अगले 5 दिन सक्रिय रहेगा मॉनसून, 16 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
16 राज्यों में भारी बारिश
नई दिल्ली: देशभर में एक बार फिर दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने रफ्तार पकड़ ली है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आगामी पांच दिनों के लिए देश के कई हिस्सों में व्यापक बारिश का अनुमान जताया है। विभाग के अनुसार दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ सहित कुल 16 राज्यों में हल्की से लेकर भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और समय-समय पर जारी होने वाले मौसम बुलेटिन पर नजर बनाए रखने की अपील की है।
आईएमडी के अनुसार, मॉनसून की सक्रियता बढ़ने के कारण उत्तर भारत, पूर्वी भारत और मध्य भारत के कई हिस्सों में अगले पांच दिनों तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। कुछ इलाकों में तेज बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं भी चल सकती हैं। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह सक्रिय मॉनसूनी प्रणाली कई क्षेत्रों में अच्छी वर्षा लेकर आएगी, लेकिन कुछ स्थानों पर जलभराव और यातायात प्रभावित होने जैसी समस्याएं भी पैदा हो सकती हैं।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग के मुताबिक दिनभर बादल छाए रहने के साथ शाम और रात के समय कुछ इलाकों में तेज बारिश हो सकती है। इसके साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की भी संभावना है। इससे तापमान में गिरावट आने और लोगों को उमस से राहत मिलने की उम्मीद है।
उत्तर प्रदेश में भी कई जिलों में अगले कुछ दिनों तक अच्छी बारिश की संभावना जताई गई है। विशेष रूप से पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं भारी वर्षा हो सकती है। किसानों के लिए यह बारिश खरीफ फसलों के लिहाज से लाभदायक मानी जा रही है, हालांकि निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने की आशंका भी व्यक्त की गई है।
बिहार में मौसम विभाग ने 24 से 26 जुलाई के बीच कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। प्रशासन को संभावित जलभराव और बाढ़ जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां रखने की सलाह दी गई है। लोगों से नदी-नालों के किनारे जाने से बचने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा न करने की अपील की गई है।
झारखंड में भी अगले कुछ दिनों तक अच्छी बारिश होने का अनुमान है। राज्य के कई जिलों में गरज-चमक के साथ वर्षा हो सकती है। इससे तापमान में कमी आने की संभावना है और कृषि गतिविधियों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने बिजली गिरने की आशंका वाले क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के पर्वतीय इलाकों के लिए विशेष सतर्कता जारी की गई है। लगातार बारिश के कारण भूस्खलन, सड़क अवरुद्ध होने और पहाड़ी क्षेत्रों में अचानक जलस्तर बढ़ने का खतरा बना रह सकता है। प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों से मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा करने की अपील की है।
राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में भी मध्यम से भारी बारिश का अनुमान है। इन राज्यों में वर्षा से जलाशयों का जलस्तर बढ़ सकता है और खेती के लिए भी अनुकूल परिस्थितियां बन सकती हैं। हालांकि शहरी क्षेत्रों में जलनिकासी की व्यवस्था को लेकर प्रशासन को सतर्क रहने की आवश्यकता होगी।
मौसम विभाग ने यह भी बताया है कि पूर्वोत्तर भारत और प्रायद्वीपीय क्षेत्रों में भी अगले कुछ दिनों तक व्यापक वर्षा जारी रहने की संभावना है। कई राज्यों में रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला देखने को मिल सकता है। इससे गर्मी से राहत मिलेगी, लेकिन संवेदनशील इलाकों में स्थानीय प्रशासन को निगरानी बनाए रखने की सलाह दी गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि सक्रिय मॉनसून कृषि क्षेत्र के लिए सकारात्मक संकेत है, क्योंकि इससे धान, मक्का, सोयाबीन और अन्य खरीफ फसलों को पर्याप्त नमी मिलेगी। वहीं शहरी क्षेत्रों में भारी बारिश के दौरान जलभराव, ट्रैफिक जाम और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने जैसी चुनौतियां सामने आ सकती हैं।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा अपडेट पर नजर रखें, जलभराव वाले क्षेत्रों से बचें, तेज बारिश और आकाशीय बिजली के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें तथा केवल आवश्यक होने पर ही यात्रा करें। फिलहाल अगले पांच दिनों तक देश के कई हिस्सों में मॉनसून पूरी तरह सक्रिय रहने की संभावना है और कई राज्यों में अच्छी बारिश का दौर जारी रह सकता है।

