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया। विवाद का मुख्य केंद्र यह रहा कि प्रदर्शन के दौरान गुरुद्वारा परिसर में पुलिस की मौजूदगी और उसके रास्ते के इस्तेमाल को किस तरह देखा जाए।
दिल्ली पुलिस ने क्या सफाई दी?
विवाद बढ़ने के बाद नई दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (DCP) ने स्पष्टीकरण जारी किया। दिल्ली पुलिस के अनुसार, वायरल वीडियो में पुलिसकर्मी उस आम रास्ते से गुजरते दिखाई दे रहे हैं, जिसका इस्तेमाल श्रद्धालु जूते उतारने वाली जगह तक पहुंचने के लिए करते हैं।
पुलिस ने दावा किया कि वीडियो को गलत संदर्भ में फैलाया जा रहा है। साथ ही, मामले में कानूनी कार्रवाई किए जाने की बात भी कही गई है।
पुलिस की इस सफाई के बाद विवाद में एक नया पक्ष सामने आया। जहां विपक्षी नेताओं ने पुलिस की कार्रवाई पर आपत्ति जताई, वहीं पुलिस ने अपने बयान में रास्ते के इस्तेमाल को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की।
गुरुद्वारा प्रबंधन समिति ने भी उठाए सवाल
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका ने परिसर में प्रदर्शनकारियों की मौजूदगी पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने गुरुद्वारे में नारे लगाए और हॉल में प्रवेश करने की कोशिश की।
कालका ने कहा कि गुरुद्वारा सभी लोगों के लिए खुला है, लेकिन धार्मिक परिसर को राजनीतिक प्रदर्शन का स्थान नहीं बनाया जाना चाहिए। उनके बयान के बाद विवाद का एक अन्य पहलू सामने आया, जिसमें धार्मिक स्थल की मर्यादा और राजनीतिक गतिविधियों के बीच अंतर बनाए रखने पर जोर दिया गया।
मनजिंदर सिंह सिरसा ने किया पुलिस की कार्रवाई का समर्थन
दिल्ली के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने विपक्ष पर धार्मिक स्थल को राजनीति में घसीटने का आरोप लगाया और पुलिस की कार्रवाई का समर्थन किया।
इस तरह मामले में अलग-अलग राजनीतिक नेताओं और गुरुद्वारा प्रबंधन से जुड़े प्रतिनिधियों की प्रतिक्रियाएं सामने आईं। एक ओर पुलिस के प्रवेश और जवानों के जूते पहनकर रास्ते से गुजरने पर सवाल उठे, वहीं दूसरी ओर प्रदर्शनकारियों की मौजूदगी और परिसर में कथित नारेबाजी को लेकर भी आपत्तियां जताई गईं।
फिलहाल जारी है विवाद
गुरुद्वारा बंगला साहिब में पुलिस के प्रवेश को लेकर विवाद में अब तक कई पक्ष अपनी बात रख चुके हैं। दिल्ली पुलिस ने वायरल वीडियो को लेकर सफाई दी है, जबकि विपक्षी नेताओं ने कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। गुरुद्वारा प्रबंधन समिति ने भी धार्मिक परिसर में राजनीतिक गतिविधियों को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है।
फिलहाल, इस पूरे मामले में पुलिस की सफाई, विपक्षी नेताओं के आरोप और गुरुद्वारा प्रबंधन समिति के बयान चर्चा के केंद्र में हैं।

