Kanwar Yatra 2026: कांवड़ यात्रा शुरू, मेरठ से हरिद्वार और दिल्ली तक हाई अलर्ट; 40 हजार सुरक्षाकर्मी तैनात, ड्रोन से निगरानी
Kanwar Yatra 2026: सावन के पहले दिन कांवड़ यात्रा शुरू, मेरठ से हरिद्वार और दिल्ली तक हाई अलर्ट। 40 हजार सुरक्षाकर्मी तैनात, ड्रोन और सीसीटीवी से निगरानी जारी।
नई दिल्ली/हरिद्वार। सावन माह के पहले दिन से कांवड़ यात्रा 2026 का शुभारंभ हो गया है। हरिद्वार और ऋषिकेश के घाटों पर सुबह से ही लाखों शिवभक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। श्रद्धालु गंगाजल लेकर अपने-अपने राज्यों और शहरों की ओर रवाना हो रहे हैं। भारी भीड़ और लंबी यात्रा को देखते हुए उत्तर प्रदेश, दिल्ली और उत्तराखंड में सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
प्रशासन के अनुसार, इस वर्ष कांवड़ यात्रा में पिछले वर्षों की तुलना में अधिक श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। इसी को ध्यान में रखते हुए 40 हजार से अधिक पुलिसकर्मी, पीएसी और अर्धसैनिक बल के जवान पूरे कांवड़ मार्ग पर तैनात किए गए हैं। मेरठ, गाजियाबाद, मुजफ्फरनगर, हापुड़, मोदीनगर, मुरादनगर और दिल्ली-यूपी बॉर्डर जैसे संवेदनशील इलाकों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है।
ड्रोन और सीसीटीवी से हो रही निगरानी
सुरक्षा व्यवस्था को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने के लिए प्रशासन ने ड्रोन कैमरों और हाई-रिजॉल्यूशन सीसीटीवी कैमरों की मदद से लगातार निगरानी शुरू कर दी है। संवेदनशील चौराहों, घाटों, प्रमुख शिविरों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर कंट्रोल रूम से लाइव मॉनिटरिंग की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
हरिद्वार से दिल्ली तक यह है मुख्य कांवड़ मार्ग
प्रशासन के मुताबिक, कांवड़ यात्रा का प्रमुख मार्ग हरिद्वार से नारसन और पुरकाजी बॉर्डर होते हुए उत्तर प्रदेश में प्रवेश करता है। इसके बाद यह मार्ग मुजफ्फरनगर, खतौली, मेरठ, मोदीनगर, मुरादनगर और गाजियाबाद से होकर दिल्ली की ओर जाता है।
इसके अलावा मेरठ-हापुड़, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा और आगरा मार्ग पर भी बड़ी संख्या में कांवड़ियों के पहुंचने की संभावना जताई गई है। इन मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल और यातायात कर्मियों की तैनाती की गई है।
दिल्ली में 12 सुपर जोन बनाए गए
दिल्ली पुलिस ने कांवड़ यात्रा को देखते हुए राजधानी को 12 सुपर जोन, 33 जोन और 120 सेक्टरों में विभाजित किया है। यहां 8 हजार से अधिक पुलिसकर्मी, होमगार्ड और ट्रैफिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। प्रमुख मंदिरों, शिविरों और सीमा क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है।
वहीं उत्तर प्रदेश पुलिस ने लगभग 25 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों के साथ पीएसी की 35 से अधिक कंपनियां सुरक्षा व्यवस्था में लगाई हैं। हरिद्वार और आसपास के घाटों पर जल पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें भी तैनात हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य किया जा सके।
ट्रैफिक व्यवस्था में बड़े बदलाव
कांवड़ यात्रा के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और दिल्ली-देहरादून हाईवे पर भारी वाहनों की आवाजाही पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया गया है।
कई प्रमुख मार्गों पर वन-वे व्यवस्था लागू की गई है, जबकि एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और अन्य आपातकालीन सेवाओं के लिए अलग रूट निर्धारित किए गए हैं। प्रशासन ने आम यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले ट्रैफिक एडवाइजरी की जानकारी जरूर लें और जहां संभव हो वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें।
शराब, नॉनवेज और तेज डीजे पर रोक
कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण और धार्मिक वातावरण में संपन्न कराने के लिए कई प्रतिबंध भी लागू किए गए हैं। कांवड़ मार्ग पर स्थित शराब की दुकानें, नॉनवेज होटल और ढाबे यात्रा अवधि के दौरान बंद रखे जाएंगे।
इसके अलावा डीजे वाहनों पर अत्यधिक तेज आवाज में संगीत बजाने, भड़काऊ गीत चलाने और तलवार, भाला या अन्य धारदार हथियार ले जाने पर रोक लगाई गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
श्रद्धालुओं की सुविधा पर विशेष ध्यान
कांवड़ियों के लिए जगह-जगह विश्राम शिविर, चिकित्सा सहायता केंद्र, पेयजल व्यवस्था और मोबाइल शौचालय स्थापित किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी यात्रा मार्ग पर तैनात हैं ताकि गर्मी, थकान या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं की स्थिति में तुरंत उपचार उपलब्ध कराया जा सके।
अधिकारियों का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। पूरे यात्रा मार्ग पर पुलिस, प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियां 24 घंटे निगरानी कर रही हैं ताकि कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण, व्यवस्थित और सुरक्षित तरीके से संपन्न हो सके।

