Houthi Attack: सऊदी अरब पर हूती विद्रोहियों का बड़ा Missile और Drone हमला

Houthi Attack: सऊदी अरब पर हूती विद्रोहियों का बड़ा Missile और Drone हमला

सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। शनिवार, 19 सितंबर 2026 को हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने दावा किया कि संगठन ने सऊदी अरब की राजधानी रियाद और पश्चिमी तट के प्रमुख औद्योगिक शहर यानबू में कई संवेदनशील ठिकानों को निशाना बनाकर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। हूती पक्ष के मुताबिक इन अभियानों में बैलिस्टिक मिसाइल, क्रूज मिसाइल और ड्रोन का इस्तेमाल किया गया।

सऊदी अरब की ओर से हालांकि यह कहा गया कि रियाद की ओर दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को सऊदी एयर डिफेंस सिस्टम ने इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने यह भी कहा कि हूती विद्रोहियों ने बैश, ताइफ, फरासान और यानबू में नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की कोशिश की, लेकिन इन हमलों को भी एयर डिफेंस सिस्टम ने नाकाम कर दिया।

Riyadh में जारी हुआ Air Raid Alert

हमले के बीच सऊदी अधिकारियों ने रियाद और आसपास के इलाकों में हवाई खतरे को लेकर अलर्ट जारी किया। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने और खुले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी गई। यह रियाद में हालिया संघर्ष बढ़ने के बाद पहला बड़ा एयर-raid अलर्ट बताया गया है।

रिपोर्टों के अनुसार, शनिवार सुबह रियाद में धमाकों की आवाजें सुनाई दीं। इसके बाद राजधानी के उत्तर-पूर्वी हिस्से में किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास काले धुएं का बड़ा गुबार दिखाई दिया। Reuters और अन्य रिपोर्टों में एयरपोर्ट के पास मौजूद फ्यूल स्टोरेज क्षेत्र में आग की तस्वीरें सामने आईं।

King Khalid Airport के पास Fuel Depot में आग

हमले के दौरान किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट के नजदीक एक फ्यूल डिपो में आग लगने की खबर सामने आई। मौके पर मौजूद रिपोर्टों के अनुसार, आग एक ऐसे फ्यूल टैंक के आसपास दिखाई दी जिस पर सऊदी तेल कंपनी Aramco का लोगो था।

दमकलकर्मियों ने आग पर काबू पा लिया। सोशल मीडिया और समाचार एजेंसियों द्वारा साझा किए गए वीडियो में एयरपोर्ट के आसपास ऊंचा काला धुआं दिखाई दिया। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक सऊदी अधिकारियों ने इस घटना में किसी बड़ी जनहानि की पुष्टि नहीं की।

इस घटना का असर एयर ट्रैफिक पर भी पड़ा। रिपोर्टों के अनुसार रियाद एयरपोर्ट पर कुछ उड़ानों में देरी और व्यवधान देखा गया। बाद में स्थिति सामान्य होने लगी।

Houthis ने ली हमले की जिम्मेदारी

हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने एक बयान में कहा कि संगठन ने सऊदी अरब के खिलाफ दो सैन्य अभियान चलाए। उनके मुताबिक पहला अभियान रियाद में मौजूद संवेदनशील ठिकानों के खिलाफ था, जबकि दूसरा अभियान यानबू में Saudi Aramco की सुविधाओं को निशाना बनाकर किया गया।

हूती पक्ष ने दावा किया कि हमलों में बड़ी संख्या में बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों के साथ ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। हालांकि, हूती पक्ष द्वारा बताए गए नुकसान और लक्ष्यों की स्वतंत्र रूप से पूरी पुष्टि नहीं हुई है। दूसरी ओर सऊदी गठबंधन ने अपने एयर डिफेंस द्वारा कई हमलों को नाकाम करने की जानकारी दी है।

Saudi Arabia और Houthis के बीच क्यों बढ़ रहा है तनाव?

सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच लंबे समय से संघर्ष चला आ रहा है। वर्ष 2022 में युद्धविराम के बाद क्षेत्र में अपेक्षाकृत शांति का दौर रहा था, लेकिन 2026 में यमन में लड़ाई फिर तेज हुई है। हाल के महीनों में हूती गतिविधियां यमन के पश्चिमी और लाल सागर के आसपास के क्षेत्रों में बढ़ी हैं।

हालिया संघर्ष के बीच हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के खिलाफ हमलों को भी तेज किया है। इससे रियाद की सुरक्षा, तेल प्रतिष्ठानों और लाल सागर के आसपास मौजूद महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को लेकर चिंता बढ़ी है।

यानबू सऊदी अरब के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह लाल सागर के किनारे स्थित प्रमुख औद्योगिक और तेल केंद्र है। यहां Saudi Aramco से जुड़ी महत्वपूर्ण सुविधाएं मौजूद हैं। इसलिए यानबू को लेकर किसी भी हमले या हमले के दावे का क्षेत्रीय ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार पर असर पड़ने की चिंता रहती है।

Saudi Air Defence ने क्या कहा?

सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मलिकी के मुताबिक रियाद की ओर दागी गई बैलिस्टिक मिसाइल को एयर डिफेंस सिस्टम ने लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही नष्ट कर दिया। उन्होंने हूती हमलों को नागरिकों और नागरिक ठिकानों के लिए खतरा बताया और आगे ऐसे हमलों को रोकने के लिए उचित कार्रवाई की बात कही।

वहीं, हूती विद्रोहियों का कहना है कि उनके हमले सऊदी सैन्य और रणनीतिक ठिकानों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई का हिस्सा हैं। दोनों पक्षों के दावों के बीच जमीन पर वास्तविक नुकसान और लक्ष्यों की स्थिति को लेकर स्वतंत्र पुष्टि सीमित है।

Middle East में बढ़ सकता है Regional Tension

रियाद जैसे बड़े शहर और यानबू जैसे महत्वपूर्ण औद्योगिक केंद्र को लेकर सामने आए हमलों के दावे ने क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा दिया है। रियाद में एयर-राइड अलर्ट, एयरपोर्ट के पास आग और मिसाइल इंटरसेप्शन की घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी ध्यान खींचा है।

संयुक्त राष्ट्र और खाड़ी क्षेत्र के कई देशों ने सऊदी अरब पर हूती हमलों की निंदा की है और क्षेत्रीय तनाव कम करने की आवश्यकता पर जोर दिया है।

फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हूती विद्रोहियों ने रियाद और यानबू को निशाना बनाने का दावा किया है, जबकि सऊदी अरब ने रियाद की ओर आने वाली बैलिस्टिक मिसाइल को इंटरसेप्ट करने और अन्य हमलों को नाकाम करने की जानकारी दी है। इस घटना के बाद सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच तनाव किस दिशा में जाता है, इस पर पूरे क्षेत्र की नजर बनी हुई है।

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