📰 चीन-फिलीपींस तनाव पर मंच से भिड़े फिलीपींस के रक्षा मंत्री, मंच पर पढ़ा चीन का नोट
🔹 सियोल डिफेंस डायलॉग में दक्षिण चीन सागर विवाद को लेकर आमने-सामने आए चीन और फिलीपींस, तेओदोरो ने चीन के रुख पर मंच से ही दिया करारा जवाब
दक्षिण चीन सागर को लेकर चीन और फिलीपींस के बीच चल रहा तनाव अब अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी खुलकर दिखाई देने लगा है। दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल में आयोजित Seoul Defense Dialogue 2026 के दौरान उस समय माहौल गरमा गया, जब फिलीपींस के रक्षा सचिव गिल्बर्टो तेओदोरो को भाषण के बीच चीन की स्थिति से जुड़ा एक लिखित नोट सौंपा गया। तेओदोरो ने नोट को नजरअंदाज करने के बजाय उसे मंच से ही पढ़कर सुनाया और चीन के रुख पर तीखी प्रतिक्रिया दी।
मंच पर अचानक पहुंचा चीन का नोट
गिल्बर्टो तेओदोरो सियोल डिफेंस डायलॉग में समुद्री सुरक्षा, दक्षिण चीन सागर और अंतरराष्ट्रीय कानून से जुड़े मुद्दों पर चर्चा कर रहे थे। इसी दौरान दर्शक दीर्घा की ओर से एक नोट उन्हें पहुंचाया गया। बाद में आयोजकों ने बताया कि यह नोट सियोल स्थित चीनी दूतावास के एक सैन्य अताशे की ओर से आया था। नोट को एक स्टाफ सदस्य के जरिए तेओदोरो तक पहुंचाया गया था।
नोट में दक्षिण चीन सागर विवाद को लेकर चीन की पुरानी स्थिति दोहराई गई थी। इसमें 2016 के Permanent Court of Arbitration (PCA) के फैसले को चीन ने अवैध और गैर-बाध्यकारी बताया था। चीन लंबे समय से इस फैसले को स्वीकार करने से इनकार करता रहा है।
तेओदोरो ने मंच से ही पढ़ा पूरा नोट
नोट मिलने के बाद तेओदोरो ने भाषण रोककर उसे सार्वजनिक रूप से पढ़ना शुरू कर दिया। उन्होंने नोट में लिखी चीन की दलीलों को एक-एक करके पढ़ा और कई बिंदुओं पर तुरंत जवाब दिया।
नोट में कहा गया था कि दक्षिण चीन सागर मध्यस्थता का फैसला अंतरराष्ट्रीय कानून के मूल सिद्धांतों का उल्लंघन करता है। इस पर तेओदोरो ने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर ऐसा है तो क्या चीन के लिए संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून यानी UNCLOS भी अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है?
इसके बाद नोट में 2016 के फैसले को अवैध और गैर-बाध्यकारी बताए जाने पर तेओदोरो ने चीन के रुख पर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि चीन इस फैसले को इसलिए स्वीकार नहीं करना चाहता क्योंकि वह UNCLOS के अधीन नहीं होना चाहता।
‘Of course, because you lost’
जब नोट में यह बात दोहराई गई कि चीन 2016 के फैसले को न तो स्वीकार करता है और न ही मान्यता देता है, तब तेओदोरो ने तंज कसते हुए कहा—“Of course, because you lost.”
उनकी इस टिप्पणी के बाद मंच पर मौजूद लोगों के बीच प्रतिक्रिया देखने को मिली। तेओदोरो ने इसके बाद चीन के इस तरीके की आलोचना करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर अनुचित व्यवहार बताया।
चीन पर ‘दबाव और डराने’ का आरोप
तेओदोरो ने कहा कि इस तरह मंच के बीच में नोट पहुंचाना सामान्य राजनयिक संवाद का तरीका नहीं है। उन्होंने चीन के रवैये को coercion, bullying and aggression यानी दबाव, डराने और आक्रामकता के तौर पर वर्णित किया।
उन्होंने यह भी कहा कि चीन को अंतरराष्ट्रीय कानून और बुनियादी शिष्टाचार का सम्मान करना चाहिए। तेओदोरो ने उस नोट को अपने पास रखने की बात भी कही और इसे चीन की स्थिति की याद के तौर पर रखने की बात कही।
दक्षिण चीन सागर विवाद क्यों है इतना महत्वपूर्ण?
दक्षिण चीन सागर एशिया का बेहद महत्वपूर्ण समुद्री क्षेत्र है। चीन इस क्षेत्र के बड़े हिस्से पर अपना दावा करता है, जबकि फिलीपींस सहित कई अन्य देश भी यहां अपने समुद्री अधिकारों का दावा करते हैं।
2016 में Permanent Court of Arbitration ने फिलीपींस की ओर से उठाए गए मामले में चीन के व्यापक ‘nine-dash line’ दावों को कानूनी आधार नहीं माना था और फिलीपींस के समुद्री अधिकारों से जुड़े दावों को समर्थन मिला था। चीन ने उस फैसले को स्वीकार नहीं किया और उसे ‘null and void’ यानी अमान्य बताया।
यही मुद्दा आज भी दोनों देशों के बीच तनाव की सबसे बड़ी वजहों में से एक बना हुआ है। समुद्र में दोनों देशों की गतिविधियों और दावों को लेकर कई बार टकराव की स्थिति पैदा हो चुकी है।
रिश्तों में बढ़ती तल्खी का एक और संकेत
सियोल डिफेंस डायलॉग की यह घटना ऐसे समय हुई है जब चीन और फिलीपींस के बीच रणनीतिक और समुद्री तनाव लगातार बना हुआ है। फिलीपींस हाल के वर्षों में अमेरिका और दूसरे साझेदार देशों के साथ अपनी सुरक्षा साझेदारी मजबूत कर रहा है, जबकि चीन दक्षिण चीन सागर में अपने दावों को लगातार दोहराता रहा है।
तेओदोरो खुद भी चीन की नीतियों को लेकर पहले कई बार कड़ा रुख अपना चुके हैं। सितंबर 2026 के इस घटनाक्रम ने एक बार फिर दिखाया कि दक्षिण चीन सागर का विवाद केवल समुद्री सीमा का मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि यह क्षेत्रीय सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति का बड़ा विषय बन चुका है।
फिलीपींस ने वीडियो भी किया साझा
घटना का वीडियो बाद में फिलीपींस के Department of National Defense की ओर से सोशल मीडिया पर साझा किया गया। वीडियो में तेओदोरो को मंच पर नोट पढ़ते और उसके अलग-अलग बिंदुओं पर प्रतिक्रिया देते देखा जा सकता है। इस वीडियो के सामने आने के बाद घटना को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा तेज हो गई है।
कुल मिलाकर, सियोल डिफेंस डायलॉग में हुआ यह घटनाक्रम चीन और फिलीपींस के बीच बढ़ते तनाव का एक और सार्वजनिक उदाहरण बन गया है। मंच पर नोट पढ़ने और उसी समय उसका जवाब देने के तेओदोरो के फैसले ने इस पूरे विवाद को और ज्यादा सुर्खियों में ला दिया है।

