झारखंड-उत्तराखंड के नेशनल हाईवे पर गडकरी सख्त, गुणवत्ता सुधार और समय पर काम पूरा करने के निर्देश

झारखंड-उत्तराखंड NH समीक्षा

झारखंड-उत्तराखंड NH समीक्षा के दौरान केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की गुणवत्ता, रखरखाव और समयबद्ध क्रियान्वयन को लेकर अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। नई दिल्ली में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में झारखंड और उत्तराखंड में चल रही राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की प्रगति, निर्माण गुणवत्ता और रखरखाव की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में राष्ट्रीय राजमार्गों की वर्तमान स्थिति, यात्रियों की सुरक्षा, निर्माण कार्यों की गति और मानसून के दौरान संभावित चुनौतियों पर भी चर्चा हुई।

बैठक में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने स्पष्ट कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग केवल सड़कें नहीं हैं, बल्कि देश की आर्थिक प्रगति और बेहतर कनेक्टिविटी की मजबूत नींव हैं। इसलिए सभी परियोजनाओं में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन परियोजनाओं पर निर्माण कार्य चल रहा है, उन्हें तय समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए और हर स्तर पर गुणवत्ता की निगरानी सुनिश्चित की जाए।

समीक्षा बैठक में झारखंड के लगभग 3,245 किलोमीटर और उत्तराखंड के करीब 4,026 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क की प्रगति का विस्तृत मूल्यांकन किया गया। अधिकारियों ने विभिन्न परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति, निर्माण कार्य की गति और रखरखाव से जुड़ी जानकारी मंत्री के सामने प्रस्तुत की। समीक्षा के दौरान मीडिया रिपोर्टों और सोशल मीडिया के माध्यम से प्राप्त नागरिकों की प्रतिक्रियाओं को भी गंभीरता से लिया गया। गडकरी ने कहा कि सड़क उपयोगकर्ताओं से मिलने वाला फीडबैक परियोजनाओं की वास्तविक स्थिति समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

बैठक में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI), राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम (NHIDCL) के प्रतिनिधि तथा परियोजनाओं से जुड़े निर्माण एजेंसियों और ठेकेदारों ने भाग लिया। सभी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों की परियोजनाओं की अद्यतन जानकारी देने और लंबित कार्यों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए।

नितिन गडकरी ने विशेष रूप से राष्ट्रीय राजमार्गों की राइडिंग क्वालिटी सुधारने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यात्रियों को सुरक्षित, आरामदायक और बाधारहित यात्रा का अनुभव मिलना चाहिए। इसके लिए सड़क निर्माण में आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाए और निर्माण के दौरान निर्धारित गुणवत्ता मानकों का पूरी तरह पालन किया जाए। उन्होंने परियोजनाओं की नियमित निगरानी करने और किसी भी प्रकार की तकनीकी कमी को तुरंत दूर करने के निर्देश भी दिए।

बैठक में आगामी मानसून को लेकर भी व्यापक चर्चा हुई। गडकरी ने कहा कि बारिश के मौसम में राष्ट्रीय राजमार्गों पर जलभराव, भूस्खलन और सड़क क्षति जैसी समस्याएं सामने आती हैं। ऐसे में संबंधित एजेंसियां पहले से पूरी तैयारी रखें। उन्होंने प्रभावी जल निकासी प्रणाली विकसित करने, पहाड़ी क्षेत्रों में ढलानों की सुरक्षा मजबूत करने, क्षतिग्रस्त सड़कों की समय पर मरम्मत करने और आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र को सक्रिय रखने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि मानसून के दौरान यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि सड़क निर्माण परियोजनाओं में आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीकों और टिकाऊ निर्माण सामग्री का अधिक से अधिक उपयोग किया जाए। इससे सड़कों की गुणवत्ता बेहतर होगी और लंबे समय तक रखरखाव पर होने वाला खर्च भी कम होगा। साथ ही परियोजनाओं की लागत और समय दोनों में संतुलन बनाए रखना आवश्यक है।

समीक्षा बैठक के दौरान निर्माण एजेंसियों को यह भी निर्देश दिए गए कि वे परियोजनाओं में आने वाली प्रशासनिक या तकनीकी बाधाओं की जानकारी समय रहते मंत्रालय को उपलब्ध कराएं, ताकि उनका समाधान शीघ्र किया जा सके। गडकरी ने कहा कि केंद्र सरकार देशभर में विश्वस्तरीय सड़क अवसंरचना विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में सभी एजेंसियों को मिलकर काम करना होगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि झारखंड और उत्तराखंड जैसे राज्यों में बेहतर सड़क नेटवर्क पर्यटन, उद्योग, व्यापार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उत्तराखंड में बेहतर सड़कें चारधाम यात्रा और पर्यटन को बढ़ावा देंगी, जबकि झारखंड में खनन, औद्योगिक गतिविधियों और माल परिवहन को अधिक सुगम बनाएंगी। इससे रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ-साथ क्षेत्रीय विकास को भी गति मिलेगी।

केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों का रखरखाव केवल निर्माण कार्य पूरा होने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि नियमित निरीक्षण और समय पर मरम्मत भी उतनी ही जरूरी है। यदि सड़कों की गुणवत्ता लगातार बेहतर रखी जाएगी तो दुर्घटनाओं में कमी आएगी और यात्रियों को सुरक्षित एवं आरामदायक यात्रा का अनुभव मिलेगा।

सरकार का लक्ष्य देश में आधुनिक, सुरक्षित और टिकाऊ सड़क नेटवर्क तैयार करना है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की नियमित समीक्षा की जा रही है। झारखंड और उत्तराखंड की परियोजनाओं को लेकर हुई यह समीक्षा भी उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। उम्मीद है कि बैठक में दिए गए निर्देशों के बाद दोनों राज्यों में सड़क निर्माण और रखरखाव कार्यों में और तेजी आएगी तथा राष्ट्रीय राजमार्गों की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा।

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