ईरानी मिसाइलों को जॉर्डन ने हवा में ही किया नाकाम, सेना बोली—देश की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं
अम्मान (जॉर्डन) | 10 जून 2026
मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच जॉर्डन ने बड़ा कदम उठाते हुए अपने हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने वाली कई ईरानी मिसाइलों को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट (नष्ट) करने का दावा किया है। जॉर्डन की सेना ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि देश की वायु रक्षा प्रणाली ने संभावित खतरे को समय रहते पहचान लिया और मिसाइलों को आबादी वाले इलाकों तक पहुंचने से पहले ही मार गिराया।
जॉर्डन के सैन्य अधिकारियों के अनुसार, ये मिसाइलें क्षेत्र में चल रहे संघर्ष के दौरान उसके हवाई क्षेत्र से गुजर रही थीं। हालांकि उनका अंतिम लक्ष्य जॉर्डन नहीं था, लेकिन किसी भी संभावित दुर्घटना या नुकसान को रोकने के लिए उन्हें इंटरसेप्ट करना आवश्यक था।
क्या कहा जॉर्डन की सेना ने?
जॉर्डन की सेना ने कहा कि देश की संप्रभुता और नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी विदेशी मिसाइल, ड्रोन या सैन्य वस्तु को बिना अनुमति जॉर्डन के हवाई क्षेत्र का उपयोग नहीं करने दिया जाएगा। सेना ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई केवल आत्मरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा के तहत की गई।
क्यों बढ़ी चिंता?
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। हालिया सैन्य घटनाओं के बाद पूरे मध्य पूर्व में सुरक्षा स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि क्षेत्रीय देशों का हवाई क्षेत्र इस तरह सैन्य गतिविधियों का हिस्सा बनता रहा, तो संघर्ष और व्यापक रूप ले सकता है।
नागरिकों पर क्या असर?
जॉर्डन सरकार ने लोगों से शांत रहने की अपील की है और कहा है कि सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं। मिसाइलों को समय रहते नष्ट कर दिए जाने के कारण किसी भी नागरिक हानि या संपत्ति के नुकसान की सूचना नहीं मिली है।
क्षेत्रीय और वैश्विक प्रतिक्रिया
इस घटना के बाद कई देशों ने मध्य पूर्व में संयम बरतने की अपील की है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय को चिंता है कि यदि सैन्य कार्रवाई और जवाबी हमले जारी रहे तो क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति दोनों प्रभावित हो सकती हैं।
फिलहाल स्थिति क्या है?
- जॉर्डन ने अपने हवाई क्षेत्र में कई ईरानी मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया।
- सेना ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा और आत्मरक्षा की कार्रवाई बताया।
- किसी नागरिक के हताहत होने की खबर नहीं है।
- मध्य पूर्व में सैन्य तनाव लगातार बढ़ रहा है।
- क्षेत्रीय देशों और वैश्विक शक्तियों की नजर हालात पर बनी हुई है।
यह घटना दर्शाती है कि मध्य पूर्व का मौजूदा संकट अब केवल दो देशों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि आसपास के देश भी इसकी चपेट में आने लगे हैं। आने वाले दिनों में क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति पर पूरी दुनिया की नजर रहेगी।

