पुणे मर्डर केस: कैब ड्राइवर का बड़ा दावा, ‘सिया घबराई हुई थी, उसे जबरन कार में बैठाया गया’
पुणे मर्डर केस में 20 वर्षीय सिया गोयल और उसके मंगेतर केतन अग्रवाल से जुड़े मामले में एक नया मोड़ सामने आया है। इस मामले में अब उस कैब ड्राइवर का बयान सामने आया है, जिसने सिया, उसके भाई और बाद में केतन व उनके परिवार के सदस्यों को मुंबई एयरपोर्ट तक पहुंचाया था। ड्राइवर के दावों ने जांच को एक नई दिशा दे दी है। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि पुलिस द्वारा अभी तक नहीं की गई है और जांच जारी है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कैब ड्राइवर ने दावा किया कि जिस दिन सभी लोग प्री-वेडिंग शूट के लिए बाली रवाना होने वाले थे, उस दिन सिया का व्यवहार सामान्य नहीं था। उसके मुताबिक, सिया बेहद घबराई हुई दिखाई दे रही थी और वह कार में बैठने के लिए तैयार नहीं थी। ड्राइवर का कहना है कि सिया के भाई साहिल ने उसे समझाने के बजाय लगभग जबरन कार में बैठाया, जिसके बाद यात्रा शुरू हुई।
ड्राइवर के अनुसार, पुणे से रवेट (पिंपरी-चिंचवड़) तक के सफर में सिया और उसके भाई साहिल के बीच लगातार किसी बात को लेकर बहस होती रही। उसने बताया कि दोनों के बीच तनाव साफ दिखाई दे रहा था और पूरे रास्ते माहौल सामान्य नहीं था। इस दौरान सिया काफी परेशान और चुप नजर आ रही थी, जबकि उसका भाई उससे लगातार बातचीत करता रहा।
रास्ते में किवाले लोढ़ा इलाके से केतन अग्रवाल और उनके परिवार के कुछ सदस्य भी उसी वाहन में शामिल हो गए। इसके बाद सभी लोग एक साथ मुंबई एयरपोर्ट के लिए रवाना हुए। ड्राइवर का कहना है कि परिवार के बाकी सदस्य सामान्य दिखाई दे रहे थे, लेकिन सिया का व्यवहार पूरे सफर के दौरान अलग और तनावपूर्ण बना रहा।
यात्रा के दौरान सभी लोग एक फूड कोर्ट पर भी रुके, जहां चाय-नाश्ता किया गया और कुछ देर आराम किया गया। इसी दौरान कैब ड्राइवर ने एक ऐसी घटना देखने का दावा किया, जिसने बाद में उसे काफी महत्वपूर्ण लगी। उसके अनुसार, सिया किसी सामान को लेने का बहाना बनाकर अकेले कार तक वापस आई। उसने गाड़ी से कुछ चीजें निकालीं और उन्हें अपनी जेब में रख लिया। इसके बाद वह बिना कुछ कहे वापस चली गई। ड्राइवर ने इस हरकत को उस समय नोटिस तो किया, लेकिन उसे इसकी गंभीरता का अंदाजा नहीं था।
ड्राइवर ने आगे बताया कि मुंबई एयरपोर्ट पर सभी यात्रियों को छोड़ने के कुछ समय बाद उसे केतन अग्रवाल का फोन आया। केतन ने बताया कि उनका पासपोर्ट कार में छूट गया है और उसे ढूंढने में मदद मांगी। ड्राइवर ने वाहन की अच्छी तरह तलाशी ली, लेकिन पासपोर्ट कहीं नहीं मिला।
पासपोर्ट नहीं मिलने के कारण केतन और सिया का बाली जाने का पूरा कार्यक्रम रद्द करना पड़ा। दोनों का यह विदेश दौरा प्री-वेडिंग शूट के लिए तय किया गया था, लेकिन आखिरी समय में यात्रा रद्द होने से परिवार भी हैरान रह गया। इस घटनाक्रम के बाद पासपोर्ट के गायब होने को लेकर भी कई सवाल उठने लगे।
केतन अग्रवाल के पिता विजय अग्रवाल ने भी इस मामले में साजिश की आशंका जताई है। उनका कहना है कि पासपोर्ट का अचानक गायब होना सामान्य घटना नहीं लगती। उनके अनुसार, यदि पासपोर्ट जानबूझकर गायब किया गया, तो इसकी भी गहन जांच होनी चाहिए क्योंकि इससे पूरी घटना का घटनाक्रम बदल गया।
उधर, पुलिस इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड की हर पहलू से जांच कर रही है। जांच एजेंसियां कैब ड्राइवर के बयान, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल कॉल रिकॉर्ड, डिजिटल साक्ष्यों और अन्य परिस्थितिजन्य सबूतों का मिलान कर रही हैं। हाल ही में पुलिस ने सिया को क्राइम सीन पर ले जाकर घटनाक्रम का रीक्रिएशन भी कराया, ताकि वारदात से जुड़े तथ्यों की पुष्टि की जा सके।
जांच अधिकारियों का कहना है कि अभी किसी एक बयान के आधार पर अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। कैब ड्राइवर द्वारा किए गए दावों की भी स्वतंत्र रूप से जांच की जा रही है। यदि उसके बयान अन्य सबूतों से मेल खाते हैं, तो यह केस में महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकता है।
फिलहाल, यह मामला लगातार नए खुलासों के कारण चर्चा में बना हुआ है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि पासपोर्ट गायब होने, यात्रा रद्द होने और बाद में हुई घटनाओं के बीच कोई सीधा संबंध था या नहीं। तब तक मामले से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच जारी रहेगी।

