कांवड़ यात्रा को लेकर सीएम योगी सख्त, मांस-शराब की दुकानें बंद रखने समेत कई बड़े निर्देश
कांवड़ यात्रा 2025
उत्तर प्रदेश में 30 जुलाई से शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा 2025 को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को व्यापक और सख्त निर्देश जारी किए हैं। यात्रा के दौरान लाखों शिवभक्तों की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और सुचारु यातायात सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने पहले से ही तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्यमंत्री ने गाजियाबाद में मेरठ और सहारनपुर मंडल के पुलिस तथा प्रशासनिक अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर यात्रा की तैयारियों का जायजा लिया और संबंधित विभागों को समय रहते सभी व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट कहा कि कांवड़ यात्रा श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन है। ऐसे में प्रशासन की जिम्मेदारी है कि यात्रा पूरी तरह शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।
मुख्यमंत्री ने सबसे महत्वपूर्ण निर्देश देते हुए कहा कि कांवड़ यात्रा मार्गों पर स्थित सभी मांस और शराब की दुकानें यात्रा अवधि के दौरान बंद रहेंगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस आदेश का पूरी सख्ती से पालन कराया जाए और नियमित निगरानी रखी जाए। यदि कोई दुकान निर्धारित आदेश का उल्लंघन करती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने यात्रा के दौरान इस्तेमाल होने वाले म्यूजिक सिस्टम को लेकर भी दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डीजे और लाउडस्पीकर की आवाज सरकार द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप ही होनी चाहिए। अत्यधिक तेज आवाज से आम लोगों को परेशानी न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। इसके अलावा कांवड़ की ऊंचाई भी निर्धारित सीमा से अधिक नहीं होनी चाहिए ताकि यातायात और सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित न हो।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन नियमों के पालन के लिए कांवड़ समितियों, म्यूजिक सिस्टम संचालकों और कांवड़ निर्माताओं के साथ पहले से बैठक कर उन्हें सभी दिशा-निर्देशों की जानकारी दी जाए। उनका कहना था कि प्रशासन और सामाजिक संगठनों के बीच बेहतर समन्वय से यात्रा अधिक व्यवस्थित तरीके से संपन्न होगी।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री ने विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि यात्रा मार्गों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल, पीएसी, दंडाधिकारी और अन्य सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जाए। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल लगाया जाए ताकि किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पूरे यात्रा मार्ग की CCTV कैमरों और ड्रोन के माध्यम से लगातार निगरानी की जाए। आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाया जाए। साथ ही सोशल मीडिया पर यात्रा से संबंधित अफवाह फैलाने वालों और भड़काऊ पोस्ट करने वालों के खिलाफ तत्काल और कड़ी कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मेरठ और सहारनपुर मंडल के अधिकारी लगातार तैयारियों की समीक्षा करें और आवश्यकता पड़ने पर तुरंत सुधारात्मक कदम उठाएं। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड, पंजाब और राजस्थान के प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए, क्योंकि बड़ी संख्या में श्रद्धालु इन राज्यों से उत्तर प्रदेश होकर गुजरते हैं।
यात्रा मार्गों की आधारभूत सुविधाओं को लेकर भी मुख्यमंत्री ने कई अहम निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पूरे मार्ग को गड्ढामुक्त किया जाए ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। सड़क किनारे उगी झाड़ियों की सफाई कराई जाए और बिजली के ट्रांसफॉर्मरों तथा खुले बिजली के तारों को सुरक्षित किया जाए ताकि दुर्घटनाओं की संभावना पूरी तरह समाप्त हो सके।
मुख्यमंत्री ने यात्रा मार्ग पर स्थापित होने वाले शिविरों में स्वच्छ पेयजल, स्ट्रीट लाइट, साफ-सफाई, शौचालय और सात्विक भोजन की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए और सभी आवश्यक सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं।
यातायात व्यवस्था को लेकर भी मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान ट्रैफिक डायवर्जन की प्रभावी योजना तैयार की जाए ताकि आम लोगों और श्रद्धालुओं दोनों को कम से कम परेशानी हो। साथ ही यात्रा में शामिल वाहनों के चालकों को स्पष्ट रूप से चेतावनी दी जाए कि नशे की हालत में वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की अफवाह, सांप्रदायिक तनाव या कानून-व्यवस्था से जुड़ी घटना को गंभीरता से लिया जाए और तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सभी जिलों के प्रशासन को चौबीसों घंटे सतर्क रहने और कंट्रोल रूम के माध्यम से लगातार निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए।
इस वर्ष कांवड़ यात्रा 30 जुलाई से 28 अगस्त तक आयोजित होगी। हर वर्ष की तरह इस बार भी लाखों शिवभक्त उत्तराखंड के हरिद्वार और अन्य पवित्र स्थलों से गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्य तक पहुंचेंगे। इसे देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने सुरक्षा और सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।
राज्य सरकार का कहना है कि सभी विभागों के सहयोग और समय पर तैयारियों के माध्यम से इस वर्ष की कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और शांतिपूर्ण बनाया जाएगा। प्रशासन का दावा है कि श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान करते हुए सभी आवश्यक इंतजाम समय रहते पूरे कर लिए जाएंगे, ताकि यात्रा बिना किसी बाधा के सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।

