Weather Alert Today: महालक्ष्मी व्रत-राधा अष्टमी के बीच 14 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, पहाड़ों में लैंडस्लाइड का खतरा

Weather Alert Today: महालक्ष्मी व्रत-राधा अष्टमी के बीच 14 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, पहाड़ों में लैंडस्लाइड का खतरा

देशभर में एक तरफ आज से महालक्ष्मी व्रत और राधा अष्टमी जैसे धार्मिक पर्वों की शुरुआत हो रही है, वहीं दूसरी तरफ मौसम ने कई राज्यों में चिंता बढ़ा दी है। सितंबर के आखिरी दौर में पहुंच चुके मॉनसून के बीच देश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने कई क्षेत्रों में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर चेतावनी जारी की है।

हालांकि देश के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की वापसी शुरू हो चुकी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD के मुताबिक 19 सितंबर 2026 को पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से मॉनसून की वापसी शुरू हो गई है। सामान्य तौर पर मॉनसून की वापसी सितंबर के दूसरे पखवाड़े में शुरू होती है।

इसका मतलब यह नहीं है कि देश के सभी हिस्सों में बारिश पूरी तरह खत्म हो जाएगी। बंगाल की खाड़ी और पूर्वी भारत से जुड़े मौसम सिस्टम के कारण कई राज्यों में अभी भी बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं।

14 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमानों में देश के कई हिस्सों में भारी बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई गई है। खासकर पूर्वी भारत और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय मौसम प्रणाली के कारण आने वाले दिनों में बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।

IMD के मुताबिक बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना मौसम सिस्टम पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से ओडिशा, गंगीय पश्चिम बंगाल, झारखंड, सिक्किम और तटीय आंध्र प्रदेश सहित कुछ इलाकों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।

कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति भी बन सकती है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की स्थानीय चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी जाती है।

पहाड़ी इलाकों में लैंडस्लाइड का खतरा

बारिश के बीच पहाड़ी क्षेत्रों में सबसे बड़ी चिंता भूस्खलन यानी लैंडस्लाइड को लेकर रहती है। लगातार या तेज बारिश होने पर पहाड़ी ढलानों पर मिट्टी और चट्टानों के खिसकने का खतरा बढ़ सकता है।

ऐसे में पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों और वहां यात्रा करने वाले पर्यटकों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचना और स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करना जरूरी है।

हालांकि आज 19 सितंबर के IMD के ताजा सब-डिविजन वार्निंग डेटा में उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लिए कोई सामान्य भारी बारिश चेतावनी दर्ज नहीं है। इसलिए किसी भी राज्य के लिए खतरे की बात करते समय स्थानीय और समय-विशिष्ट IMD अलर्ट को ही प्राथमिकता देना जरूरी है।

दिल्ली-NCR में मॉनसून की वापसी

राजधानी दिल्ली और NCR के लोगों के लिए मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। IMD के 19 सितंबर के पूर्वानुमान के अनुसार दिल्ली में फिलहाल कोई मौसम चेतावनी नहीं है। आने वाले दिनों में आसमान आंशिक रूप से बादल से साफ रहने की स्थिति बन सकती है और अधिकतम तापमान करीब 33 से 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।

मॉनसून की वापसी के साथ दिल्ली-NCR में बारिश की गतिविधियां कम होने पर मौसम धीरे-धीरे ज्यादा गर्म और शुष्क महसूस हो सकता है। हालांकि तापमान में स्थानीय स्तर पर उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

मॉनसून की आधिकारिक वापसी शुरू

इस साल मॉनसून की वापसी को लेकर IMD ने 18 सितंबर को ही संकेत दिया था कि पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से 19 सितंबर के आसपास वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो रही हैं। इसके बाद 19 सितंबर को वापसी की शुरुआत दर्ज की गई।

मॉनसून की वापसी एक चरणबद्ध प्रक्रिया है। इसका मतलब यह नहीं है कि पूरे देश से एक साथ बारिश खत्म हो जाती है। IMD के अनुसार आगे की वापसी के लिए बारिश की गतिविधि में कमी, निचले वायुमंडल में एंटी-साइक्लोनिक स्थिति और नमी में कमी जैसे मौसम संबंधी संकेतों को देखा जाता है।

झारखंड समेत पूर्वी भारत में नजर

झारखंड के लिए भी आने वाले दिनों का मौसम महत्वपूर्ण रहने वाला है। बंगाल की खाड़ी से जुड़े सिस्टम के प्रभाव के कारण पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में बारिश जारी रहने का अनुमान है। IMD के अनुसार अगले कुछ दिनों में झारखंड, गंगीय पश्चिम बंगाल और ओडिशा में बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।

त्योहारी मौसम में बड़ी संख्या में लोग घर से बाहर निकलते हैं। ऐसे में जिन इलाकों में भारी बारिश की संभावना है, वहां यात्रा करने वाले लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट देखते रहना चाहिए।

देश में बारिश की कमी भी बनी हुई है

इस साल मॉनसून के दौरान देश के बड़े हिस्से में बारिश सामान्य से कम रही है। 18 सितंबर तक देश में कुल मॉनसून बारिश सामान्य से करीब 15 फीसदी कम रही और लगभग 43 फीसदी भौगोलिक क्षेत्र बारिश की कमी से प्रभावित बताया गया है।

इसलिए मॉनसून की वापसी के बीच भी कई राज्यों के लिए बारिश का अंतिम दौर महत्वपूर्ण हो सकता है। जिन क्षेत्रों में बारिश की कमी है, वहां अतिरिक्त बारिश से कुछ राहत मिल सकती है, जबकि अत्यधिक बारिश वाले इलाकों में जलभराव और अन्य समस्याएं बढ़ सकती हैं।

त्योहारों के बीच मौसम पर नजर जरूरी

आज से महालक्ष्मी व्रत और राधा अष्टमी की शुरुआत के बीच बड़ी संख्या में लोग पूजा-पाठ और धार्मिक गतिविधियों में शामिल होंगे। ऐसे में मौसम का असर स्थानीय कार्यक्रमों और आवाजाही पर भी पड़ सकता है।

फिलहाल मौसम की तस्वीर पूरे देश में एक जैसी नहीं है। कहीं मॉनसून की वापसी शुरू हो गई है तो कहीं बारिश का दौर जारी है। दिल्ली-NCR में बारिश से राहत के संकेत हैं, जबकि पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में मौसम सक्रिय बना हुआ है।

ऐसे में लोगों के लिए सबसे जरूरी है कि वे अपने क्षेत्र का IMD स्थानीय पूर्वानुमान और चेतावनी जरूर देखें। खासकर भारी बारिश, आंधी या पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वालों को मौसम की स्थिति के अनुसार ही अपनी योजना बनानी चाहिए।

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