Ranchi Flyover Project: रांची में बनेंगे 3 नए फ्लाईओवर, 2,335 करोड़ से ज्यादा का प्रस्ताव; इन इलाकों को मिलेगी राहत

Ranchi Flyover Project: रांची में बनेंगे 3 नए फ्लाईओवर, 2,335 करोड़ से ज्यादा का प्रस्ताव; इन इलाकों को मिलेगी राहत

झारखंड की राजधानी रांची में बढ़ते ट्रैफिक और लगातार लगने वाले जाम से परेशान लोगों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने और भविष्य की जरूरतों के मुताबिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के लिए तीन नए फ्लाईओवर बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। नगर विकास विभाग की ओर से तैयार प्रस्ताव में इन परियोजनाओं को रांची के अलग-अलग प्रमुख ट्रैफिक कॉरिडोर से जोड़ने की योजना है।

हालांकि इस खबर में एक अहम बात ध्यान देने वाली है। शुरुआती जानकारी में इन तीन फ्लाईओवरों की लागत करीब 885 करोड़ रुपये बताई जा रही थी, लेकिन 19 सितंबर 2026 की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक इन तीनों परियोजनाओं पर कुल अनुमानित खर्च 2,335.87 करोड़ रुपये बताया गया है। फिलहाल यह परियोजना प्रस्ताव के शुरुआती चरण में है और अंतिम मंजूरी, बजट आवंटन तथा निर्माण शुरू होने की समय-सीमा को लेकर औपचारिक घोषणा बाकी है।

रांची में कहां-कहां बनेंगे तीन नए फ्लाईओवर?

प्रस्ताव के मुताबिक रांची में जिन तीन फ्लाईओवरों की योजना बनाई गई है, उनमें बिरसा चौक से तुपुदाना चौक, कटहल मोड़ से दलादिली चौक और लालपुर-फिरायालाल-डंगराटोली इंटीग्रेटेड फ्लाईओवर शामिल हैं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य शहर के व्यस्त हिस्सों में ट्रैफिक के दबाव को कम करना और वाहनों को वैकल्पिक तथा तेज रूट उपलब्ध कराना है।

इन कॉरिडोरों पर दिन के व्यस्त समय में वाहनों की संख्या काफी बढ़ जाती है। ऑफिस टाइम, स्कूल-कॉलेज के समय और बाजार वाले इलाकों में ट्रैफिक का दबाव बढ़ने से कई जगहों पर वाहन धीमी गति से चलते हैं और जाम की स्थिति बन जाती है।

बिरसा चौक-तुपुदाना कॉरिडोर से क्या फायदा होगा?

प्रस्तावित फ्लाईओवर का एक प्रमुख हिस्सा बिरसा चौक से तुपुदाना चौक तक होगा। रिपोर्ट के मुताबिक इसका अंतिम हिस्सा रिंग रोड के आसपास तक कनेक्टिविटी देने की दिशा में प्रस्तावित है।

इससे उन वाहनों को फायदा मिल सकता है जो शहर के भीतरी हिस्सों में ज्यादा ट्रैफिक का सामना किए बिना रिंग रोड की ओर जाना चाहते हैं। अगर परियोजना मंजूर होकर जमीन पर उतरती है, तो इस रूट पर आने वाले भारी ट्रैफिक को अलग स्तर पर ले जाने में मदद मिल सकती है।

कटहल मोड़-दलादिली फ्लाईओवर भी प्रस्ताव में

दूसरी प्रस्तावित परियोजना कटहल मोड़ से दलादिली चौक के बीच है। यह इलाका रांची के बाहरी हिस्सों और शहर के प्रमुख मार्गों के बीच कनेक्टिविटी के लिहाज से महत्वपूर्ण है।

इस कॉरिडोर का एक सिरा रिंग रोड से जुड़ने की दिशा में प्रस्तावित है। ऐसे में शहर के भीतर और बाहर आने-जाने वाले वाहनों के लिए यह कनेक्टिविटी महत्वपूर्ण हो सकती है। प्रस्ताव का उद्देश्य मौजूदा सड़कों पर वाहनों का दबाव कम करना और यातायात को अधिक व्यवस्थित करना है।

लालपुर-फिरायालाल-डंगराटोली इंटीग्रेटेड फ्लाईओवर

तीसरी परियोजना लालपुर, फिरायालाल और डंगराटोली क्षेत्र को जोड़ने वाले इंटीग्रेटेड फ्लाईओवर की है। यह रांची के घनी आबादी और व्यस्त बाजार वाले हिस्सों में से एक है।

