Rajasthan Crime: सरकारी नौकरी और प्रॉपर्टी के लालच में बेटी बनी मां की कातिल, आयुषी की साजिश ने सबको चौंकाया
Rajasthan Crime: राजस्थान से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसने रिश्तों पर भरोसा करने वाले हर व्यक्ति को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस के अनुसार 23 वर्षीय आयुषी शर्मा ने सरकारी नौकरी और संपत्ति पाने के लालच में अपनी ही मां नीरज शर्मा की हत्या की साजिश रच डाली। जांच में सामने आया कि यह कोई सामान्य सड़क हादसा नहीं था, बल्कि करीब तीन महीने तक योजनाबद्ध तरीके से तैयार किया गया कथित षड्यंत्र था। पुलिस ने इस मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और पूरे नेटवर्क की जांच जारी है।
Rajasthan Crime की यह घटना 3 जुलाई की शाम करीब 4:45 बजे की बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार नीरज शर्मा अपने दिव्यांग बेटे को कोचिंग छोड़कर वापस घर लौट रही थीं। इसी दौरान तेज रफ्तार से आ रही एक एसयूवी ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। शुरुआत में यह घटना एक सामान्य सड़क दुर्घटना प्रतीत हुई, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर कई ऐसे तथ्य सामने आए जिन्होंने पूरे मामले की दिशा बदल दी।
पुलिस जांच के मुताबिक दुर्घटना में इस्तेमाल की गई एसयूवी लगभग 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थी। घटनास्थल से मिले तकनीकी साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल सबूतों की जांच के बाद पुलिस को संदेह हुआ कि यह महज हादसा नहीं बल्कि पूर्व नियोजित हत्या हो सकती है। इसके बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया और कई लोगों से पूछताछ की गई।
जांच एजेंसियों का दावा है कि आयुषी शर्मा ने कथित रूप से अपने कुछ परिचितों की मदद से पूरी योजना तैयार की थी। आरोप है कि हत्या को सड़क दुर्घटना का रूप देने के लिए वाहन की व्यवस्था पहले से की गई थी और वारदात के समय का भी विशेष रूप से चयन किया गया। पुलिस का कहना है कि उद्देश्य यह था कि घटना को सामान्य एक्सीडेंट मान लिया जाए और किसी को हत्या का संदेह न हो।
जांच के दौरान परिवार की पृष्ठभूमि भी सामने आई। पुलिस के अनुसार नीरज शर्मा के पति विजय कुमार शर्मा अदालत में एलडीसी के पद पर कार्यरत थे। लगभग एक वर्ष पहले उनके निधन के बाद परिवार आर्थिक संकट से गुजर रहा था। अनुकंपा नियुक्ति के तहत नीरज शर्मा को सरकारी नौकरी मिली थी, जिससे परिवार का खर्च चल रहा था। इसी नौकरी और परिवार की संपत्ति को लेकर विवाद की आशंका पुलिस जांच में सामने आई है।
पुलिस का आरोप है कि आयुषी को विश्वास था कि यदि उसकी मां की मृत्यु हो जाती है तो उसे अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी मिलने की संभावना बन सकती है। साथ ही परिवार की संपत्ति पर भी उसका अधिकार मजबूत हो जाएगा। इसी कथित लालच में उसने अपनी मां की हत्या की साजिश रची। हालांकि इन आरोपों का अंतिम सत्य अदालत में चलने वाली न्यायिक प्रक्रिया और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही तय होगा।
मामले की जांच कर रही पुलिस ने बताया कि घटनास्थल से जुटाए गए सबूतों, इलेक्ट्रॉनिक डेटा और पूछताछ के आधार पर कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अब यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस कथित साजिश में और कितने लोग शामिल थे तथा किसकी क्या भूमिका रही।
इस घटना ने पूरे राजस्थान ही नहीं बल्कि देशभर में लोगों को हैरान कर दिया है। सोशल मीडिया पर भी इस मामले को लेकर लगातार चर्चाएं हो रही हैं। लोग इसे रिश्तों के टूटते विश्वास और लालच की चरम सीमा का उदाहरण बता रहे हैं। हालांकि पुलिस ने लोगों से अपील की है कि जांच पूरी होने और अदालत का अंतिम फैसला आने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर न पहुंचें।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यदि जांच में लगाए गए आरोप अदालत में सिद्ध होते हैं तो यह भारतीय दंड संहिता के तहत बेहद गंभीर अपराध माना जाएगा और दोषियों को कड़ी सजा का सामना करना पड़ सकता है। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और मामले से जुड़े अन्य साक्ष्य भी एकत्र किए जा रहे हैं।
फिलहाल सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद चार्जशीट अदालत में पेश की जाएगी। इस पूरे मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि संपत्ति और सरकारी नौकरी के लालच में रिश्तों की संवेदनाएं किस हद तक कमजोर होती जा रही हैं। आने वाले दिनों में जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद इस मामले की पूरी सच्चाई सामने आने की उम्मीद है।

