कैलाश मानसरोवर यात्रा पर रवाना हुआ श्रद्धालुओं का जत्था, रांची एयरपोर्ट पर भव्य विदाई
कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के एक जत्थे को रांची हवाई अड्डे से भावभीनी विदाई दी गई। इस अवसर पर धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक संगठनों से जुड़े लोगों ने श्रद्धालुओं का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें सफल और मंगलमय यात्रा की शुभकामनाएं दीं। श्री राम भरत मिलाप समिति के अध्यक्ष रोहित शारदा के नेतृत्व में आयोजित इस विदाई कार्यक्रम में बड़ी संख्या में गणमान्य लोग और संगठन के सदस्य मौजूद रहे।
जानकारी के अनुसार, कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए रवाना होने वाले श्रद्धालुओं को रांची एयरपोर्ट पर माला पहनाकर, मिठाई खिलाकर और शुभकामनाएं देकर विदा किया गया। श्रद्धालुओं का यह जत्था पहले रांची से लखनऊ के लिए रवाना हुआ, जहां से वे अगले चरण की यात्रा पूरी करते हुए कैलाश मानसरोवर के लिए आगे प्रस्थान करेंगे। धार्मिक आस्था से जुड़ी इस यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा गया।
यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं में श्री राम भरत मिलाप समिति के बालवीर जैन, मारवाड़ी युवा मंच रांची दक्षिण शाखा के संजय अग्रवाल, शशि भूषण सिंह, गीता देवी, चंद्रकांत सिंघानिया, कृष्णा मिश्रा और पूसन चटर्जी सहित कई श्रद्धालु शामिल हैं। सभी यात्रियों को उनके परिजनों और शुभचिंतकों ने शुभकामनाएं देते हुए सुरक्षित और सफल यात्रा की कामना की।
विदाई समारोह के दौरान श्री राम भरत मिलाप समिति के अध्यक्ष रोहित शारदा ने कहा कि कैलाश मानसरोवर की यात्रा करना हर श्रद्धालु के लिए एक विशेष आध्यात्मिक अनुभव होता है। उन्होंने कहा कि जो लोग बाबा के दरबार में दर्शन करने जाते हैं, वे अत्यंत सौभाग्यशाली होते हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग श्रद्धालुओं को विदा करने और उनका उत्साह बढ़ाने के लिए पहुंचते हैं, वे भी कम सौभाग्यशाली नहीं हैं। उन्होंने यात्रा पर जा रहे सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए बाबा भोलेनाथ से उनकी मंगलमय यात्रा की प्रार्थना की।
मारवाड़ी युवा मंच रांची दक्षिण शाखा के अध्यक्ष ऋषभ रामपुरिया ने भी इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि कैलाश मानसरोवर यात्रा करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ी हुई है। सरकार को प्रयास करना चाहिए कि आने वाले समय में यह यात्रा और अधिक सरल तथा सुलभ बने, ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालु इस पवित्र यात्रा का लाभ उठा सकें। उन्होंने यात्रा पर जा रहे सभी श्रद्धालुओं के स्वस्थ और सुरक्षित लौटने की कामना की।
भारत तिब्बत सहयोग मंच के अनिल केसरी ने भी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कैलाश मानसरोवर यात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि आध्यात्मिक ऊर्जा और आत्मिक शांति का अनुभव है। उन्होंने कहा कि जिस दिन कैलाश मानसरोवर यात्रा बिना वीजा और पासपोर्ट के संभव होगी, उस दिन भारत तिब्बत सहयोग मंच झारखंड प्रदेश की ओर से रांची से एक विशेष जत्था इस पवित्र यात्रा के लिए भेजा जाएगा। उनके इस वक्तव्य का उपस्थित लोगों ने स्वागत किया।
कार्यक्रम में महेश विजय, जितेंद्र बरनवाल, श्री रामचंद्र अग्रवाल, प्रज्ञा सोनी, खुशबू जैन, चिराग जैन, आशीष हीरो सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता और संगठन के सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं और उनकी यात्रा की सफलता के लिए प्रार्थना की।
कैलाश मानसरोवर हिंदू धर्म के सबसे पवित्र तीर्थस्थलों में से एक माना जाता है। भगवान शिव का निवास माने जाने वाले कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील के दर्शन के लिए हर वर्ष हजारों श्रद्धालु यात्रा करते हैं। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था उन्हें इस पवित्र धाम तक पहुंचने के लिए प्रेरित करती है।
रांची से रवाना हुए श्रद्धालुओं के इस जत्थे को मिली भव्य विदाई ने एक बार फिर यह साबित किया कि धार्मिक यात्राएं केवल व्यक्तिगत आस्था का विषय नहीं होतीं, बल्कि समाज को जोड़ने और आध्यात्मिक मूल्यों को मजबूत करने का माध्यम भी बनती हैं। सभी श्रद्धालुओं के सुरक्षित और सफल यात्रा पूर्ण कर लौटने की कामना के साथ उन्हें विदा किया गया।

