Tiger Shroff Firing Case: सलमान खान थे शूटरों का पहला निशाना, पुलिस जांच में बड़ा खुलासा
टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: सलमान खान थे पहला निशाना? पुलिस जांच में सामने आया बड़ा दावा
मुंबई में बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग के मामले में जांच के दौरान एक अहम जानकारी सामने आई है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, मुंबई पुलिस से जुड़े सूत्रों का दावा है कि इस घटना में कथित रूप से शामिल शूटरों का शुरुआती निशाना अभिनेता सलमान खान थे। आरोप है कि सलमान खान के बांद्रा स्थित आवास की रेकी करने के बाद आरोपियों ने सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए अपनी योजना बदल दी और टाइगर श्रॉफ को निशाना बनाया।
18 अक्टूबर 2026 को मुंबई के जुहू इलाके में हुई इस घटना ने फिल्म इंडस्ट्री की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। टाइगर श्रॉफ की कार पर गोलियां चलाई गईं। घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और तीन संदिग्धों को राजस्थान के कोटा से गिरफ्तार किए जाने की खबर सामने आई। हालांकि, मामले में सामने आए आरोपों और पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी को अंतिम न्यायिक निष्कर्ष नहीं माना जाना चाहिए।
सलमान खान को निशाना बनाने की थी कथित योजना
हिंदुस्तान टाइम्स और इंडिया टुडे की 21 अक्टूबर 2026 की रिपोर्टों के अनुसार, जांच से जुड़े सूत्रों ने दावा किया कि आरोपियों ने शुरुआत में सलमान खान को निशाना बनाने की योजना बनाई थी। इसके लिए उनके बांद्रा स्थित गैलेक्सी अपार्टमेंट के आसपास की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने की बात कही गई है।
रिपोर्टों के मुताबिक, सलमान खान के घर के बाहर कड़ी सुरक्षा देखकर कथित हमलावरों ने उस योजना को आगे बढ़ाना जोखिम भरा समझा। इसके बाद टाइगर श्रॉफ की गतिविधियों और उनके जुहू स्थित फुटबॉल ग्राउंड आने-जाने की जानकारी के आधार पर उन्हें निशाना बनाने की आशंका जताई गई।
यह जानकारी फिलहाल जांच से जुड़े सूत्रों के हवाले से सामने आई है। इसलिए इसे आरोपियों की कथित योजना के रूप में ही देखा जाना चाहिए। मामले में सभी तथ्यों की पुष्टि जांच और आधिकारिक दस्तावेजों से होना बाकी है।
जुहू में टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 18 अक्टूबर की शाम मुंबई के जुहू इलाके में एक फुटबॉल ग्राउंड से निकलते समय टाइगर श्रॉफ की कार पर मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने गोलियां चलाईं। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, हमले में अभिनेता के ड्राइवर को गोली लगी, जबकि वहां मौजूद एक अन्य व्यक्ति भी घायल हुआ। टाइगर श्रॉफ के सुरक्षित रहने की जानकारी सामने आई। पुलिस ने घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की गतिविधियों की जांच की।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटीं कि घटना को किस तरह अंजाम दिया गया, आरोपियों ने अभिनेता की गतिविधियों पर नजर कैसे रखी और उन्हें कथित तौर पर किसका सहयोग मिला।
कोटा से तीन संदिग्ध गिरफ्तार
इस मामले में 19 अक्टूबर को राजस्थान के कोटा रेलवे स्टेशन से तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किए जाने की खबर सामने आई। टाइम्स ऑफ इंडिया और इंडिया टुडे की रिपोर्टों के मुताबिक, गिरफ्तारी के बाद मुंबई पुलिस ने मामले की आगे की जांच की दिशा में कदम बढ़ाए।
पुलिस की जांच का अहम हिस्सा आरोपियों के आपसी संपर्क, घटना से पहले और बाद की गतिविधियों तथा कथित आपराधिक नेटवर्क से उनके संबंधों का पता लगाना है। यह भी जांच का विषय है कि हमले में इस्तेमाल किए गए हथियार कहां से आए और घटना की योजना बनाने में किन लोगों की भूमिका रही।
गिरफ्तारी अपने आप में आरोप साबित होने का प्रमाण नहीं है। आरोपियों की भूमिका और घटना के पीछे की पूरी साजिश का निर्धारण जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही होगा।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग के दावे की भी जांच
फायरिंग की घटना के बाद सोशल मीडिया पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा होने का दावा करने वाले संदेश सामने आने की रिपोर्टें आईं। इनमें सलमान खान से जुड़े लोगों को धमकी दिए जाने की बात भी कही गई।
हालांकि, किसी गैंग के नाम से जारी संदेश या कथित जिम्मेदारी लेने वाले बयान को स्वतंत्र पुष्टि के बिना प्रमाणित तथ्य नहीं माना जा सकता। पुलिस को ऐसे संदेशों की प्रामाणिकता, उन्हें जारी करने वालों की पहचान और घटना से उनके संबंध की जांच करनी होती है।
टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग और सलमान खान को कथित रूप से निशाना बनाने की योजना के बीच संबंधों की जांच इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे हमले के पीछे की मंशा और संभावित सहयोगियों का पता लगाने में मदद मिल सकती है।
बॉलीवुड सितारों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर फिल्मी सितारों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं। सार्वजनिक स्थानों पर आने-जाने वाले कलाकारों की गतिविधियों की जानकारी सोशल मीडिया पर आसानी से उपलब्ध हो सकती है। ऐसे में किसी व्यक्ति की नियमित दिनचर्या का गलत इस्तेमाल किए जाने की आशंका सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बन सकती है।
सलमान खान पहले भी धमकियों के कारण सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा में रहे हैं। टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग की घटना के बाद प्रमुख कलाकारों और उनके आवासों की सुरक्षा पर भी ध्यान बढ़ा है।
हालांकि, इस मामले से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका और खतरे की वास्तविक प्रकृति का आकलन पुलिस की जांच के आधार पर ही किया जाना चाहिए। सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट दावों के आधार पर निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
अब जांच में किन सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं?
जांच एजेंसियों के सामने कई महत्वपूर्ण सवाल हैं। क्या सलमान खान को निशाना बनाने की कथित योजना और टाइगर श्रॉफ पर हुए हमले के बीच सीधा संबंध है? आरोपियों ने दोनों अभिनेताओं की गतिविधियों की जानकारी कैसे जुटाई? हथियारों की व्यवस्था किसने की और कथित धमकी भरे संदेशों के पीछे कौन था?
इन सवालों के जवाब जांच में जुटाए जा रहे साक्ष्यों, डिजिटल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर सामने आ सकते हैं।
फिलहाल, टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग का मामला मुंबई पुलिस की जांच के दायरे में है। सलमान खान को पहला निशाना बनाए जाने की खबर गंभीर जरूर है, लेकिन जांच पूरी होने और संबंधित तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि होने तक इसे पुलिस सूत्रों से सामने आया दावा ही माना जाना चाहिए।

