देशभर में बारिश का कहर, असम में बाढ़ से 47 मौतें; कई राज्यों में हाई अलर्ट

Assam Flood News: देशभर में सक्रिय मानसून अब कई राज्यों के लिए राहत की बजाय बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण कई इलाकों में बाढ़, जलभराव और भूस्खलन जैसी स्थितियां पैदा हो गई हैं। सबसे अधिक प्रभावित राज्यों में असम शामिल है, जहां बाढ़ का संकट लगातार गहराता जा रहा है। राज्य में कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे लाखों लोगों का जनजीवन प्रभावित हुआ है। वहीं गुजरात, जम्मू-कश्मीर, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश में भी बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

Assam Flood News के अनुसार, असम में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 47 हो गई है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में ही छह लोगों की मौत हुई है। लगातार बारिश और नदियों के जलस्तर में वृद्धि के कारण हालात अभी भी गंभीर बने हुए हैं। प्रशासन ने कई संवेदनशील इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिया है।

असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, बाढ़ का असर अब 11 जिलों तक पहुंच चुका है। करीब 7 लाख 21 हजार से अधिक लोग इस आपदा से प्रभावित हैं। राज्य के 37 राजस्व सर्किलों और 883 गांवों में बाढ़ का पानी भर गया है। कई गांवों का संपर्क मुख्य सड़कों से टूट गया है, जबकि हजारों परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

लगातार बारिश के कारण ब्रह्मपुत्र सहित कई प्रमुख नदियां अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है, जिससे लोगों को राहत शिविरों में रहने के लिए मजबूर होना पड़ा है। प्रशासन लगातार जलस्तर की निगरानी कर रहा है और संभावित खतरे वाले क्षेत्रों में अलर्ट जारी किया गया है।

उधर, गुजरात में भी मानसून ने रिकॉर्ड बारिश दर्ज कराई है। कई जिलों में भारी वर्षा के कारण सड़कों पर पानी भर गया और सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। राहत एवं बचाव दल लगातार प्रभावित इलाकों में काम कर रहे हैं और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही बारिश के कारण कई पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। कई स्थानों पर सड़कें बाधित हो गई हैं और कुछ इलाकों में नदी-नाले उफान पर हैं। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की है।

राजस्थान में भी कई जिलों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने निचले इलाकों में जलभराव और अचानक बाढ़ जैसी परिस्थितियों को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है। स्थानीय प्रशासन संभावित प्रभावित क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए है।

हिमाचल प्रदेश में भी बारिश का दौर जारी है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़क अवरुद्ध होने की घटनाओं के चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन दल लगातार स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं और प्रभावित इलाकों में आवश्यक सहायता पहुंचाई जा रही है।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि सक्रिय मानसूनी सिस्टम के कारण अगले कुछ दिनों तक कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना बनी रह सकती है। ऐसे में नदियों का जलस्तर और बढ़ने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।

देशभर में राहत और बचाव एजेंसियां लगातार सक्रिय हैं। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाने, लोगों को सुरक्षित निकालने और आवश्यक सेवाएं बहाल करने में जुटे हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी राहत शिविरों में चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करा रही हैं।

प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करें, अफवाहों से बचें और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। विशेषज्ञों का मानना है कि सतर्कता और समय पर उठाए गए कदमों से जनहानि और नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

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