Yogi Government Campaign: 6 से 11 जुलाई तक गांव-गांव चलेगा महाअभियान, गन्ना किसानों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ेगी योगी सरकार
Yogi Government Sugarcane Farmers Campaign: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार गन्ना किसानों और उनके परिवारों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने के लिए 6 से 11 जुलाई तक राज्यव्यापी विशेष अभियान चलाने जा रही है। इस अभियान के तहत प्रदेश की सभी सहकारी गन्ना विकास समितियों में विशेष शिविर लगाए जाएंगे, जहां किसानों का नामांकन कराया जाएगा और उन्हें प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY), प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY) तथा अटल पेंशन योजना (APY) जैसी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी।
Yogi Government Campaign: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार प्रदेश के गन्ना किसानों और उनके परिवारों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू करने जा रही है। राज्य सरकार 6 जुलाई से 11 जुलाई तक पूरे प्रदेश में विशेष सामाजिक सुरक्षा जागरूकता एवं नामांकन महाअभियान चलाएगी। इस अभियान के तहत गांव-गांव जाकर किसानों को केंद्र सरकार की विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की जानकारी दी जाएगी और पात्र लाभार्थियों का मौके पर ही नामांकन कराया जाएगा।
राज्य सरकार का उद्देश्य गन्ना किसानों और उनके परिवारों को आर्थिक रूप से सुरक्षित बनाना है। अभियान के दौरान किसानों को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY), प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY) और अटल पेंशन योजना (APY) जैसी योजनाओं से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि इन योजनाओं के माध्यम से किसानों को आकस्मिक मृत्यु, दुर्घटना और वृद्धावस्था जैसी परिस्थितियों में आर्थिक सुरक्षा मिल सकेगी।
इस विशेष अभियान के दौरान प्रदेश की सभी सहकारी गन्ना विकास समितियों में सहायता एवं नामांकन शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में किसानों को योजनाओं की विस्तृत जानकारी देने के साथ-साथ आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन, बैंकिंग सहायता और मौके पर ही नामांकन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इससे किसानों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और सभी आवश्यक सेवाएं एक ही स्थान पर मिल सकेंगी।
सरकार ने अभियान को प्रभावी बनाने के लिए गन्ना विभाग, सहकारी समितियों, बैंकों, इफ्को और चीनी मिलों को भी जोड़ा है। गन्ना पर्यवेक्षक, समिति सचिव और विभागीय अधिकारी गांवों में पहुंचकर किसानों से सीधे संवाद करेंगे। ग्राम सभाओं, किसान गोष्ठियों और जागरूकता बैठकों के माध्यम से किसानों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लाभ और पात्रता की जानकारी दी जाएगी। साथ ही उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
अभियान में महिला किसानों और स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। सरकार चाहती है कि ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को भी बीमा, पेंशन और अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ा जाए ताकि परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो सके। महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से जागरूकता अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने की योजना तैयार की गई है।
योगी सरकार का मानना है कि किसानों को केवल कृषि उत्पादन तक सीमित नहीं रखा जा सकता, बल्कि उन्हें सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा भी उपलब्ध कराना आवश्यक है। सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़ने के बाद किसान और उनके परिवार भविष्य की अनिश्चित परिस्थितियों का बेहतर तरीके से सामना कर सकेंगे। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा मिलेगा।
प्रदेश की सहकारी गन्ना विकास समितियों को इस अभियान की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी बनाया गया है। समितियां किसानों तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाने, पात्र लाभार्थियों की पहचान करने और उनका नामांकन कराने की जिम्मेदारी निभाएंगी। इसके अलावा किसानों को बैंक खाते खोलने, बीमा संबंधी जानकारी प्राप्त करने और अन्य सरकारी सुविधाओं का लाभ लेने में भी सहायता दी जाएगी।
सरकार का लक्ष्य है कि इस अभियान के माध्यम से अधिक से अधिक गन्ना किसान और उनके परिवार सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़ें। इससे न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय जागरूकता भी बढ़ेगी। सरकार का यह अभियान किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