लालपुर और आसपास के इलाकों में दिन के समय वाहनों की संख्या काफी बढ़ जाती है। ऐसे में फ्लाईओवर बनने से मुख्य सड़क पर चलने वाले वाहनों और स्थानीय ट्रैफिक को अलग-अलग स्तर पर संचालित करने में मदद मिल सकती है।

इससे ट्रैफिक सिग्नल और प्रमुख चौराहों पर वाहनों के दबाव को कम करने की संभावना है। हालांकि वास्तविक राहत कितनी मिलेगी, यह परियोजना के अंतिम डिजाइन और इसके निर्माण के बाद ट्रैफिक प्रबंधन व्यवस्था पर निर्भर करेगा।

रांची में पहले से भी कई फ्लाईओवर पाइपलाइन में

रांची में ट्रैफिक सुधारने के लिए सिर्फ इन तीन परियोजनाओं पर काम नहीं हो रहा है। इससे पहले भी शहर में कई फ्लाईओवर और एलिवेटेड कॉरिडोर की योजनाएं सामने आ चुकी हैं।

जून 2026 में राज्य सड़क निर्माण विभाग ने करमटोली और अरगोड़ा से जुड़े दो एलिवेटेड कॉरिडोरों के लिए प्रशासनिक मंजूरी और टेंडर प्रक्रिया की जानकारी दी थी। करमटोली परियोजना की अनुमानित लागत करीब 351.14 करोड़ रुपये और अरगोड़ा परियोजना की लागत करीब 469.62 करोड़ रुपये बताई गई थी।

वहीं करमटोली-चिरौंदी, अरगोड़ा-चापूटोली और हरमू रोड फ्लाईओवर भी शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर करने वाली परियोजनाओं में शामिल हैं।

पांच साल में बदलने की योजना

रांची की ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर इससे भी बड़ी योजना पहले सामने आ चुकी है। जुलाई 2026 की एक रिपोर्ट के मुताबिक राजधानी में अगले पांच वर्षों में 10 नए फ्लाईओवर बनाने की योजना पर काम किया जा रहा है। इनकी अनुमानित लागत 3,000 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई थी। हालांकि इनमें से कई परियोजनाओं के लिए तकनीकी और प्रशासनिक मंजूरियों की प्रक्रिया अभी बाकी बताई गई थी।

इससे साफ है कि राजधानी में बढ़ते यातायात दबाव से निपटने के लिए सरकार लंबी अवधि के इंफ्रास्ट्रक्चर प्लान पर काम कर रही है।

क्या तुरंत शुरू होगा निर्माण?

फिलहाल इन तीन नए फ्लाईओवरों को लेकर सबसे जरूरी बात यह है कि यह अभी प्रस्ताव के शुरुआती चरण में हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि निर्माण कार्य तुरंत शुरू होने जा रहा है।

परियोजना के लिए अंतिम अनुमोदन, बजट आवंटन, तकनीकी प्रक्रिया और अन्य जरूरी औपचारिकताओं को पूरा करना होगा। इसके बाद ही निर्माण की समय-सीमा स्पष्ट हो सकेगी।

ट्रैफिक कम करने में मिल सकती है मदद

अगर प्रस्तावित तीनों फ्लाईओवर को मंजूरी मिलती है और निर्धारित योजना के अनुसार निर्माण पूरा होता है, तो रांची के कई प्रमुख ट्रैफिक कॉरिडोर पर दबाव कम करने में मदद मिल सकती है।

इसके साथ ही शहर में ट्रांसपोर्ट नगर जैसी योजनाओं को भी ट्रैफिक प्रबंधन से जोड़ा जा रहा है। हाल ही में रांची के सुकुरहुटू स्थित ट्रांसपोर्ट नगर के संचालन को लेकर अधिकारियों ने रूट प्लान और भारी वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित करने पर जोर दिया था। इसका उद्देश्य प्रमुख सड़कों पर भारी वाहनों का दबाव कम करना है।

कुल मिलाकर, रांची में तीन नए फ्लाईओवर का प्रस्ताव शहर की बढ़ती यातायात जरूरतों को देखते हुए तैयार किया गया है। फिलहाल परियोजनाएं प्रस्तावित स्तर पर हैं, इसलिए निर्माण कब शुरू होगा और कब तक पूरा होगा, इस पर अंतिम तस्वीर सरकारी मंजूरियों के बाद ही साफ होगी।

अब रांचीवासियों की नजर इस बात पर है कि बिरसा चौक-तुपुदाना, कटहल मोड़-दलादिली और लालपुर-फिरायालाल-डंगराटोली फ्लाईओवर परियोजनाओं को कब मंजूरी मिलती है और इनके निर्माण की प्रक्रिया कब जमीन पर उतरती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *