Ranchi News: JPL फाइनल में भगदड़ और तोड़फोड़ मामले में FIR दर्ज, 150 अज्ञात उपद्रवियों की तलाश शुरू
Ranchi News: राजधानी रांची के धुर्वा स्थित झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (JSCA) स्टेडियम में झारखंड प्रीमियर लीग (JPL) 2026 के फाइनल मुकाबले के दौरान हुई भगदड़ और तोड़फोड़ की घटना के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए प्राथमिकी दर्ज कर ली है। प्रारंभिक जांच पूरी होने के बाद धुर्वा थाना में 100 से 150 अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस अब स्टेडियम परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर आरोपियों की पहचान करने में जुटी हुई है।
Ranchi News के अनुसार यह मामला 24 जून 2026 को खेले गए झारखंड प्रीमियर लीग के फाइनल मैच से जुड़ा है। मैच देखने के लिए बड़ी संख्या में क्रिकेट प्रेमी स्टेडियम पहुंचे थे। इसी दौरान अचानक भीड़ का दबाव बढ़ने से अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। हालात बिगड़ने पर कुछ लोगों ने स्टेडियम के प्रवेश द्वार और सुरक्षा बैरिकेड्स को नुकसान पहुंचाया, जिससे भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन को लेकर भी कई सवाल उठे थे।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने पहले सनहा दर्ज कर मामले की प्रारंभिक जांच शुरू की थी। जांच के दौरान घटनास्थल का निरीक्षण किया गया, प्रत्यक्षदर्शियों से जानकारी ली गई और उपलब्ध इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया। जांच पूरी होने के बाद धुर्वा थाने में तैनात सब-इंस्पेक्टर हीरालाल साह के लिखित आवेदन के आधार पर 100 से 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार घटना के दौरान कुछ लोगों ने स्टेडियम के गेट और अन्य सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। इसके अलावा भीड़ को नियंत्रित करने में भी सुरक्षा बलों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। अब जांच टीम सीसीटीवी फुटेज की मदद से उन लोगों की पहचान कर रही है, जिन्होंने तोड़फोड़ की या अशांति फैलाने में भूमिका निभाई।
जांच एजेंसियां स्टेडियम परिसर के भीतर और बाहर लगे सभी कैमरों की रिकॉर्डिंग का बारीकी से परीक्षण कर रही हैं। आवश्यकता पड़ने पर वीडियो फुटेज को तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से और स्पष्ट किया जाएगा, ताकि संदिग्ध लोगों की पहचान सुनिश्चित की जा सके। पुलिस का कहना है कि पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद संबंधित आरोपियों को नोटिस जारी किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर गिरफ्तारी भी की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, कानून-व्यवस्था बिगाड़ने और हिंसक गतिविधियों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। यदि जांच में किसी व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना के बाद भविष्य में बड़े खेल आयोजनों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण के उपायों को और मजबूत करने पर भी चर्चा शुरू हो गई है। प्रशासन का मानना है कि बड़ी संख्या में दर्शकों की मौजूदगी वाले आयोजनों में प्रवेश व्यवस्था, बैरिकेडिंग, टिकट सत्यापन और सुरक्षा बलों की तैनाती को और प्रभावी बनाना आवश्यक है, ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन के स्टेडियम में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के कई क्रिकेट मुकाबले आयोजित होते रहे हैं। ऐसे में इस घटना ने सुरक्षा प्रबंधन को लेकर नई चुनौतियां भी सामने रखी हैं। पुलिस और प्रशासन दोनों ही इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच को तेजी से आगे बढ़ा रहे हैं।
फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उपद्रवियों की पहचान करना है। अधिकारियों का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है और दोषी पाए जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

