राजेश खन्ना की पुण्यतिथि पर छलका अनीता आडवाणी का दर्द, आखिरी दिनों को लेकर किए भावुक खुलासे
राजेश खन्ना पुण्यतिथि
हिंदी सिनेमा के पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना की 14वीं पुण्यतिथि पर उनके जीवन के अंतिम दिनों से जुड़ी कई भावुक यादें एक बार फिर सुर्खियों में हैं। 18 जुलाई 2012 को 69 वर्ष की आयु में उन्होंने दुनिया को अलविदा कहा था, लेकिन आज भी उनके अभिनय, संवाद और सदाबहार गीत करोड़ों प्रशंसकों के दिलों में जिंदा हैं। उनकी पुण्यतिथि के अवसर पर उनकी कथित करीबी मित्र अनीता आडवाणी के पुराने इंटरव्यू के बयान सोशल मीडिया और मनोरंजन जगत में फिर चर्चा का विषय बने हुए हैं।
अनीता आडवाणी ने अपने एक पुराने इंटरव्यू में दावा किया था कि राजेश खन्ना के जीवन का अंतिम एक वर्ष बेहद कठिन था। उनके अनुसार, इस दौरान अभिनेता की सेहत लगातार गिरती चली गई थी। उन्होंने बताया कि राजेश खन्ना शारीरिक रूप से कमजोर होने के साथ-साथ मानसिक रूप से भी काफी भावुक हो गए थे। कई बार वे पूरे दिन उदास रहते और भावुक होकर रो पड़ते थे।
अनीता के मुताबिक, उन्हें ऐसा महसूस होता था कि राजेश खन्ना ने अपने जीवन के अंतिम पड़ाव को स्वीकार कर लिया था। उन्होंने कहा था कि अभिनेता कई बार निराशा भरी बातें करते थे, लेकिन वह हर बार उन्हें सकारात्मक सोचने और हिम्मत बनाए रखने के लिए प्रेरित करती थीं। उनका प्रयास रहता था कि राजेश खन्ना मानसिक रूप से मजबूत बने रहें और उम्मीद न छोड़ें।
इंटरव्यू में अनीता आडवाणी ने राजेश खन्ना के प्रतिष्ठित बंगले ‘आशीर्वाद’ का भी जिक्र किया था। उन्होंने दावा किया कि अभिनेता इस बंगले को अपनी सबसे बड़ी पहचान मानते थे और चाहते थे कि भविष्य में इसे एक संग्रहालय के रूप में संरक्षित किया जाए। उनका मानना था कि यह घर सिर्फ एक इमारत नहीं, बल्कि उनके संघर्ष, सफलता और हिंदी सिनेमा के स्वर्णिम दौर की यादों का प्रतीक है।
अनीता ने यह भी कहा था कि बीमारी के दौरान इस बंगले के लिए बड़ी रकम का प्रस्ताव आया था, लेकिन राजेश खन्ना ने इसे बेचने से साफ इनकार कर दिया। उनका सपना था कि आने वाली पीढ़ियां इस घर के माध्यम से उनके जीवन और फिल्मी सफर को याद रखें। हालांकि बाद में बंगले को गिराए जाने की खबर ने उन्हें गहरा दुख पहुंचाया था।
राजेश खन्ना के अंतिम दिनों को याद करते हुए अनीता ने यह भी बताया था कि उनके परिवार के सदस्य लगातार उनके साथ बने हुए थे। उन्होंने कहा कि डिंपल कपाड़िया, ट्विंकल खन्ना और रिंकी खन्ना नियमित रूप से उनसे मिलने आते थे और उनकी देखभाल में कोई कमी नहीं रखते थे। डॉक्टरों ने परिवार को पहले ही उनकी गंभीर स्वास्थ्य स्थिति के बारे में जानकारी दे दी थी।
राजेश खन्ना का फिल्मी सफर भारतीय सिनेमा के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है। 1969 से 1971 के बीच उन्होंने लगातार कई सुपरहिट फिल्में देकर ऐसा रिकॉर्ड बनाया, जिसे आज भी याद किया जाता है। आराधना, आनंद, अमर प्रेम, कटी पतंग, सफर, हाथी मेरे साथी और दाग जैसी फिल्मों ने उन्हें देश का पहला सुपरस्टार बना दिया।
उनकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनके प्रशंसक उन्हें खून से खत लिखते थे और उनकी कार को चूमने के लिए भीड़ उमड़ पड़ती थी। उनके संवाद, मुस्कान और अभिनय की शैली ने उन्हें करोड़ों लोगों का चहेता बना दिया था। आज भी उनकी फिल्मों के गीत रेडियो, टीवी और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर खूब सुने जाते हैं।
राजेश खन्ना के निधन के वर्षों बाद भी उनकी यादें उतनी ही ताजा हैं। हर वर्ष उनकी पुण्यतिथि पर प्रशंसक सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें श्रद्धांजलि देते हैं और उनकी फिल्मों के लोकप्रिय दृश्य तथा गीत साझा करते हैं। फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कई कलाकार भी उन्हें याद कर श्रद्धासुमन अर्पित करते हैं।
अनीता आडवाणी के पुराने बयानों ने एक बार फिर राजेश खन्ना के अंतिम दिनों की भावनात्मक तस्वीर लोगों के सामने रख दी है। हालांकि ये बातें उनके व्यक्तिगत अनुभवों और पुराने इंटरव्यू पर आधारित हैं। इससे यह जरूर स्पष्ट होता है कि जीवन के अंतिम दौर में अभिनेता भावनात्मक रूप से बेहद संवेदनशील हो गए थे और अपने जीवन की विरासत को लेकर गंभीरता से सोचते थे।
आज, उनकी 14वीं पुण्यतिथि पर पूरा देश हिंदी सिनेमा के उस पहले सुपरस्टार को याद कर रहा है, जिसने अपनी अदाकारी, मुस्कान और रोमांटिक अंदाज से भारतीय फिल्म उद्योग में एक ऐसा मुकाम हासिल किया, जो हमेशा याद रखा जाएगा।

