महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव परिणाम आज: नासिक और सांगली-सातारा पर टिकी निगाहें, महायुति की 6 सीटों पर पहले ही जीत
महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव परिणाम 2026: नासिक और सांगली-सातारा सीटों पर सबकी नजर
महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव परिणाम 2026 आज राज्य की राजनीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। राज्य में स्थानीय स्वराज्य संस्था निर्वाचन क्षेत्रों की 17 सीटों में से 11 सीटों के लिए हुए मतदान के नतीजे सोमवार को घोषित किए जा रहे हैं। मतगणना सुबह से शुरू हो चुकी है और दोपहर तक अधिकांश सीटों के परिणाम सामने आने की संभावना है। हालांकि राजनीतिक गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा नासिक और सांगली-सातारा सीटों को लेकर है, जहां मुकाबला बेहद दिलचस्प माना जा रहा है।
इन चुनावों का महत्व इसलिए भी बढ़ गया है क्योंकि हाल के दिनों में महाराष्ट्र की राजनीति में “ऑपरेशन टाइगर” को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं। ऐसे माहौल में विधान परिषद चुनाव के नतीजे न केवल दलों की राजनीतिक ताकत का संकेत देंगे, बल्कि आने वाले समय में राज्य की राजनीतिक दिशा भी तय कर सकते हैं।
महायुति को पहले ही मिल चुकी है बढ़त
राज्य की कुल 17 सीटों में से 6 सीटों पर महायुति गठबंधन के उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं। इससे सत्तारूढ़ गठबंधन को चुनावी मुकाबले से पहले ही बड़ी बढ़त मिल गई है।
निर्विरोध जीत हासिल करने वाले उम्मीदवारों में भाजपा के अरुण लखानी (वर्धा-गड़चिरोली-चंद्रपुर) और प्राजक्त तनपुरे (अहिल्यानगर) शामिल हैं। वहीं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के विक्रम काकड़े (पुणे) और अनिकेत तटकरे (रायगढ़-रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग) ने भी निर्विरोध जीत दर्ज की है। शिवसेना की ओर से रवींद्र फाटक (ठाणे) और दुष्यंत चतुर्वेदी (यवतमाल) बिना मुकाबले के निर्वाचित हुए हैं।
इन छह सीटों पर मिली सफलता ने महायुति को मनोवैज्ञानिक बढ़त प्रदान की है और अब सभी की निगाहें शेष 11 सीटों पर टिक गई हैं।
रिकॉर्ड मतदान ने बढ़ाया उत्साह
शेष 11 सीटों के लिए मतदान गुरुवार को संपन्न हुआ था। चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार कुल 7,047 मतदाताओं में से 6,978 मतदाताओं ने मतदान किया, जो 99.02 प्रतिशत का रिकॉर्ड मतदान है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने चुनाव को गंभीरता से लिया और बड़ी संख्या में मतदान किया।
सबसे अधिक मतदान भंडारा-गोंदिया क्षेत्र में दर्ज किया गया, जहां मतदान प्रतिशत 100 रहा। वहीं अमरावती में सबसे कम 94.68 प्रतिशत मतदान हुआ। अन्य अधिकांश क्षेत्रों में भी मतदान प्रतिशत 98 से 100 प्रतिशत के बीच रहा।
नासिक सीट बनी चुनाव का केंद्र
इस बार नासिक सीट सबसे चर्चित सीट के रूप में सामने आई है। यहां कुल 619 मतदाताओं में से 618 ने मतदान किया, जो लगभग पूर्ण मतदान माना जा रहा है। यदि सभी मत वैध पाए जाते हैं तो जीत के लिए उम्मीदवार को 310 मतों की आवश्यकता होगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नासिक का परिणाम केवल एक सीट का फैसला नहीं होगा, बल्कि यह क्षेत्रीय राजनीतिक समीकरणों और गठबंधन की मजबूती का भी संकेत देगा। इसी वजह से सभी प्रमुख दलों की नजरें इस सीट पर टिकी हुई हैं।
सांगली-सातारा सीट पर भी कड़ा मुकाबला
सांगली-सातारा निर्वाचन क्षेत्र भी इस चुनाव का प्रमुख आकर्षण बना हुआ है। यहां महायुति के सहयोगी दलों के बीच ही राजनीतिक प्रतिस्पर्धा देखने को मिली, जिससे मुकाबला और अधिक रोचक हो गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस सीट का परिणाम भविष्य में गठबंधन राजनीति की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। यही कारण है कि राजनीतिक दलों के साथ-साथ आम जनता और विश्लेषक भी इस सीट के नतीजों का इंतजार कर रहे हैं।
दूसरी वरीयता के वोट बन सकते हैं निर्णायक
विधान परिषद चुनाव की मतगणना प्रक्रिया अन्य चुनावों से कुछ अलग होती है। यहां जीत के लिए वैध मतों के 50 प्रतिशत से एक अधिक मत प्राप्त करना आवश्यक होता है। यदि किसी उम्मीदवार को पहली वरीयता के मतों में आवश्यक कोटा नहीं मिलता, तो दूसरी वरीयता के मतों की गिनती की जाती है।
ऐसी स्थिति में कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में दूसरी वरीयता के वोट निर्णायक साबित हो सकते हैं। यही वजह है कि कई सीटों पर परिणाम देर से आने की संभावना भी जताई जा रही है।
प्रमुख निर्वाचन क्षेत्रों का मतदान प्रतिशत
- भंडारा-गोंदिया – 100%
- सांगली-सातारा – 99.89%
- नासिक – 99.84%
- परभणी-हिंगोली – 99.79%
- नांदेड़ – 99.78%
- सोलापुर – 99.68%
- धाराशिव-लातूर-बीड – 99.49%
- संभाजीनगर-जालना – 98.90%
- नागपुर – 98.44%
- जलगांव – 97.78%
- अमरावती – 94.68%
राजनीतिक महत्व
महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव के ये नतीजे राज्य की मौजूदा राजनीतिक स्थिति का बड़ा संकेत माने जा रहे हैं। महायुति जहां अपनी बढ़त को मजबूत करना चाहती है, वहीं विपक्ष इन नतीजों के जरिए अपनी राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन करने की कोशिश में है। नासिक और सांगली-सातारा जैसे निर्वाचन क्षेत्रों के परिणाम आने वाले महीनों में महाराष्ट्र की राजनीति में नए समीकरणों को जन्म दे सकते हैं।

