क्या अमेरिकी हमले में ईरान के चाबहार बंदरगाह का टावर ढह गया? सामने आई तस्वीर से बढ़ी हलचल

क्या अमेरिकी हमले में ईरान के चाबहार बंदरगाह का टावर ढह गया? सामने आई तस्वीर से बढ़ी हलचल

ईरान के चाबहार बंदरगाह को लेकर शुक्रवार को नई तस्वीर सामने आने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल तेज हो गई है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ द्वारा सोशल मीडिया पर साझा की गई एक तस्वीर में चाबहार बंदरगाह का एक निगरानी (सर्विलांस) टावर गिरता हुआ दिखाई देता है। इस तस्वीर के सामने आने के बाद यह चर्चा तेज हो गई कि क्या अमेरिकी हवाई हमलों में बंदरगाह का टावर वास्तव में ढह गया है।

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच यह तस्वीर ऐसे समय सामने आई है, जब अमेरिका ने शुक्रवार को ईरान के कई अहम ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। रिपोर्टों के अनुसार, ओमान की खाड़ी में स्थित रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण चाबहार बंदरगाह भी इन हमलों का निशाना बना।

पीट हेगसेथ ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर एक तस्वीर साझा की, जिसमें बंदरगाह का वॉच टावर या सर्विलांस टावर ढहता हुआ नजर आता है। हालांकि यह तस्वीर उनके पोस्ट करने से पहले भी सोशल मीडिया पर वायरल हो चुकी थी और विभिन्न प्लेटफॉर्म पर साझा की जा रही थी।

चाबहार बंदरगाह ईरान के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक केंद्रों में गिना जाता है। यह बंदरगाह ओमान की खाड़ी के तट पर स्थित है और अफगानिस्तान सहित मध्य एशिया के कई देशों के लिए महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्ग माना जाता है। भारत ने भी इस बंदरगाह के विकास में निवेश किया है और इसे क्षेत्रीय व्यापार के लिहाज से रणनीतिक महत्व प्राप्त है।

रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिका इससे पहले भी चाबहार बंदरगाह को निशाना बना चुका है। ईरान के सरकारी मीडिया ने स्वीकार किया है कि इस बंदरगाह पर तीसरी बार हवाई हमला हुआ है। हालांकि शुरुआती सरकारी प्रतिक्रिया में टावर गिरने की अलग से पुष्टि नहीं की गई थी। बाद की रिपोर्टों में अमेरिकी और ईरानी स्रोतों के आधार पर टावर को नुकसान पहुंचने या उसके ढहने की जानकारी सामने आई है।

बताया जा रहा है कि यह टावर बंदरगाह में आने-जाने वाले व्यावसायिक जहाजों की निगरानी के लिए इस्तेमाल किया जाता था। वहीं कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड की गतिविधियां भी बंदरगाह क्षेत्र में संचालित होती हैं, जिसके कारण यह स्थान रणनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील माना जाता है।

अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव का असर केवल सैन्य मोर्चे तक सीमित नहीं है। होरमुज जलडमरूमध्य और ओमान की खाड़ी जैसे समुद्री मार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में चाबहार जैसे प्रमुख बंदरगाह पर हमला क्षेत्रीय और वैश्विक व्यापार दोनों पर असर डाल सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि चाबहार बंदरगाह पर लगातार हमले इस बात का संकेत हैं कि मौजूदा संघर्ष अब सैन्य ठिकानों के साथ-साथ महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे तक भी पहुंच चुका है। इससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

फिलहाल अमेरिकी रक्षा विभाग और ईरानी अधिकारियों की ओर से घटनाक्रम पर लगातार बयान सामने आ रहे हैं। हालांकि नुकसान की पूरी तस्वीर और हमलों के वास्तविक प्रभाव का विस्तृत आकलन अभी जारी है। आने वाले दिनों में जांच और आधिकारिक रिपोर्ट के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकती है|

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