नशे के खिलाफ पीएम मोदी का बड़ा अभियान: ‘100 रविवार-100 मजबूत कदम’, Gen-Z से किया सीधा संवाद
PM Modi Nasha Mukt Yuva Abhiyan: युवाओं से सीधा संवाद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ‘नशा मुक्त युवा, विकसित भारत अभियान’ की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने देश के युवाओं, खासकर Gen-Z, से सीधे संवाद करते हुए नशे के खिलाफ जनआंदोलन खड़ा करने की अपील की।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह अभियान अगले 100 हफ्तों तक चलेगा और हर रविवार देशभर में नशा मुक्ति से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। उन्होंने इसे ‘100 रविवार-100 मजबूत कदम’ का संकल्प बताया।
अभियान की मुख्य बातें
प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किए गए इस अभियान की प्रमुख विशेषताएं हैं:
- अगले 100 हफ्तों तक चलेगा अभियान
- हर रविवार देशभर में जागरूकता कार्यक्रम
- युवाओं को नशे से दूर रखने पर विशेष जोर
- परिवारों और शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी
- नशे के खिलाफ सरकार की सख्त कार्रवाई जारी रखने का संदेश
- स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में नशा मुक्ति गतिविधियों को बढ़ावा देना
‘हर रविवार होगा एक मजबूत कदम’
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देशभर के लाखों युवाओं ने नशे से दूर रहने का संकल्प लिया है और यह अभियान उस संकल्प को और मजबूत करेगा।
उन्होंने कहा:
“आने वाले 100 रविवार नशा मुक्त भारत की दिशा में 100 मजबूत कदम होंगे।”
पीएम मोदी ने युवाओं को देश की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि 2047 तक विकसित भारत बनाने में उनकी सबसे अहम भूमिका होगी।
सरकार की कार्रवाई का भी किया उल्लेख
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार मादक पदार्थों की तस्करी और नशे के कारोबार के खिलाफ लगातार कड़ी कार्रवाई कर रही है।
उन्होंने बताया कि पिछले वर्षों में हजारों करोड़ रुपये के नशीले पदार्थ जब्त किए गए हैं और यह अभियान केवल जागरूकता तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि नशे के नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में भी प्रयास जारी रहेंगे।
परिवारों से खुलकर बात करने की अपील
पीएम मोदी ने कहा कि यदि परिवार का कोई सदस्य नशे की लत का शिकार हो जाए, तो उसे सामाजिक बदनामी के डर से छिपाना नहीं चाहिए।
उन्होंने माता-पिता से अपील की कि वे बच्चों के साथ खुलकर बातचीत करें, ताकि वे गलत संगति या नशे की ओर बढ़ने से पहले ही संभल सकें।
प्रधानमंत्री ने कहा कि संवाद, विश्वास और समय पर मदद किसी भी परिवार को बड़ी समस्या से बचा सकते हैं।
कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को भी जोड़ा
प्रधानमंत्री ने शिक्षकों, प्रोफेसरों और शैक्षणिक संस्थानों से कहा कि वे पढ़ाई के साथ-साथ छात्रों को नशे के नुकसान के बारे में भी जागरूक करें।
उन्होंने सुझाव दिया कि कॉलेज और विश्वविद्यालय अपने कैंपस में:
- नशा मुक्ति अभियान चलाएं,
- जागरूकता कार्यशालाएं आयोजित करें,
- और छात्रों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करें।
एक करोड़ से ज्यादा युवा जुड़े
प्रधानमंत्री ने बताया कि इस अभियान से स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, एनएसएस और ‘माई भारत’ के स्वयंसेवकों सहित एक करोड़ से अधिक युवा जुड़े हैं।
उन्होंने युवाओं से इस अभियान का नेतृत्व करने का आह्वान करते हुए कहा कि उन्हें भारतीय युवाओं की जागरूकता, जिम्मेदारी और कर्तव्य भावना पर पूरा विश्वास है।
पीएम मोदी ने कहा:
“आप सभी इस महान आंदोलन के नेता हैं। आपने मेरे इस विश्वास को और मजबूत किया है कि भारत के युवा कितने जागरूक, समझदार और अपने कर्तव्यों के प्रति गंभीर हैं।”
विकसित भारत 2047 से जोड़ा अभियान
प्रधानमंत्री ने नशा मुक्ति अभियान को सीधे ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य से जोड़ा। उनका कहना था कि यदि देश का युवा वर्ग स्वस्थ, जागरूक और नशे से मुक्त रहेगा, तभी भारत अपनी पूरी क्षमता के साथ आगे बढ़ सकेगा।
उन्होंने कहा कि नशा मुक्त समाज केवल स्वास्थ्य का मुद्दा नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का भी महत्वपूर्ण आधार है।
PM Modi Nasha Mukt Yuva Abhiyan के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नशे के खिलाफ एक दीर्घकालिक जनआंदोलन शुरू करने का संदेश दिया है। ‘100 रविवार-100 मजबूत कदम’ का यह अभियान युवाओं, परिवारों, शिक्षकों और सामाजिक संस्थाओं को एक साथ जोड़कर नशा मुक्त और विकसित भारत के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ने का प्रयास है। आने वाले 100 हफ्तों में इसकी गतिविधियां देशभर में जागरूकता और जनभागीदारी को नई दिशा दे सकती हैं।

